PM मोदी रात 8.30 बजे देश को संबोधित करेंगे:  सब्जेक्ट पर सस्पेंस; कल लोकसभा की सीटें बढ़ाने वाला बिल पास नहीं करा पाई थी सरकार
टिपण्णी

PM मोदी रात 8.30 बजे देश को संबोधित करेंगे: सब्जेक्ट पर सस्पेंस; कल लोकसभा की सीटें बढ़ाने वाला बिल पास नहीं करा पाई थी सरकार

Spread the love


  • Hindi News
  • National
  • PM Narendra Modi LIVE Speech Update; Women Reservation Bill | BJP Lok Sabha Seats

नई दिल्ली2 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
PM ने गुरुवार को लोकसभा में महिला आरक्षण कानून में संशोधन से जुड़े बिलों पर स्पीच दी थी। - Dainik Bhaskar

PM ने गुरुवार को लोकसभा में महिला आरक्षण कानून में संशोधन से जुड़े बिलों पर स्पीच दी थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात 8:30 बजे देश को संबोधित करेंगे। वे किस मुद्दे पर बोलेंगे, यह अभी नहीं बताया गया है। माना जा रहा है कि मोदी महिला आरक्षण के लागू होने के मुद्दे और संसद में पिछले दो दिनों के दौरान हुई घटनाओं पर बात कर सकते हैं।

लोकसभा में शुक्रवार को महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान (131वां संशोधन) बिल पास नहीं हो सका था। इस बिल में लोकसभा सीटों को 543 से बढ़ाकर 816 करने और महिलाओं को 33% आरक्षण देने का प्रस्ताव था।

बिल के पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े, जबकि इसे पारित करने के लिए 352 वोटों की जरूरत थी। सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने शनिवार को कैबिनेट मीटिंग में कहा कि विपक्ष ने महिला आरक्षण का समर्थन न करके गलती की है और उन्हें इसके परिणाम भुगतने होंगे।

मोदी सरकार बिल पास कराने में पहली बार नाकाम

12 साल के शासन में यह पहला मौका था, जब मोदी सरकार सदन में कोई बिल पास नहीं करा पाई। अब महिला आरक्षण नई जनगणना के नतीजे आने से पहले लागू नहीं होगा, यानी 2029 के लोकसभा चुनाव में इसका फायदा नहीं मिलेगा।

सरकार ने दो बिल वोटिंग के लिए पेश ही नहीं किए

  • पहला- परिसीमन संशोधन संविधान बिल 2026
  • दूसरा- केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल 2026

सरकार ने इन पर वोटिंग कराने से इनकार कर दिया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि दोनों पहले बिल से जुड़े हुए हैं, इसलिए इन पर अलग से वोटिंग कराने की जरूरत नहीं है।

तीन बिल, जिनके लिए संसद का विशेष सत्र बुलाया था

24 साल बाद कोई सरकारी बिल गिरा

2002 के आतंकवाद निवारण बिल (पोटा) के बाद संसद में पराजित होने वाला पहला सरकारी विधेयक है।

1990 के संविधान (64वां संशोधन) बिल के बाद लोकसभा में गिरने वाला पहला संविधान संशोधन विधेयक है।

महिला आरक्षण और परिसीमन का कनेक्शन

सरकार ने लोकसभा में तीन बिल पेश किए थे। इसमें संविधान (131वां) संशोधन बिल, परिसीमन संशोधन संविधान बिल 2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल 2026 शामिल थे। महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33% सीटें महिलाओं के लिए रिजर्व होंगी। हालांकि यह अब 2034 तक लागू होगा।

इसके लिए परिसीमन की जरूरत है। परिसीमन का मतलब है कि देश की आबादी के आधार पर लोकसभा और विधानसभा की सीटों की सीमाएं और संख्या तय करना। यह काम एक परिसीमन आयोग करता है। पहले तय होगा कि किस राज्य में कितनी सीटें होंगी। किन इलाकों की सीमाएं क्या होंगी। उसके बाद ही आरक्षण तय हो पाएगा।

——————————–

लोकसभा में बिल गिरने से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें…

प्रियंका बोलीं-सीटें बढ़ाना सत्ता में बने रहने की साजिश थी:हमें महिला विरोधी कहकर मसीहा नहीं बन सकते; खुश हूं कि विपक्ष ने विरोध किया

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने शनिवार को कहा, ‘कल लोकसभा में जो हुआ वो लोकतंत्र की बहुत बड़ी जीत है। सरकार परिसीमन और महिला आरक्षण के जरिए सत्ता में बने रहने की साजिश कर रही थी।’ उन्होंने कहा, ‘मैं बहुत खुश हूं कि लोकसभा में सीटें बढ़ाने के लिए लाया गया बिल गिर गया। सत्ता पक्ष हमें महिला विरोधी कहकर मसीहा नहीं बन सकता।’ पूरी खबर पढ़ें…

लोकसभा में सीटें बढ़ाने वाला बिल क्यों गिरा:पीएम मोदी की अपील भी काम न आई; क्या सरकार ने जानबूझकर ऐसा किया, जानिए पूरी कहानी

17 अप्रैल को दोपहर करीब 2 बजे प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए राजनीतिक दलों से महिला आरक्षण के पक्ष में मतदान करने की अपील की। पीएम की अपील और तमाम लामबंदियों के बावजूद लोकसभा में सीटें बढ़ाने वाला केंद्र सरकार का बिल लोकसभा में पास नहीं हो सका। भास्कर एक्सप्लेनर में पढ़िए इसके राजनीतिक नफा-नुकसान ही पूरी कहानी…

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *