हाथरस शहर की गलियां अब भी वैसी ही हैं, लेकिन इनमें खेलते बच्चों का शोर व घरों का माहौल बदल गया है। कभी जिन घरों के आंगन ठहाकों से गूंजते थे, वहां अब सन्नाटा पसरा रहता है। एक ऐसा सन्नाटा, जिसमें केवल नोटिफिकेशन की टिंग-टिंग और टीवी पर होने वाली चिल्लाहट सुनाई देती है। हाथरस […]





