रसरंग में मायथोलॉजी:  राजधर्म की धारणा को कार्तिकेय की कथा से ऐसे समझें
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रसरंग में मायथोलॉजी: राजधर्म की धारणा को कार्तिकेय की कथा से ऐसे समझें

करीब 400 वर्ष पहले केरल में प्रचलित हुई कुछ दंतकथाएं हमें उसके रहस्यमय अतीत की ओर ले जाती हैं। इन कथाओं के अनुसार, जिस भूमि पर आज केरल स्थित है, उसे परशुराम ने समुद्र से प्राप्त कर ब्राह्मणों को सौंप दिया था। लेकिन समय के साथ ब्राह्मण समुदाय के भीतर इस भूमि के शासन को […]

रसरंग में मायथोलॉजी:  धागों में छिपी हैं मनुष्यों और देवताओं की कथाएं
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रसरंग में मायथोलॉजी: धागों में छिपी हैं मनुष्यों और देवताओं की कथाएं

प्राणी जगत में केवल मनुष्य ही बुनाई करके कपड़े पहनते हैं। शुरुआत में हम जानवरों की खाल से अपने शरीर को ढकते थे। समय के साथ हम पेड़-पौधों की छाल और पत्तों का उपयोग करने लगे। फिर पौधों के तंतुओं को हल्के से गूंथकर पहनने की परंपरा शुरू हुई। अंततः हममें बुनाई की कला विकसित […]