अअनुबंधित

रसरंग में मेरे हिस्से के किस्से: न्यूयॉर्क में लौटीं ‘आ अब लौट चलें’ की यादें

इन दिनों मैं विदेश यात्रा पर हूं। पहले लंदन गया, फिर अमेरिका पहुंचा और अमेरिका के कुछ शहर देखने के बाद इस समय मैं न्यूयॉर्क शहर में हूं। जब से प्लेन में बैठा हूं, तब से मुझे अमेरिका में बनी फिल्मों की शूटिंग के दौरान के किस्से याद आ रहे हैं। अमेरिका में मैंने दो […]

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इन दिनों मैं विदेश यात्रा पर हूं। पहले लंदन गया, फिर अमेरिका पहुंचा और अमेरिका के कुछ शहर देखने के बाद इस समय मैं न्यूयॉर्क शहर में हूं। जब से प्लेन में बैठा हूं, तब से मुझे अमेरिका में बनी फिल्मों की शूटिंग के दौरान के किस्से याद आ रहे हैं। अमेरिका में मैंने दो […]

रीटा कोठारी का कॉलम:  हम हमेशा नई चीजें नहीं खोजते, जाने-पहचाने में भी सुकून है…
टिपण्णी

रीटा कोठारी का कॉलम: हम हमेशा नई चीजें नहीं खोजते, जाने-पहचाने में भी सुकून है…

Hindi News Opinion Reeta Kothari Column: Comfort In Familiar Films, Not Always New Discoveries 5 घंटे पहले कॉपी लिंक रीटा कोठारी अशोका यूनिवर्सिटी में अंग्रेजी की प्रोफेसर और भाषाविद् कैसी है पिक्चर?- मैंने पूछा। ‘इट्स अ वन टाइम वॉच’- मुझे जवाब मिला। छोड़ो पैसे बचे, टाइम बचा, मैंने अपने आपसे कहा। बात आई-गई हो गई। […]