टिपण्णी

चेतन भगत का कॉलम: सिविक-सेंस सुधारे बिना हम विकसित नहीं कहला सकते

इंटरनेट पर ‘डु इंडियंस लैक सिविक-सेंस’ खोजकर देखिए और आप चकित रह जाएंगे। ऐसे कंटेंट की भरमार है, जिसमें लोग हमारे नागरिकता-बोध पर खेद जताते नजर आते हैं। बात सड़कों, पर्यटन स्थलों, हिल स्टेशनों पर कूड़ा फेंकने तक ही सीमित नहीं है, दुनिया के प्रमुख पर्यटन स्थलों- जैसे बुर्ज खलीफा, एफिल टावर या वियतनाम की […]