एन. रघुरामन का कॉलम:  ‘प्लेटफॉर्म इकोनॉमी’ हमारे रोजगार मॉडल को बदल रही है
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एन. रघुरामन का कॉलम: ‘प्लेटफॉर्म इकोनॉमी’ हमारे रोजगार मॉडल को बदल रही है

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column – The ‘Platform Economy’ Is Transforming Our Employment Model 7 मिनट पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन मैनेजमेंट गुरु चीन के झेजियांग प्रांत के वेनझोउ में रहने वाले लेन लू की नई शादी हुई थी और वे कुछ अतिरिक्त कमाई तलाश रहे थे। तभी उन्हें ‘शियानयू’ (चीनी भाषा में अनुपयोगी […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  भविष्य में आपका मकान ही आपकी दुकान बन सकता है
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एन. रघुरामन का कॉलम: भविष्य में आपका मकान ही आपकी दुकान बन सकता है

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column: In The Future, Your Home Could Become Your Shop 4 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन मैनेजमेंट गुरु मै क्सिकन ईटरी चलाने वाले रेमे जिमेनेज दो साल पहले पिता और दो भाई-बहनों के गुजरने के बाद लॉस एंजेलिस आ गए। मां को सहारे की जरूरत थी तो रेमे ने […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  क्या पड़ोसी की अमीर लाइफस्टाइल से खुद को गरीब महसूस करते हैं
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एन. रघुरामन का कॉलम: क्या पड़ोसी की अमीर लाइफस्टाइल से खुद को गरीब महसूस करते हैं

एक मॉर्निंग वॉकर ने कहा, ‘मेरे पड़ोसी ने अक्षय तृतीया पर बिना लोन के ऑडी खरीदी है।’ बात जब तक पूरी होती, दूसरे ने कहा कि ‘क्या कह रहे हो? मेरे पड़ोसी ने भी कल मर्सिडीज ली है। क्या संयोग है।’ सोमवार को पवई प्रोमेनेड पर मॉर्निंग वॉक के दौरान बातचीत ऐसे शुरू हुई। सच […]

रुचिर शर्मा का कॉलम:  एआई के चलते बेरोजगारी फैलने का अंदेशा कम ही है
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रुचिर शर्मा का कॉलम: एआई के चलते बेरोजगारी फैलने का अंदेशा कम ही है

हर तकनीकी क्रांति अपने साथ ये अंदेशे लेकर आती है कि इनोवेशन की मार नौकरियों पर पड़ेगी। इतिहास में अभी तक ये अंदेशे कभी सच साबित नहीं हुए। लेकिन एआई की बात और है। इसमें सच में ही इतनी क्षमता है कि वह अनेक कार्य मनुष्यों की तरह- या उनसे कहीं बेहतर कर सकता है। […]

रुचिर शर्मा का कॉलम:  एआई के चलते बेरोजगारी फैलने का अंदेशा कम ही है
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रुचिर शर्मा का कॉलम: एआई के चलते बेरोजगारी फैलने का अंदेशा कम ही है

हर तकनीकी क्रांति अपने साथ ये अंदेशे लेकर आती है कि इनोवेशन की मार नौकरियों पर पड़ेगी। इतिहास में अभी तक ये अंदेशे कभी सच साबित नहीं हुए। लेकिन एआई की बात और है। इसमें सच में ही इतनी क्षमता है कि वह अनेक कार्य मनुष्यों की तरह- या उनसे कहीं बेहतर कर सकता है। […]