नीरज कौशल का कॉलम:  हमें लगता है कि एआई फ्री है जबकि सच्चाई कुछ और है
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नीरज कौशल का कॉलम: हमें लगता है कि एआई फ्री है जबकि सच्चाई कुछ और है

जनरेटिव एआई विस्मय और भय दोनों उत्पन्न करता है। आने वाला कल इसी का है, लेकिन वो कल कैसा होगा? कुछ पूर्वानुमान तो ऐसे परिदृश्य की ओर ले जाते हैं, जहां व्यापक सर्विलांस, भावनात्मक पहचान और ऑटोमेटेड कंटेंट जनरेशन की मदद से एआई समाज को नियंत्रित करेगा। लेकिन ऐसी बातों को एक तरफ रख भी […]

चार्ल्स फर्ग्यूसन का कॉलम:  डीपफेक और गलत सूचनाओं के ढेर में सच्चाई को कहां खोजें?
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चार्ल्स फर्ग्यूसन का कॉलम: डीपफेक और गलत सूचनाओं के ढेर में सच्चाई को कहां खोजें?

कभी-कभी कुछ घटनाएं हमसे विशेष प्रतिक्रिया की मांग करती हैं। विश्व युद्धों, परमाणु हथियारों की ईजाद और शीत युद्ध के समय ऐसा ही हुआ था। जनरेटिव एआई को भी मैं इसी श्रेणी में रखता हूं। और इसके बावजूद एआई पर होने वाली चर्चाएं अकसर अलग-अलग खांचों में बंटी रहती हैं। तकनीकविद् इस बिंदु पर तो […]