रीटा कोठारी का कॉलम:  चीजों के पूरा होने और उनके धीरे-धीरे खुलने में फर्क है
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रीटा कोठारी का कॉलम: चीजों के पूरा होने और उनके धीरे-धीरे खुलने में फर्क है

Hindi News Opinion Reeta Kothari Column | Understanding Half Love & Modern Relationships 5 घंटे पहले कॉपी लिंक रीटा कोठारी अशोका यूनिवर्सिटी में अंग्रेजी की प्रोफेसर और भाषाविद् ‘प्यार’ कोई भौतिक चीज नहीं है। इसलिए जब हम ‘आधा इश्क’ या ‘हाफ लव’ कहते हैं, तो इसका क्या अर्थ होता है? जब प्यार या इश्क ‘आधा’ […]

प्रो. चेतन सिंह सोलंकी का कॉलम:  ये पृथ्वी हमारा बड़ा घर है, अपने घर की तरह इसे भी साफ-सुथरा रखें
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प्रो. चेतन सिंह सोलंकी का कॉलम: ये पृथ्वी हमारा बड़ा घर है, अपने घर की तरह इसे भी साफ-सुथरा रखें

Hindi News Opinion Prof Chetan Singh Solanki Column: Earth Is Our Big Home, Keep It Clean! 10 घंटे पहले कॉपी लिंक प्रो. चेतन सिंह सोलंकी आईआईटी बॉम्बे में प्रोफेसर हमारे दो घर होते हैं- एक छोटा और एक बड़ा। एक घर तो वह चारदीवारी है, जिसे हम अपना घर मानते हैं। उसमें हमारा सोफा होता […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  अवसरों को खोजने से ज्यादा उन्हें पहचानना आवश्यक है
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: अवसरों को खोजने से ज्यादा उन्हें पहचानना आवश्यक है

Hindi News Opinion Pandit Vijayshankar Mehta Column: Recognize Opportunities, Dont Just Find Them 2 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता सभी लोग, जिनकी स्मृतियां थोड़ी ताजी हैं, जब स्कूल में पढ़ते थे तो उन्हें याद होगा कि वो किस श्रेणी में थे। तो जो लोग उस समय बहुत तेज दिमाग थे, फ्रंट लाइन पर […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  जब कभी भी हमारा अपमान हो तो उससे विचलित ना हों
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: जब कभी भी हमारा अपमान हो तो उससे विचलित ना हों

Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta: Ego Hinders Lifes Journey | Hindi Column 2026 3 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता अपने भक्त का हित करने का ढंग भी भगवान का निराला है। जैसे किसी बच्चे को फोड़ा हो जाए तो उसकी मां उसका इलाज कराती है। उसमें भी पीड़ा है, लेकिन मां […]

रीता राममूर्ति का कॉलम:  बचपन से ही पढ़ने की आदत डालें तो जीवन बदल जाता है
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रीता राममूर्ति का कॉलम: बचपन से ही पढ़ने की आदत डालें तो जीवन बदल जाता है

Hindi News Opinion Reeta Ramamurthy Column: Reading Habit From Childhood Transforms Life 4 घंटे पहले कॉपी लिंक रीता राममूर्ति गुप्ता लेखिका और रीडिंग कोच अधिकांश पैरेंट्स बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करना चाहते हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं पता होता कि इसकी शुरुआत कैसे करें। वे स्क्रीन के खिलाफ लड़ाई भी हार जाते हैं। […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  क्षमा की दाल और धैर्य की रोटी हाजमा नहीं बिगाड़ती है
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: क्षमा की दाल और धैर्य की रोटी हाजमा नहीं बिगाड़ती है

हमारे देश में भोजन के लिए दो प्रतिनिधि शब्द हैं- दाल-रोटी। इसमें समूचा भोजन समा जाता है। कहते हैं पाचन के लिए सबसे सुविधाजनक भोजन यही है। बाकी डिश तो फिर इनका विस्तार हैं। पाचन-शक्ति अच्छी होनी भी चाहिए। अब हम एक भोजन और करने लगे हैं आजकल, और वह है क्रोध। कम लोग जानते […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  मन निरंकुश हो तो परिजनों से हमारे संबंध खराब हो जाते हैं
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: मन निरंकुश हो तो परिजनों से हमारे संबंध खराब हो जाते हैं

हमारा मन जहां चाहे, जैसे चाहे, खुद भी दौड़ता है और हमें भी भटकाता है। किसी व्यक्ति-परिस्थिति को देखकर ऐसी लंबी छलांग लगाता है कि हम खुद ही परेशान हो जाते हैं। जब हमारा मन गृहस्थी में निरंकुश होता है, तब परिजनों से हमारे संबंध खराब हो जाते हैं। हमारी सोच निगेटिव हो जाती है, […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  हमें क्या चाहिए- संस्कृति में बदलाव या सख्त कार्रवाई
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एन. रघुरामन का कॉलम: हमें क्या चाहिए- संस्कृति में बदलाव या सख्त कार्रवाई

1. ‘मैं डॉक्टर बनना चाहता था। मैं हमेशा अच्छे नंबर लाने के लिए पढ़ाई करता था। लेकिन जापानियों ने मुझे बताया कि पढ़ाई क्यों जरूरी है। वहां शिक्षा का मूल सिद्धांत यह है कि तकनीक में प्रगति जिज्ञासा की वजह से हुई है।’ 2. ‘पूरा देश स्वच्छ है। हमें वहां प्लास्टिक का टुकड़ा भी नहीं […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  कोई दुर्भाग्य इतना बड़ा नहीं होता कि सौभाग्य को पी जाए
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: कोई दुर्भाग्य इतना बड़ा नहीं होता कि सौभाग्य को पी जाए

Hindi News Opinion Pandit Vijayshankar Mehta Column: No Misfortune Overwhelms Good Fortune 2 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता कुछ लोगों ने गलत काम किया और एक बड़ी परीक्षा रद्द हो गई। अब बच्चे गलत कदम ना उठा लें। विद्रोह, घुटन, निराशा स्वाभाविक है। परीक्षा की साख तो दांव पर लग ही गई, अब […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  थोड़ी-सी समझ भी अगर दिखाएं तो रिश्ता बच जाता है
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: थोड़ी-सी समझ भी अगर दिखाएं तो रिश्ता बच जाता है

Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta’s Column: A Relationship Can Be Saved If You Show Even A Little Understanding 5 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता वैसे तो पूरी दुनिया में हम तलाक के मामले में सबसे पीछे हैं, लेकिन पिछले 5-7 साल में वृद्धि हुई है। लोग तनावपूर्ण दाम्पत्य जीवन से शांतिपूर्ण अलगाव […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  अब हमारे परिवारों में रिवर्स मेंटरिंग का समय आ गया है
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: अब हमारे परिवारों में रिवर्स मेंटरिंग का समय आ गया है

हमारे परिवारों में देखते ही देखते हम लोगों ने विभेद खड़े कर दिए। परिवार में सब समान होते हैं, ये विचार ही नई सोच की आंधी में उड़ गया। निज-हित की अति ने परिवार में कलह, विघटन को आमंत्रण दे दिया। बड़े-छोटे का झंझट अहंकार को पोषित कर रहा है और अहंकार परिवारों का सबसे […]

रश्मि बंसल का कॉलम:  किसी को खरोंच मार के नहीं, अपने दम पर ही सफलता पाइए
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रश्मि बंसल का कॉलम: किसी को खरोंच मार के नहीं, अपने दम पर ही सफलता पाइए

Hindi News Opinion Rashmi Bansal Column: Success Through Self Effort, Not By Hurting Others 10 घंटे पहले कॉपी लिंक रश्मि बंसल, लेखिका और स्पीकर कई साल मेरे पास लाइसेंस था, पर ड्राइव नहीं करती थी। डर लगता था। इस देश की सड़कों पर गाड़ी चलाना मतलब आप एक वीडियो गेम के किरदार से कम नहीं। […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  ‘मनचाहा’ और ‘अनचाहा’ के बीच झूलता रहता है जीवन
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: ‘मनचाहा’ और ‘अनचाहा’ के बीच झूलता रहता है जीवन

धन मेहनत से आता है, लेकिन समृद्धि अपने साथ दूसरों को धनवान बनाने से भी आती है। जब हम विकास यात्रा में हों तो किसी को पीछे भले छोड़ दें, उसको बर्बाद ना करें। अपने प्रयासों से आगे बढ़ जाएं। जो पीछे रह गया, यदि वो नादान है तो खुद बर्बाद हो जाएगा, लेकिन हमारी […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  बुढ़ापे में कम से कम इतना जरूर करें कि मन हल्का रखें
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: बुढ़ापे में कम से कम इतना जरूर करें कि मन हल्का रखें

आजकल की पीढ़ी के मुंह से कभी-कभी यह बात सुनाई देती है कि मैं चीजों को दिल पर नहीं लेता या लेती हूं। यानी ये लोग जिम्मेदारियों को भी बहुत लाइटली ले लेते हैं। कहते हैं कि दिल पर लेना भी फायदेमंद होता है। कभी-कभी दर्द भी जुनून पैदा करता है। अब हम इसी बात […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  इस ‘समर चैलेंज’ को जीतकर बनें विजेता
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एन. रघुरामन का कॉलम: इस ‘समर चैलेंज’ को जीतकर बनें विजेता

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column: Win This ‘Summer Challenge’ And Emerge A Winner 3 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु गर्मी के इस सीजन में सिर्फ तापमान नहीं बढ़ रहा, बल्कि घर के खर्चों में भी उछाल आ रहा है। जिन लोगों ने नए एयर कंडीशनर या स्टेबलाइजर्स की ‘पैनिक बाइंग’ से […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  पक्के इरादे का बीज आपको त्याग से सफलता तक ले जाता है
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एन. रघुरामन का कॉलम: पक्के इरादे का बीज आपको त्याग से सफलता तक ले जाता है

सफलता उन्हीं को मिलती है, जो समाज के तानों, शारीरिक सीमाओं या अनजान चीजों के डर से नहीं डिगते। यहां दो उदाहरण पेश हैं। 1. ईश्वर ने हर प्रजाति की मां को शक्ति दी है कि वह अपनी भूख पर काबू करके बच्चों को खिला सके। इंसान इसमें सबसे आगे हैं। चाहे वे बहुत भूखे […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  अपने काम से प्रेम करिए तो कर्म बोझ नहीं लगेगा
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: अपने काम से प्रेम करिए तो कर्म बोझ नहीं लगेगा

Hindi News Opinion Pandit Vijayshankar Mehta: Love Your Work, Karma Wont Feel Like A Burden 4 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता आजकल ट्रांसफरेबल स्किल्स का जमाना है। इसे सीधी भाषा में कहें तो किसी एक काम में दूसरे काम के कौशल को उतारना। जैसे इंटरपर्सनल कम्युनिकेशन, समय प्रबंधन, डेटा विश्लेषण। एक ही काम […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  चरित्र अंतिम प्राथमिकता बना इसलिए लोग देह पर टिक गए
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: चरित्र अंतिम प्राथमिकता बना इसलिए लोग देह पर टिक गए

Hindi News Opinion Vijay Shankar Mehta Column: Character Priority Lost, People Focused On Body 53 मिनट पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता दुनिया में तीन ही समस्याएं हैं। पहली, पैसा होना या न होना। दूसरी, पुरुष के जीवन में स्त्री का होना या न होना। और तीसरी, स्त्री के जीवन में पुरुष का होना या […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  चरित्र अंतिम प्राथमिकता बना इसलिए लोग देह पर टिक गए
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: चरित्र अंतिम प्राथमिकता बना इसलिए लोग देह पर टिक गए

Hindi News Opinion Vijay Shankar Mehta Column: Character Priority Lost, People Focused On Body 3 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता दुनिया में तीन ही समस्याएं हैं। पहली, पैसा होना या न होना। दूसरी, पुरुष के जीवन में स्त्री का होना या न होना। और तीसरी, स्त्री के जीवन में पुरुष का होना या […]

रश्मि बंसल का कॉलम:  थोड़ा खट्टा, थोड़ा नमकीन भी चलेगा, बस कड़वाहट से दूर रहें…
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रश्मि बंसल का कॉलम: थोड़ा खट्टा, थोड़ा नमकीन भी चलेगा, बस कड़वाहट से दूर रहें…

Hindi News Opinion Rashmi Bansal Column: Lifes Lessons Bitter Sweet Is Fine, Avoid Bitterness 2 घंटे पहले कॉपी लिंक रश्मि बंसल, लेखिका और स्पीकर मेरे साथ आईआईएम में पढ़ी एक सहेली अचानक चल बसी। 31 दिसंबर को वॉट्सएप पर मैसेज आया था कि सांस लेने में कुछ दिक्कत है, हॉस्पिटल में भर्ती हूं। 17 जनवरी […]

रश्मि बंसल का कॉलम:  थोड़ा खट्टा, थोड़ा नमकीन भी चलेगा, बस कड़वाहट से दूर रहें…
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रश्मि बंसल का कॉलम: थोड़ा खट्टा, थोड़ा नमकीन भी चलेगा, बस कड़वाहट से दूर रहें…

Hindi News Opinion Rashmi Bansal Column: Lifes Lessons Bitter Sweet Is Fine, Avoid Bitterness 6 घंटे पहले कॉपी लिंक रश्मि बंसल, लेखिका और स्पीकर मेरे साथ आईआईएम में पढ़ी एक सहेली अचानक चल बसी। 31 दिसंबर को वॉट्सएप पर मैसेज आया था कि सांस लेने में कुछ दिक्कत है, हॉस्पिटल में भर्ती हूं। 17 जनवरी […]