रसरंग में मायथोलॉजी:  धागों में छिपी हैं मनुष्यों और देवताओं की कथाएं
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रसरंग में मायथोलॉजी: धागों में छिपी हैं मनुष्यों और देवताओं की कथाएं

प्राणी जगत में केवल मनुष्य ही बुनाई करके कपड़े पहनते हैं। शुरुआत में हम जानवरों की खाल से अपने शरीर को ढकते थे। समय के साथ हम पेड़-पौधों की छाल और पत्तों का उपयोग करने लगे। फिर पौधों के तंतुओं को हल्के से गूंथकर पहनने की परंपरा शुरू हुई। अंततः हममें बुनाई की कला विकसित […]