मनुष्य जीवन का सबसे बड़ा उद्देश्य क्या है? ये सवाल मुझसे बहुत पूछा जाता है। इसका सीधा उत्तर है, अगर आप इंसान बनाए गए हैं तो अपने इंसान होने का वो लक्षण जीवन में पकड़ा जाए, जो आपको पशु से अलग करता है। वो है आत्मा का बोध। पशु आत्मा को स्पष्ट नहीं कर सकते। […]
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: आत्मा तक जाने का जो गलियारा है, वो मानवता है
मनुष्य जीवन का सबसे बड़ा उद्देश्य क्या है? ये सवाल मुझसे बहुत पूछा जाता है। इसका सीधा उत्तर है, अगर आप इंसान बनाए गए हैं तो अपने इंसान होने का वो लक्षण जीवन में पकड़ा जाए, जो आपको पशु से अलग करता है। वो है आत्मा का बोध। पशु आत्मा को स्पष्ट नहीं कर सकते। […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: स्वयं प्रयास करने पर सत्य की संभावना बढ़ जाती है
Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta’s Column: The Probability Of Truth Increases Through Personal Effort 9 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता मशीन और मानवता का खुलेआम मुकाबला हो रहा है। विज्ञान की आंधी में मानवता बिजूके की तरह उड़ गई है। मानवीय प्रयास- जिसको हम लोग मैन्युअल कहते हैं- उसे करते समय हम […]
एन. रघुरामन का कॉलम: ‘कोविड-दयालुता’ की भावना को फिर से जगाने की जरूरत है
1960 के दशक के उत्तरार्ध में एक दिन मैंने नागपुर के सीताबर्डी की मुख्य सड़क पर स्थित ‘विश्रांति गृह’ नामक रेस्तरां के बाहर अपनी साइकिल खड़ी की, ताकि वहां बैठी दंतविहीन वृद्धा से कुछ गजरे खरीद सकूं। जैसे ही वे उन्हें पैक करने लगीं, रेस्तरां के भीतर से एक वेटर बाहर आया और उन्हें पत्ते […]
UP: मथुरा में मंच पर लड़खड़ाए एसडीएम, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने तुरंत थामा हाथ; इसलिए VIDEO हो रहा वायरल
{“_id”:”69e1cffa21d42549560aadc7″,”slug”:”mathura-sdm-stumbles-on-stage-deputy-cm-brajesh-pathak-rushes-to-help-gesture-wins-hearts-2026-04-17″,”type”:”feature-story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”UP: मथुरा में मंच पर लड़खड़ाए एसडीएम, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने तुरंत थामा हाथ; इसलिए VIDEO हो रहा वायरल”,”category”:{“title”:”City & states”,”title_hn”:”शहर और राज्य”,”slug”:”city-and-states”}} डिप्टी सीएम ने पकड़ा एसडीएम का हाथ – फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी विस्तार उत्तर प्रदेश के मथुरा में श्रीराम कथा के दौरान एसडीएम सदर अभिनव जे. जैन के मंच पर […]
Javed Akhtar Condemns Taliban Law on Domestic Violence
5 घंटे पहले कॉपी लिंक बॉलीवुड के जाने-माने गीतकार और पटकथा लेखक जावेद अख्तर ने तालिबान के उस नए कानून की कड़ी निंदा की है, जिसमें घरेलू हिंसा को जायज बताया गया है। उन्होंने इसे धर्म के नाम पर इंसानियत का अपमान कहा और भारतीय मौलवियों-मुफ्तियों से बिना शर्त इसे खारिज करने की अपील की। […]
प्रियदर्शन का कॉलम: एक युद्ध से निकलकर दूसरे की ओर चली जाती मनुष्यता
अपनी कविता ‘युद्ध नायक’ में श्रीकांत वर्मा लिखते हैं- ‘अभी / कल ही की तो बात है / ढाका / एक मांस के लोथड़े की तरह / फेंक दिया गया था / युद्ध कब शुरू हुआ था हिन्द-चीन में? / हृदय में दो करोड़ साठ लाख घाव लिए / वियतनाम / बीसवीं सदी के बीच […]
लेसन्स फ्रॉम ग्रेट थिंकर्स: लोग परेशानियां याद रखते हैं, खुशियां नहीं
2 घंटे पहले कॉपी लिंक फ्योदोर दोस्तोयेव्स्की रूसी और विश्व साहित्य के सबसे महान उपन्यासकार, कथाकार, निबंधकार व पत्रकारों में एक थे। उनका जन्म 11 नवंबर 1821 को और निधन 9 फरवरी 1881 को हुआ था। किसी और के सही रास्ते पर चलने से बेहतर है अपनी गलती का ही रास्ता चुना जाए। मनुष्य अपनी […]











