अमेरिका में 4 से 8 साल की उम्र के बच्चों पर साल भर तक चले एक लंबे अध्ययन में पाया गया कि जब श्वेत बच्चे टीवी प्रोग्राम्स में अलग-अलग नस्लों के लोगों को साथ देखते हैं तो इससे उनके मन में किसी के प्रति भेदभाव विकसित नहीं होता। इस सोमवार को जर्नल ऑफ अमेरिकन साइकोलॉजिस्ट्स […]
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एन. रघुरामन का कॉलम: अपने वयस्क बच्चे को आप क्या देना चाहते हैं– सीख या लग्जरी
यह 1978 का साल था। भारत के अंधेरे सिनेमाघरों में ‘डॉन’, ‘त्रिशूल’ और ‘मुकद्दर का सिकंदर’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में ‘एंग्री यंग मैन’ अमिताभ बच्चन छाए हुए थे। लेकिन 18.5 वर्ष की उम्र में मेरे लिए असली ड्रामा सिल्वर स्क्रीन पर नहीं, घर के ड्रॉइंग रूम में चल रहा था। पहली सैलरी मिलने के सिर्फ […]
रश्मि बंसल का कॉलम: थोड़ी-बहुत फिक्र भली, पर ज्यादा चिंता किस काम की?
Hindi News Opinion Rashmi Bansal’s Column A Little Worry Is Good, But What Is The Use Of Worrying Too Much? 4 घंटे पहले कॉपी लिंक रश्मि बंसल, लेखिका और स्पीकर रोज ऑफिस से निकलने के पहले आप मम्मी को मैसेज करती हो- निकल गई। एक दिन रिक्शे में बैठने के बाद पता चलता है कि […]
डॉ. चन्द्रकान्त लहारिया का कॉलम: अपने बच्चों को सुरक्षा जरूर दें लेकिन चुनौतियों से डरें नहीं
हाल के दिनों में जापान से ‘पंच’ नामक एक बंदर के वीडियो लगातार वायरल हुए हैं। यह 7 महीने का मकाक बंदर है, जिसे एक चिड़ियाघर में रखा गया है। उसकी मां ने उसे त्याग दिया था और अन्य बंदर उसे तंग कर रहे थे। उसको दु:खी देखकर चिड़ियाघर संचालक ने उसे एक सॉफ्ट टॉय […]








