आचार्य चाणक्य द्वारा रचित चाणक्य नीति में प्रथम अध्याय के आठवें श्लोक में बताया गया है कि व्यक्ति को घर बनाने के लिए जगह चुनते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए… चाणक्य कहते हैं कि जिस जगह सम्मान न हो, कमाई न हो, कोई भाई-बन्धु या रिश्तेदार न हो और विद्या न हो, रहने […]
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: ईश्वर की अनुभूति भीतर हो तो उसमें कामना नहीं आ सकती
Hindi News Opinion Pandit Vijayshankar Mehta Column | Spiritual Inner Peace & Desire Control 1 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता कामना का निर्माण भीतर से नहीं होता। भीतर से तो उसकी पूर्ति के प्रयास होते हैं। देखिए कामना बाहर से कैसे आती है। एक सुंदर चेहरा देखा और वह अंदर आया। किसी की […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: किसी को सुनना हो तो धैर्य व शांति से रुककर सुनिए
Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta Column | How To Master Patience & Listening Skills 3 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता कोई पशु कभी मनुष्य के लिए मनुष्य का विकल्प नहीं बना, सिवाय श्वान के। बाकी जानवर मनुष्य ने अपनी उपयोगिता के लिए अपने से जोड़े, पर श्वान ऐसा है, जिससे मनुष्य ने […]
सेल्फ हेल्प किताबों से: अपनी जरूरतों को समझें और छोटे बदलाव करते रहें
किताबों से जानिए, आखिर क्यों स्वीकारना जरूरी है कि कुछ चीजें हमारे हाथ में नहीं हैं? अनिश्चितता को स्वीकार करना सीखें जिंदगी में डर, चिंता और असफलता जैसी भावनाएं आती हैं और उनसे हमेशा भागना संभव नहीं है। हर चीज को अपने हिसाब से नियंत्रित करने की कोशिश करने के बजाय यह स्वीकार करें कि […]
श्रीकृष्ण ने अर्जुन को बताया भगवान कैसे मदद करते हैं: 8 बातें हमेशा ध्यान रखें, मुश्किल से मुश्किल काम भी आसानी से हो जाएगा सफल
29 मिनट पहले कॉपी लिंक जीवन में जब भी हम कोई नया काम शुरू करते हैं, तो हमारे मन में सबसे पहले एक सवाल आता है- “क्या मैं इसमें सफल हो पाऊंगा?” कई बार सफलता की चिंता इतनी ज्यादा होती है कि हम काम शुरू करने से पहले ही परिणाम के बारे में सोचने लगते […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: बिना अपना मूल्यांकन किए प्रशंसा को भीतर ना उतारें
अपनी प्रशंसा पर भी टोल टैक्स लगाइए। क्योंकि जब हमारी प्रशंसा होती है और हमने प्रशंसा को ऐसे ही आने दिया, तो वह अहंकार लेकर आएगी। यहीं से प्रशंसा महंगी पड़ जाती है। प्रशंसा दुर्गुण बन जाती है। जब हमारी लोकप्रियता बढ़ती है, लोग हमारी तारीफ करते हैं तो शब्द और संबोधन उससे भी बड़े […]
एन. रघुरामन का कॉलम: आप कैसे हैं? जिंदगी को ‘मेंटेन’ कर रहे हैं या ‘बदल’ रहे हैं?
Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column – How Are You? Are You ‘maintaining’ Life Or ‘changing’ It? 1 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु मैंने उनसे पूछा कि ‘आप कैसे हैं?’ वर्माजी बड़े खिन्न अंदाज में बोले कि ‘मुझे लगता है कि मेरी ‘टू-डू-लिस्ट’ मेरे दुनिया से जाने के बाद भी खत्म नहीं […]
श्रीकृष्ण की 5 कहानियां और उनकी सीख: लक्ष्य बड़ा हो, तो छोटी-छोटी बातों पर भी दें ध्यान और योजना बनाकर शुरू करें काम; किसी भी स्थिति में धैर्य न छोड़ें
2 दिन पहले कॉपी लिंक आज भगवान श्रीकृष्ण का प्रकट उत्सव जन्माष्टमी है। भगवान की पूजा करने के साथ ही उनकी सीख को जीवन में उतार लेने से हमारी सभी समस्याएं दूर हो सकती हैं। श्रीकृष्ण की कथाओं में जीवन प्रबंधन के सूत्र छिपे हैं, जिनकी मदद से हम सुख-शांति और सफलता हासिल कर सकते […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: युवाओं को चाहिए कि वे परिवार बचाने में योगदान दें
Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta Column | Youth Must Contribute To Save Families 4 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता अगर किसी पेड़ की जड़ सुखा दें तो वह उसके बीमार होने की तैयारी है। ऐसे ही रिश्तों में यदि सूखापन आ जाए तो परिवार रूपी वृक्ष गड़बड़ाएगा। इसका सीधा असर देश पर […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: काम पूरा होने के बाद बदलाव के प्रति भी जागरूक बने रहें
Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta Column | Success Tips For Work Life Management 5 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता जिंदगी में कोई भी काम हाथ में लें तो चार चरणों से अपने को गुजारें। पहला- आरंभ। इसमें उत्साह बनाए रखें पूरी सावधानी के साथ, क्योंकि कौन-सा काम किया जाए इसका चयन आप […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: निजता को बनाए रखें और गोपनीयता पर सजग रहें
Hindi News Opinion Column By Pt. Vijay Shankar Mehta – Maintain Privacy And Stay Vigilant About Confidentiality. 5 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता वैसे तो हर व्यक्ति रहस्यमयी है। वह क्या सोच रहा है और आपके साथ उसका क्या व्यवहार है, उम्र बीत जाती है और आप जान नहीं पाते हैं। गहन संबंधों […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: जीवन में जब-जब माया सताए, ईश्वर की लीला से जुड़ जाएं
Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta’s Column: Whenever Worldly Illusions Trouble You In Life, Connect With The Divine Play Of The Almighty. 16 मिनट पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता पूजा-पाठ करने वाले भी भ्रमित हो जाते हैं। शिकायत करते हैं कि हमारे साथ ऐसा क्यों होता है? क्या ईश्वर है नहीं, है तो […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: जीवन में जब-जब माया सताए, ईश्वर की लीला से जुड़ जाएं
Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta’s Column: Whenever Worldly Illusions Trouble You In Life, Connect With The Divine Play Of The Almighty. 2 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता पूजा-पाठ करने वाले भी भ्रमित हो जाते हैं। शिकायत करते हैं कि हमारे साथ ऐसा क्यों होता है? क्या ईश्वर है नहीं, है तो […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: घर में रसोईघर और पूजाघर के महत्व को भी समझा जाए
Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta Column | Importance Of Kitchen And Puja Room At Home 2 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता मुझे अनेक घरों में जाने का अवसर मिलता है। लोग प्रेम से, सम्मान से घर दिखाते हैं। कुछ अवसरों पर मैं जेन-जी के शानदार फ्लैटों में भी जाता हूं। यहां मैं […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: जीवन को सिद्धांतों से जोड़ें तो हर गतिविधि परिपक्व होगी
हमारी गतिविधियों में ज्यादातर मौकों पर सूझ, बूझ और बोध का अभाव होता है। यह परिश्रम तो हो सकता है, लेकिन पुरुषार्थ नहीं है। यदि अपने कर्म को पुरुषार्थ बनाना है तो सूझ, जिसका संबंध बुद्धि से है; बूझ, जिसका संबंध बुद्धि और समझ दोनों से है और बोध, यानी अनुभूति और आत्मा- ये तीनों […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: जो भी काम करें, गंभीरता, लगन व ईमानदारी से करें
बहानों को आगे-पीछे झूठ में बदलना ही पड़ता है, इसलिए बहाने बनाने की आदत छोड़ें। जो भी काम करें, गंभीरता, लगन और ईमानदारी से करें। बहाना एक तरह की बेईमानी है और यदि आदत में आ गया तो बहाना अपराध बन जाएगा। अगर आप बहुत काम नहीं करते हैं तो इसका मतलब आपको बहाने बनाने […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: ईर्ष्या और तुलना भी हमारे लिए लाभकारी हो सकती हैं
Hindi News Opinion Pt. Vijay Shankar Mehta Column | How Jealousy And Comparison Affect Life 17 मिनट पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता हर मनुष्य भीतर से कहीं ना कहीं ईर्ष्यालु होता है। ईर्ष्या की शुरुआत होती है तुलना से। तुलना शब्द तौल से बना है। जब हम तराजू के एक पलड़े में खुद को […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: ईर्ष्या और तुलना भी हमारे लिए लाभकारी हो सकती हैं
Hindi News Opinion Pt. Vijay Shankar Mehta Column | How Jealousy And Comparison Affect Life 2 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता हर मनुष्य भीतर से कहीं ना कहीं ईर्ष्यालु होता है। ईर्ष्या की शुरुआत होती है तुलना से। तुलना शब्द तौल से बना है। जब हम तराजू के एक पलड़े में खुद को […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: भीड़ बाहर की हो या भीतर की, इसे संयमित रखिए
भीड़ बढ़ती ही जा रही है। केवल मनुष्यों ही नहीं, बेहिसाब डेटा और सूचनाओं की भी भीड़ बाढ़ की तरह हमारे जीवन में उतर गई है। और इसी कारण किसी भी बात की सच्चाई का पता नहीं लगता। भीड़ में सूचनाओं की सच्चाई कहीं खो गई। भीड़ के कारण आयोजनों के पीछे का सही उद्देश्य […]









