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- Column By Pt. Vijay Shankar Mehta – Maintain Privacy And Stay Vigilant About Confidentiality.
5 घंटे पहले
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पं. विजयशंकर मेहता
वैसे तो हर व्यक्ति रहस्यमयी है। वह क्या सोच रहा है और आपके साथ उसका क्या व्यवहार है, उम्र बीत जाती है और आप जान नहीं पाते हैं। गहन संबंधों में भी यह बात चलती है। दो शब्द हैं- निजता और गोपनीयता। सबसे निकट का संबंध है पति-पत्नी का। इन दोनों के बीच भी यह स्थिति बनती है। इस रिश्ते में गोपनीयता होनी भी नहीं चाहिए।
लेकिन स्त्री और पुरुष की निजता बची रहनी चाहिए, क्योंकि हर मनुष्य स्थान और इंसान के मामले में निजता चाहता है। समझदार जोड़े एक-दूसरे के प्रति गोपनीयता नहीं रखते। 200% पारदर्शिता का रिश्ता है यह। लेकिन एक-दूसरे की निजता का अत्यधिक मान भी करते हैं, क्योंकि निजता का संबंध कहीं ना कहीं आत्मसम्मान से भी है। हम बुद्ध के उदाहरण से समझ सकते हैं।
बुद्ध अत्यधिक रहस्यमयी थे, लेकिन डरावने नहीं थे। वे उतने ही दयालु थे। हम जब भी सार्वजनिक जीवन में हों, पारिवारिक जीवन में रहें, अपनी और दूसरों की निजता बनाए रखें और गोपनीयता कहां आवश्यक है और कहां नहीं, इसके प्रति भी जागरूक रहें।








