मेघना पंत का कॉलम:  लड़कियों को पूछना होगा, मेरा विवाह कैसे परिवार में हो रहा है
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मेघना पंत का कॉलम: लड़कियों को पूछना होगा, मेरा विवाह कैसे परिवार में हो रहा है

सत्ता का सबसे खतरनाक दुरुपयोग तब नहीं होता जब अपराधी व्यवस्था का फायदा उठाते हैं, बल्कि तब होता है जब व्यवस्था से जुड़े लोग यह सीख जाते हैं कि सिस्टम को कैसे अपने पक्ष में इस्तेमाल किया जा सकता है। यही बात आम महिलाओं के लिए ट्विशा शर्मा जैसे मामलों को इतना बेचैन करने वाला […]

मेघना पंत का कॉलम:  स्त्रियों के लिए फ्री बस टिकट चैरिटी नहीं, एक जरूरत है…
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मेघना पंत का कॉलम: स्त्रियों के लिए फ्री बस टिकट चैरिटी नहीं, एक जरूरत है…

Hindi News Opinion Meghna Pant Column: Free Bus Tickets For Women Are A Need, Not Charity 9 घंटे पहले कॉपी लिंक मेघना पंत, पुरस्कृत लेखिका, पत्रकार और वक्ता शाम होते ही भारत में बस स्टॉप पर खड़ी कोई महिला बस के रूट नंबर से पहले आसमान की ओर झांकने लगती है। इसलिए नहीं कि उसे […]

मेघना पंत का कॉलम:  क्या शहरी व सम्पन्न महिलाएं ही फेमिनिज्म की आवाज हैं?
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मेघना पंत का कॉलम: क्या शहरी व सम्पन्न महिलाएं ही फेमिनिज्म की आवाज हैं?

इंस्टाग्राम पर कुछ समय पहले पूजा (पुजारिनी प्रधान) का मामला छाया हुआ था। वे पश्चिम बंगाल के ग्रामीण क्षेत्र की एक कंटेंट क्रिएटर हैं, जो गांव का जीवन और किताबों, फेमिनिज्म, समाज आदि पर कंटेंट बनाती हैं। उनकी लोकप्रियता जब तेजी से बढ़ी तो उनके कंटेंट की प्रामाणिकता पर सवाल उठाए गए और कहा गया […]

मेघना पंत का कॉलम:  आज दुनिया भर में महिलाओं के अधिकार एक-दूसरे से जुड़ गए हैं
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मेघना पंत का कॉलम: आज दुनिया भर में महिलाओं के अधिकार एक-दूसरे से जुड़ गए हैं

युद्ध विरले ही कभी अपनी सीमाओं के भीतर सिमटे रहते हैं। वे शक्ति, स्वतंत्रता और महिलाओं के अधिकारों को लेकर वैश्विक विमर्श को भी बदलते हैं। ईरान में जारी संघर्ष भी भारत की महिलाओं के लिए कोई दूर की खबर नहीं हो सकती- बल्कि यह एक आईना है, एक चेतावनी है और कई मायनों में […]

मेघना पंत का कॉलम:  जन्म देने वाली महिलाओं को कैसे देखें-​बिना उनसे नजरें फेरे?
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मेघना पंत का कॉलम: जन्म देने वाली महिलाओं को कैसे देखें-​बिना उनसे नजरें फेरे?

“कब प्रेग्नेंट होओगी तुम? एज का तो ध्यान है ना? करियर तो तुम्हारा ठीक ही चल रहा है, फिर फैमिली कब बनाओगी? इतनी पतली हो, बच्चा कैसे होगा?’ समाज को प्रेग्नेंसी पसंद है। या बेहतर हो अगर कहें, समाज को प्रेग्नेंसी से बढ़कर उसका आइडिया पसंद है- उसका अमूर्त स्वरूप, उसकी घोषणा, हार्ट इमोजी के […]

मेघना पंत का कॉलम:  रात की शिफ्ट में काम करने वाली स्त्री को क्या डराता है?
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मेघना पंत का कॉलम: रात की शिफ्ट में काम करने वाली स्त्री को क्या डराता है?

6 घंटे पहले कॉपी लिंक मेघना पंत, पुरस्कृत लेखिका, पत्रकार और वक्ता नए श्रम कानून सुधारों ने महिलाओं को रात की शिफ्ट में काम करने की अनुमति दी है। लेकिन असल सवाल यह नहीं है कि महिलाएं रात में काम कर सकती हैं या नहीं। असल सवाल यह है कि क्या हम अब उन्हें काम […]