Hindi News Opinion N Raghuraman Column: Listening Skill Turns Breakdown Into Breakthrough 7 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु कई दशक पहले की बात है, मेरे कजिन की शादी थी। हमारी पीढ़ी में यह पहली शादी थी। हम सब कजिन इतने उत्साहित थे कि मद्रास (अब चेन्नई) में इकट्ठा हुए और तैयारियों में […]
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एन. रघुरामन का कॉलम: पार्टी की चर्चाओं में गर्मजोशी लानी है तो अपने पास हैरतअंगेज जानकारी रखिए
आपने कई ईवनिंग पार्टियों में देखा होगा कि कुछ लोग सबका ध्यान खींचते हैं। ऐसा नहीं कि वे सेलेब्रिटी या बहुत अमीर लोग हों, जो अपना फैशन दिखा रहे हों, बल्कि वे वहां इकट्ठे लोगों को कुछ अनसुनी कहानियां सुना रहे होते हैं और इसीलिए पार्टी की जान बन जाते हैं। दूसरों के बारे में […]
एन. रघुरामन का कॉलम: कनेक्शन और सेलिब्रेशन अपने पुराने तौर-तरीकों पर लौट रहे हैं
बचपन में हममें से ज्यादातर लोग पैरेंट्स के साथ ‘सत्संग’ में जाते थे। उनके बगल में बैठते थे। भले ही शायद हम न जानते हों कि भजनों के बोल क्या हैं और कैसे इन्हें गाया जाता है। कुछ लोगों ने शायद वो ऊर्जा तरंगें महसूस की होंगी और कुछ ने उन्हें अनदेखा किया होगा। हममें […]
एन. रघुरामन का कॉलम: क्या याददाश्त की समस्याएं हमारी युवा वर्कफोर्स को प्रभावित कर रही हैं?
20 साल से एक ही परिवार के साथ काम कर रहे 39 वर्षीय ड्राइवर को तीन काम सौंपे गए। दोस्त के घर से पार्सल लेना, फिर किराने की तीन चीजें खरीदना और लौटते वक्त लॉन्ड्री से कपड़े ले आना। वह बिना कपड़े लिए लौट आया। पूछने पर सहज जवाब था कि ‘भूल गया, माफ कीजिए।’ […]
एन. रघुरामन का कॉलम: क्या याददाश्त की समस्याएं हमारी युवा वर्कफोर्स को प्रभावित कर रही हैं?
20 साल से एक ही परिवार के साथ काम कर रहे 39 वर्षीय ड्राइवर को तीन काम सौंपे गए। दोस्त के घर से पार्सल लेना, फिर किराने की तीन चीजें खरीदना और लौटते वक्त लॉन्ड्री से कपड़े ले आना। वह बिना कपड़े लिए लौट आया। पूछने पर सहज जवाब था कि ‘भूल गया, माफ कीजिए।’ […]
एन. रघुरामन का कॉलम: ईमानदारी ऐसी मुद्रा है, जिसका मूल्य कभी नहीं घटता
जून 2019 में वह उस कंपनी में बिजनेस डेवलपमेंट एसोसिएट के रूप में जुड़ा। कॉलेज से निकलते ही वह सीधे ऐसी कंपनी में गया, जिसे हमारे देश के बच्चों वाले कई परिवार जानते हैं। सेल्स का काम आसान था। बैकएंड टीम बताती थी कि किसके यहां विजिट करनी है। जिसके पास भी कंपनी का एप […]
एन. रघुरामन का कॉलम: क्या हम जरूरत की खरीदारी छोड़ कर ‘मैन्युफैक्चर्ड क्रेविंग’ अपना रहे हैं?
Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column Are We Abandoning Necessities And Adopting ‘manufactured Cravings’? 2 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु दुनियाभर में, खासकर अमेरिका में सुबह के समय स्टारबक्स पर भीड़ बहुत रहती है। ग्राहक काउंटर तक पहुंचने से पहले ही मोबाइल एप से गरम कॉफी ऑर्डर करते हैं। झट से कप […]
एन. रघुरामन का कॉलम: विनर माइंडसेट वाले लोग ‘करो या मरो’ के कॉन्सेप्ट को बदलते हैं!
बचपन में टिम लिली ने अपने बेडरूम की दीवारों पर फ्लाइट मैग्जीनों से काटी गई तस्वीरें चिपका रखी थीं। 13 की आयु में उन्होंने अपना पहला फ्लाइट लेसन सीखा और 16 की आयु में उन्होंने अपनी पहली एकल उड़ान भरी। उन्होंने सेना में, कॉम्बैट मिशन पायलट-इन-कमांड के रूप में सेवा दी। उन्होंने एक विशेष रूट […]
एन. रघुरामन का कॉलम: अपनों के बीच आ रही दूरी को कैसे टालें?
अपने आसपास देखिए, पांच साल की उम्र के कई बेटे होंगे, जो अपने पिता को ‘माय सुपर हीरो’ कहते हैं। जब वह 10 साल का होता है तो यह छवि थोड़ी दूसरे दर्जे पर आती है और बेटा कहने लगता है कि ‘मेरे पिता सुपर हीरो हैं, लेकिन अकसर गुस्सा हो जाते हैं।’ आप लहजा […]
एन. रघुरामन का कॉलम: सफल लोग क्यों कभी दिखावा नहीं करते?
Hindi News Opinion N Raghuraman Column: Why Successful People Never Show Off | Mumbai News 11 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु मेरे बगल में एक स्मार्ट युवक बैठा था। उसकी मौजूदगी तत्काल ही लोगों का ध्यान खींच रही थी, लेकिन वह बेहद सहज था। उसने लाइट ब्राउन रंग का ओवरकोट पहना था, […]
एन. रघुरामन का कॉलम: ‘एफडीपी’ अपनाने से बच्चों की सफलता पक्की है
परीक्षाएं हों या गर्मियों की छुट्टियां, स्कूल के दिन हों या वीकेंड, चाहे बाहर बारिश हो रही हो या अचानक बिजली चली जाए, लेकिन शाम 7.30 बजे हमारा डिनर टाइम तय था। हम उस फैमिली गैदरिंग में न आने का कोई बहाना नहीं बना सकते थे। नियम सिर्फ दो मौकों पर टूटता था- जब किसी […]
एन. रघुरामन का कॉलम: ‘एफडीपी’ अपनाने से बच्चों की सफलता पक्की है
परीक्षाएं हों या गर्मियों की छुट्टियां, स्कूल के दिन हों या वीकेंड, चाहे बाहर बारिश हो रही हो या अचानक बिजली चली जाए, लेकिन शाम 7.30 बजे हमारा डिनर टाइम तय था। हम उस फैमिली गैदरिंग में न आने का कोई बहाना नहीं बना सकते थे। नियम सिर्फ दो मौकों पर टूटता था- जब किसी […]
एन. रघुरामन का कॉलम: डेटिंग की अर्थव्यवस्था ‘सोल्जर पेमेंट’ से ‘ब्यूटी टैक्स’ तक बढ़ चुकी है
Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column The Dating Economy Has Evolved From ‘soldier Payments’ To ‘beauty Tax’ 2 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु डेट का बिल किसे चुकाना चाहिए, इस पर बहस उतनी ही पुरानी है जितनी खुद डेटिंग। 1980 के दशक में जब मैं युवा और अविवाहित था तो दोस्तों के […]
एन. रघुरामन का कॉलम: जो रोमांस देखे जा सकने वाले जेस्चर्स पर निर्भर नहीं होता उसकी उम्र लम्बी होती है
मुंबई में पवई झील के प्रोमेनेड की कुछ शामें आमतौर पर शांति से भरी होती हैं। लेकिन उस शाम वो जगह निष्ठा की एक गहरी मिसाल की गवाह बनी। सत्तर से अस्सी वर्ष की आयु के कुछ सेवानिवृत्त व्यक्ति अपनी नियमित की गपशप के लिए बैठे थे। जैसे ही घड़ी ने पांच बजाए, उनमें से […]
एन. रघुरामन का कॉलम: प्रेम के कई रूप हैं, इसे किसी भी तरह से व्यक्त कर सकते हैं
लगभग तीन दशकों से मेरा हर शनिवार एक ही तरह से शुरू होता आ रहा है। डिजिटल अलार्म दखल दे, इससे पहले ही मैं जाग जाता हूं। पूरा घर भोर की खास मखमली शांति में लिपटा रहता है। मैं एक कप फिल्टर कॉफी बनाता हूं और एक शांत कोने में बैठ जाता हूं। मद्धम रोशनी […]
एन. रघुरामन का कॉलम: ‘सही करने’ से ज्यादा अहम ‘आगे निकलना’ हो जाए तो सामाजिक मूल्य खत्म होते हैं
किसी भी समाज की ताकत अकसर उसके संस्थानों की ईमानदारी से मापी जाती है- जैसे स्कूल, जो हमारे युवाओं को गढ़ते हैं या पुलिसकर्मी, जो हमारे मोहल्लों की सुरक्षा करते हैं। लेकिन, इस हफ्ते देश के विभिन्न हिस्सों में हुई तीन घटनाओं ने इस बुनियाद में आती चिंताजनक दरार को दिखाया। जौनपुर और गोवा में […]
एन. रघुरामन का कॉलम: हमें रॉ डेटा को मथ कर बिजनेस के लिए स्वर्णिम मौके बनाने होंगे
मंगलवार को मैं मुंबई के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की पवई शाखा में खड़ा था। ऑपरेशन मैनेजर के सामने कतार में दूसरे नंबर पर खड़े हुए मैंने एक लॉजिस्टिक नाकामी देखी। मेरे आगे खड़ा व्यक्ति तीस मिनट इंतजार करके थक चुका था। वह अजीब-सी परेशानी में था। पांच दिन पहले उसने ब्रांच की ऑटोमेटेड मशीन […]
एन. रघुरामन का कॉलम: परीक्षा देने वाले बच्चों को 1990 के दशक की जीवनशैली का छोटा-सा हिस्सा दें
Hindi News Opinion Mumbai Exam Students: Give Kids A Glimpse Of 1990s Lifestyle | N. Raghuraman Column 16 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु ‘परीक्षा उद्या पसून, आता कुठे जातो,’ मुंबई में सोमवार को आगे वाले गेट से बस में चढ़ते एक विद्यार्थी से ड्राइवर ने यह बात पूछी। मैं वहां इंतजार कर […]
एन. रघुरामन का कॉलम: सहानुभूति विकसित करना स्कूल में बेहतर रैंक लाने से ज्यादा जरूरी है
Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column Developing Empathy Is More Important Than Getting Better Grades In School. 2 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु हाल ही में जब मेरी एक रिश्तेदार अस्पताल में भर्ती थीं तो बेंगलुरु से आईं उनकी एक दोस्त ने रात को अस्पताल में रुकने की पेशकश की। वो मेरी […]
एन. रघुरामन का कॉलम: सहानुभूति विकसित करना स्कूल में बेहतर रैंक लाने से ज्यादा जरूरी है
Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column Developing Empathy Is More Important Than Getting Better Grades In School. 4 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु हाल ही में जब मेरी एक रिश्तेदार अस्पताल में भर्ती थीं तो बेंगलुरु से आईं उनकी एक दोस्त ने रात को अस्पताल में रुकने की पेशकश की। वो मेरी […]
एन. रघुरामन का कॉलम: दादी-नानी मां से अपनी एआई स्किल्स को निखारना सीखें!
यह 1968 की एक रविवार की शाम थी। उन्होंने गली के छोर से उन्हें चलकर आते देखा। उनकी आंखों ने भांप लिया कि वे अपनी सामान्य अवस्था में नहीं थे। उनके एआई यानी एक्चुअल इंटेलिजेंस ने फौरन उन घटनाओं को परखना शुरू कर दिया, जो उनके दफ्तर में घट सकती थीं। उस दिन उनके बॉस […]
एन. रघुरामन का कॉलम: ‘टूल-बेल्ट’ जनरेशन का फैशन स्टेटमेंट हमारी जनरेशन से उलट है
हाल ही में अमेरिका रहने वाली मेरी बहन ने मुझे 28 डॉलर की काउबॉय हैट गिफ्ट की। यह इसीलिए अलग नहीं थी कि उसने धूप से बचने के लिए मेरा पूरा चेहरा ढक दिया था, बल्कि जैसे जूतों के छेदों में फीता बंधा होता है, वैसे ही उस हैट के चारों तरफ फीता बंधा था। […]
एन. रघुरामन का कॉलम: उम्रदराज होने का अर्थ है जीवन अधिक पवित्र, समझदारी और सौम्यता भरा हो
अस्पताल में भर्ती मेरे एक परिजन को लेकर बुधवार को मैंने डॉक्टर से पूछा कि वे कब डिस्चार्ज हो सकते हैं? डॉक्टर ने कहा कि ‘इतनी जल्दबाजी क्यों?’ मैंने कहा, जल्दबाजी नहीं लेकिन गुरुवार और शुक्रवार को मुझे अपने अंकल के 80वें जन्मदिन में शामिल होना है। उन्होंने ऐसे देखा, जैसे कोई शिक्षित व्यक्ति किसी […]
एन. रघुरामन का कॉलम: आपका रोज का भोजन ही लंबे और सेहतमंद जीवन का आधार है
Hindi News Opinion N. Raghuraman Column: Your Daily Food Is The Basis For A Long & Healthy Life 7 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु इन दिनों जब मैं अपने एक बीमार परिजन की देखभाल में ज्यादातर समय अस्पताल में बिता रहा हूं तो मैंने वहां दो तरह के लोग देखे। एक, जो […]
एन. रघुरामन का कॉलम: जल्द ही हम ‘टाइपिंग’ की जगह ‘टॉकिंग’ तकनीक का ज्यादा इस्तेमाल करेंगे
अब तक मैं और आप यह शिकायत करते रहे हैं कि हममें से अधिकतर लोग सड़क, ट्रेन में या सार्वजनिक जगहों पर मोबाइल स्क्रीन में आंखें गड़ाए कुछ न कुछ टाइप करते रहते हैं। लेकिन चिंता न करें, एआई ने आपकी शिकायत सुन ली है। लोग अब आंखों में आंखें डालकर आपको देखेंगे और बात […]


























