पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  प्रकृति का मान करो, भगवान का भी स्वत: सम्मान हो जाएगा
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: प्रकृति का मान करो, भगवान का भी स्वत: सम्मान हो जाएगा

मनुष्य अगर प्रकृति को निर्जीव करके जीवन ढूंढने का प्रयास करेगा तो बड़े विचित्र दृश्य उतर कर आएंगे। यह चौंकाने और चिंतित करने वाली बात है कि बाबा अमरनाथ पांच दिन में ही अंतर्धान हो गए। यह लगातार तीसरा साल है, जब बाबा यह संकेत दे रहे हैं कि प्रकृति का मान करो, नहीं तो […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  प्रकृति का मान करो, भगवान का भी स्वत: सम्मान हो जाएगा
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: प्रकृति का मान करो, भगवान का भी स्वत: सम्मान हो जाएगा

मनुष्य अगर प्रकृति को निर्जीव करके जीवन ढूंढने का प्रयास करेगा तो बड़े विचित्र दृश्य उतर कर आएंगे। यह चौंकाने और चिंतित करने वाली बात है कि बाबा अमरनाथ पांच दिन में ही अंतर्धान हो गए। यह लगातार तीसरा साल है, जब बाबा यह संकेत दे रहे हैं कि प्रकृति का मान करो, नहीं तो […]

रसरंग में मायथोलॉजी:  वृक्षों के मूल निवासी हैं देवता, फिर भी क्यों जारी है पेड़ों का विनाश?
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रसरंग में मायथोलॉजी: वृक्षों के मूल निवासी हैं देवता, फिर भी क्यों जारी है पेड़ों का विनाश?

देश के तमाम भागों में विकास के नाम पर बड़ी आसानी से पेड़ों की बलि दे दी जाती है। लेकिन क्या पेड़ को काटते समय हमें यह ध्यान रहता है कि भारतीय उपमहाद्वीप में मंदिरों से पहले वन ही हमारे पवित्र स्थल रहे हैं? वास्तव में भारतीय धार्मिक कल्पना की सबसे प्राचीन दिव्य मौजूदगियों में […]