होम बिजली निजीकरण: लाइन लॉस घटा और व्यवस्था सुधरी, फिर भी आम जनता की जेब दांव पर! उठने लगे बड़े सवाल उत्तर प्रदेश में 87 फीसदी घरेलू उपभोक्ता हैं। इसमें करीब 46 फीसदी गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले हैं। Source link