परिवार की वजह से दुखी व्यक्ति को संत की सीख:  घर की परेशानियों के समाधान धैर्य और समझदारी से निकालें, कठिन परिस्थितियों से भागने के बजाय उनका सामना करें
जीवन शैली/फैशन लाइफस्टाइल

परिवार की वजह से दुखी व्यक्ति को संत की सीख: घर की परेशानियों के समाधान धैर्य और समझदारी से निकालें, कठिन परिस्थितियों से भागने के बजाय उनका सामना करें

Hindi News Jeevan mantra Dharm Family Problems And Solutions, Motivational Story About Patience Understanding, Challenges, How To Get Success In Life 2 घंटे पहले कॉपी लिंक पुराने समय की लोक कथा है। एक व्यक्ति अपने परिवार के रोज-रोज के झगड़ों से बहुत परेशान रहता था। छोटी-छोटी बातों पर झगड़े होते थे। धीरे-धीरे वह इतना दुखी […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  जब कभी भी हमारा अपमान हो तो उससे विचलित ना हों
टिपण्णी

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: जब कभी भी हमारा अपमान हो तो उससे विचलित ना हों

Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta: Ego Hinders Lifes Journey | Hindi Column 2026 3 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता अपने भक्त का हित करने का ढंग भी भगवान का निराला है। जैसे किसी बच्चे को फोड़ा हो जाए तो उसकी मां उसका इलाज कराती है। उसमें भी पीड़ा है, लेकिन मां […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  क्षमा की दाल और धैर्य की रोटी हाजमा नहीं बिगाड़ती है
टिपण्णी

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: क्षमा की दाल और धैर्य की रोटी हाजमा नहीं बिगाड़ती है

हमारे देश में भोजन के लिए दो प्रतिनिधि शब्द हैं- दाल-रोटी। इसमें समूचा भोजन समा जाता है। कहते हैं पाचन के लिए सबसे सुविधाजनक भोजन यही है। बाकी डिश तो फिर इनका विस्तार हैं। पाचन-शक्ति अच्छी होनी भी चाहिए। अब हम एक भोजन और करने लगे हैं आजकल, और वह है क्रोध। कम लोग जानते […]

कथा: साधु की महिला को सीख:  सफल जीवन के लिए बाहरी नहीं, बल्कि मन की शांति, पवित्रता और सकारात्मक सोच सबसे जरूरी है
जीवन शैली/फैशन लाइफस्टाइल

कथा: साधु की महिला को सीख: सफल जीवन के लिए बाहरी नहीं, बल्कि मन की शांति, पवित्रता और सकारात्मक सोच सबसे जरूरी है

10 घंटे पहले कॉपी लिंक एक गांव में एक साधु रोज भिक्षा मांगने आया करता था। वह शांत स्वभाव का और बहुत विद्वान था। हर घर से थोड़ा-थोड़ा लेकर आगे बढ़ जाता था। एक दिन वह एक महिला के घर पहुंचा। महिला ने साधु को भिक्षा देने से पहले कहा, “महाराज, आज आप मुझे कोई […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  संतुलित, मीठे और अर्थपूर्ण शब्द बोलें तो ये भी पूजा है
टिपण्णी

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: संतुलित, मीठे और अर्थपूर्ण शब्द बोलें तो ये भी पूजा है

विवेकानंद कहते थे आपके शब्द आपके व्यक्तित्व के प्रतिनिधि हैं। वैसे तो आदमी आजकल ये कला सीख गया है कि बनाकर बात कैसे करना। तो भीतर कुछ और चल रहा है और बाहर बहुत मीठे शब्द बोले जा रहे हैं। लेकिन लंबे समय ऐसा चलता नहीं है। तो अध्यात्म कहता है- जो बोलो, दिल से […]

संत की दुखी शिष्य को सीख:  हर समस्या का समाधान समय के साथ जरूर मिलता है, इसलिए कठिन समय में निराशा से बचना चाहिए
जीवन शैली/फैशन लाइफस्टाइल

संत की दुखी शिष्य को सीख: हर समस्या का समाधान समय के साथ जरूर मिलता है, इसलिए कठिन समय में निराशा से बचना चाहिए

Hindi News Jeevan mantra Dharm Life Management Tips In Hindi, How To Get Success And Happiness In Hindi, How To Overcome Despair Time Solution Sage Teachings, 6 घंटे पहले कॉपी लिंक AI जनरेटेड इमेज एक लोक कथा है। पुराने समय में किसी गांव में एक व्यक्ति हमेशा परेशानियों में घिरा रहता था, एक दिन वह […]

संत की निराश व्यक्ति को सीख:  कुछ समस्याओं को हल होने में समय लगता है, इसलिए हर समस्या का तुरंत समाधान न मिलने पर घबराना नहीं चाहिए
जीवन शैली/फैशन लाइफस्टाइल

संत की निराश व्यक्ति को सीख: कुछ समस्याओं को हल होने में समय लगता है, इसलिए हर समस्या का तुरंत समाधान न मिलने पर घबराना नहीं चाहिए

Hindi News Jeevan mantra Dharm Hindu Saint Teaches Patience Solving Problems, Motivational Story In Hindi, How To Get Success In Life, Inspirational Story 23 घंटे पहले कॉपी लिंक AI जनरेटेड इमेज एक लोक कथा है। पुराने समय में किसी गांव में एक व्यक्ति जीवन की परेशानियों से बहुत निराश हो गया था। उसे लगता था […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  भीड़ बाहर की हो या भीतर की, इसे संयमित रखिए
टिपण्णी

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: भीड़ बाहर की हो या भीतर की, इसे संयमित रखिए

भीड़ बढ़ती ही जा रही है। केवल मनुष्यों ही नहीं, बेहिसाब डेटा और सूचनाओं की भी भीड़ बाढ़ की तरह हमारे जीवन में उतर गई है। और इसी कारण किसी भी बात की सच्चाई का पता नहीं लगता। भीड़ में सूचनाओं की सच्चाई कहीं खो गई। भीड़ के कारण आयोजनों के पीछे का सही उद्देश्य […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  श्रोता बनने की बारी आए तो अच्छे श्रोता बनिए
टिपण्णी

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: श्रोता बनने की बारी आए तो अच्छे श्रोता बनिए

अच्छा सुनने के लिए अच्छा होना ही पड़ेगा। पक्षीराज गरुड़ ने जब काकभुशुंडि जी से निवेदन किया कि कथा सुनाइए तो तुलसीदास जी ने गरुड़ जी की वाणी का वर्णन किया है- सुनत गरुड़ कै गिरा बिनीता, सरल सुप्रेम सुखद सुपुनीता। गरुड़ जी की विनम्र, सरल, सुंदर, प्रेम युक्त, सुखप्रद और अत्यंत पवित्र वाणी सुनते […]