रसरंग में मायथोलॉजी:  जब मानसून ने बदल दी भारत की सभ्यता और संस्कृति
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रसरंग में मायथोलॉजी: जब मानसून ने बदल दी भारत की सभ्यता और संस्कृति

कुछ हजार वर्ष पहले आर्य हिमालय के उत्तर में स्थित क्षेत्र से भारत आए। उस क्षेत्र तक मानसूनी वर्षा नहीं पहुंचती थी। इसलिए भारत आने से पहले वे वर्ष को अयनांत और विषुव के आधार पर चार भागों में विभाजित करते थे। वैदिक स्तोत्रों में उल्लेख मिलता है कि शीत ऋतु में लंबे समय तक […]

रसरंग में मायथोलॉजी:  आर्यावर्त का ‘भारतवर्ष’ के रूप में किस तरह हुआ विस्तार?
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रसरंग में मायथोलॉजी: आर्यावर्त का ‘भारतवर्ष’ के रूप में किस तरह हुआ विस्तार?

ऋग्वेद का अंतिम संकलन लगभग 1000 ईसा पूर्व में किया गया माना जाता है। इसमें कुरु कुल के सदस्यों के लिए ‘भरत’ शब्द का प्रयोग हुआ है। इस कुल के सदस्य सिंधु नदी की द्रोणी से लेकर गंगा के पश्चिमी तट तक फैले क्षेत्र पर नियंत्रण रखते थे। यह भूभाग आज पंजाब और हरियाणा कहलाता […]