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अमेरिकी स्कूलों में एआई साक्षरता पर जोर: शिक्षक सिखा रहे- जवाब लें, पर तथ्य जांचें; नक्शे ने खोली पोल- माली को ‘मेल’, मिस्र को ‘सॉप्थ’ लिखा

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दुनियाभर में बच्चे पढ़ाई में एआई चैटबॉट्स की न केवल मदद ले रहे हैं, बल्कि उसके दिए गए जवाबों को आंख बंद कर सच मान रहे हैं। जबकि एआई चैटबॉट्स कई बार भ्रामक, गलत और तथ्यों से अलग जानकारी देते हैं। चैटबॉट्स की खामियों को उजागर करने के लिए अमेरिकी स्कूलों ने अनूठा तरीका खोजा है। क्लासरूम में शिक्षक एआई से दुनिया का नक्शा (मैप) बनाने को कहते हैं। एआई ने दुनिया का नक्शा बनाया। इसमें कई देशों के नाम और उनके नक्शे में कई गलतियां कीं। जैसे- ‘माली’ को मेल, ‘मिस्र’ को सोप्थ और लीबिया को अफ्रीका लिखा गया। यह उदाहरण अमेरिका के साउथ कैरोलाइना के चार्ल्सटन में शिक्षकों के ट्रेनिंग प्रोग्राम में दिखाए गए। मकसद बच्चों को एआई से डराना नहीं, बल्कि यह समझाना था कि चैटबॉट आत्मविश्वास से गलत जानकारी भी दे सकते हैं। अब कई अमेरिकी स्कूल एआई पर पूर्ण प्रतिबंध के बजाय ‘एआई साक्षरता’ यानी तकनीक को समझने, जांचने और जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने की शिक्षा दे रहे हैं। ‘एआई फॉर एजुकेशन’ की संस्थापक सीईओ अमांडा बिकरस्टाफ कहती हैं कि यह बच्चों में एआई पर अंधविश्वास रोकने का आसान तरीका है। अब बैन नहीं बल्कि गलतियां दिखा रहे शुरुआत में कई स्कूलों ने चैटजीपीटी जैसे टूल के इस्तेमाल को रोकने का प्रयास किया। लेकिन अब बढ़ते उपयोग के बीच बच्चों को उसकी असलियत समझा रहे हैं। बच्चों के लिए 5 जरूरी नियम 1. एआई के हर तथ्य, तारीख, नाम और आंकड़े को किताब, विश्वसनीय स्रोत से मिलाएं। 2. एआई से पहले अपना उत्तर और तर्क तैयार करें; फिर उससे सुधार, वैकल्पिक उदाहरण या क्विज मांगें। 3. फोन नंबर, स्कूल आईडी, पासवर्ड, फोटो या स्वास्थ्य संबंधी निजी जानकारी न लिखें। 4. एआई से सोर्स मांगने के बाद उस लिंक को खोलकर जांचें; गढ़े हुए संदर्भ संभव हैं। 5. तस्वीर, ऑडियो या वीडियो को सच न मानें; स्रोत, तारीख-संदर्भ जरूर जांचें। यह जानना जरूरी है कि एआई का उपयोग कब नहीं करना ब्रुकिंग्स इंस्टीट्यूशन के सेंटर फॉर यूनिवर्सल एजु​केशन की निदेशक रेबेका विन्थ्रॉप के अनुसार, अच्छी एआई साक्षरता में यह जानना भी शामिल है कि एआई का उपयोग कब नहीं करना है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के 37 प्रांतों ने स्कूलों के लिए एआई गाइडेंस जारी किया है। यूटा ने 2024 में एआई शिक्षा विशेषज्ञ का पूर्णकालिक पद बनाया है। एआई एजुकेशन स्पेशलिस्ट मैट विंटर्स कहते हैं कि केवल ‘एआई मत इस्तेमाल करो’ कहना पर्याप्त नहीं है। बच्चों को तकनीक के काम करने के तरीके, पूर्वग्रह, गलत उत्तर, नैतिकता और डेटा गोपनीयता समझानी होगी।



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