इंस्पायरिंग:  जब आप सहज होते हैं, तभी अपने भीतर की ताकत को पहचान पाते हैं – ऐश्वर्या राय बच्चन
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इंस्पायरिंग: जब आप सहज होते हैं, तभी अपने भीतर की ताकत को पहचान पाते हैं – ऐश्वर्या राय बच्चन

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5 मिनट पहले

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कान फिल्म फेस्टिवल में लगातार 24वें साल पहुंचीं। उनके इतने लंबे सफर का हासिल, उन्हीं की जुबानी… मैं हमेशा मानती हूं कि खूबसूरती सिर्फ चेहरे में नहीं होती, बल्कि उस एहसास में होती है, जो आप दूसरों को देते हैं। हम एक ऐसे दौर में जी रहे हैं, जहां इंसान लगातार नई संभावनाएं खोज रहा है। विज्ञान हमें स्किनकेयर देता है, कला हमें रंगों से खेलने की आजादी देती है और मेकअप हमें अपनी अभिव्यक्ति का जरिया देता है। लेकिन चुनाव आपका होना चाहिए। आपको कुछ पसंद है, तो उसे अपनाएं। पसंद नहीं है, तो मत लें। मगर किसी और के चुनाव पर अपना फैसला न थोपें। दुनिया को थोड़ा और आसान…ज्यादा सुंदर बनाने का यही तरीका है कि ‘जियो और जीने दो’। मुझे हमेशा लगता है कि जब हम दूसरों को जज करते हैं, तो कहीं न कहीं वह हमारी अपनी असुरक्षा से आता है। जो इंसान खुद में सहज होता है, जो अपनी पहचान को स्वीकार कर चुका होता है, उसके पास किसी और को आंकने की ऊर्जा नहीं बचती। इसलिए आप खुद के साथ सहज रहें। जब आप अपने होने को स्वीकार कर लेते हैं, तब जीवन हल्का लगने लगता है। मेरे माता-पिता ने भी मुझे यही सिखाया। उन्होंने कभी खूबसूरती को बड़ा मुद्दा नहीं बनाया। उन्होंने मुझे एहसास दिया कि असली पहचान इस बात से बनती है कि आप कौन हैं, क्या करते हैं और लोगों को कैसा महसूस कराते हैं। अगर आपकी मौजूदगी किसी के चेहरे पर मुस्कान ला सके, आपके शब्द किसी को उम्मीद दे सकें, तो वही असली सुंदरता है। जब इंसान भीतर से सुंदर होता है, तब जिंदगी खूबसूरत लगती है। खुद को कायम रखिए। दुनिया आपको बदलने की कोशिश करेगी। लोग आपको बताएंगे कि आपको कैसा दिखना चाहिए, कैसे बोलना चाहिए, कैसे जीना चाहिए। लेकिन सच्ची शांति तब मिलती है, जब आप खुद को स्वीकार कर लेते हैं। सहज रहें। क्योंकि जब आप सहज होते हैं, तभी अपने भीतर की ताकत को पहचान पाते हैं। जिंदगी ने मुझे कई भूमिकाएं दीं… एक्ट्रेस की, पत्नी की, मां की। लेकिन मैंने एक बात नहीं बदली, वो है समर्पण। मैं जो भी काम करती हूं, पूरे समर्पण के साथ करती हूं। मेरे लिए प्रोफेशन सिर्फ काम नहीं, जिम्मेदारी है। मैं किसी चीज को स्वीकार करती हूं, तो उसे अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करती हूं। शादी से पहले भी ऐसी ही थी, शादी के बाद भी, मां बनने से पहले भी और उसके बाद भी। परिस्थितियां बदल सकती हैं, लेकिन आपका मूल स्वभाव नहीं बदलना चाहिए। मैंने कई बार लगातार दिन-रात काम किया है, बिना सोए हुए। लेकिन जब आपका मन सकारात्मक होता है, तो थकान आपको छू भी नहीं पाती। जीवन हर दिन आपको कुछ नया सिखाता है। हर अनुभव आपको अपने भीतर के किसी नए हिस्से से मिलवाता है। शायद यही जिंदगी की सबसे खूबसूरत बात है, हम लगातार खुद को खोजते रहते हैं। मैं सिर्फ इतना कहना चाहूंगी कि खुद को अपनाएं। अपनी पसंद, अपनी जीवन यात्रा और अपनी पहचान को सम्मान दें। दूसरों के लिए भी थोड़ी जगह छोड़ें, थोड़ी संवेदना रखें। आखिर में खूबसूरती वही है, जो इंसान को इंसान से जोड़ दे।

असली संतोष आपके अंदर छुपा है आपका काम पूरी दुनिया तक पहुंचे, यह बेहद सुंदर अनुभव है। हर कलाकार चाहता है कि उसकी कला ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे, क्योंकि रचनात्मकता अपने दर्शकों को तलाशती है। लेकिन असली संतोष तो भीतर से ही आता है। (तमाम इंटरव्यू में)



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