23% जेन-जी कपल्स बोटॉक्स-फिलर्स ले रहे:  शादी का खुमार; 14 महीने पहले शुरू हो रहा ब्राइडल ब्यूटी रूटीन
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23% जेन-जी कपल्स बोटॉक्स-फिलर्स ले रहे: शादी का खुमार; 14 महीने पहले शुरू हो रहा ब्राइडल ब्यूटी रूटीन

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दुल्हनों की शादी की तैयारी अब सिर्फ कपड़े और गहनों तक सीमित नहीं रही। वे शादी से कई महीने पहले से ‘स्किन केयर प्लान’ बनाकर स्किन को निखारने में जुट रही हैं। अमेरिकन वेडिंग कंपनी जोला की 2026 रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका में करीब 23% जेन-जी कपल्स शादी से पहले बोटॉक्स और फिलर्स जैसे ट्रीटमेंट ले रहे हैं। मकसद यह है कि शादी के दिन के साथ-साथ सगाई, बैचलर पार्टी, ब्राइडल शॉवर जैसे हर मौके पर फोटो-वीडियो में चेहरा बेदाग दिखे, क्योंकि अब 12-12 घंटे की फोटोग्राफी आम हो गई है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक दुल्हनें शादी से 12 से 14 महीने पहले डॉक्टर की निगरानी में स्किन केयर रूटीन शुरू कर देती हैं। इसमें बोटॉक्स, माइक्रोनीडलिंग, लिप फिलर्स जैसे ट्रीटमेंट शामिल हैं। जल्दी शुरुआत करने से स्किन को रिकवर होने और बेहतर रिजल्ट आने का समय मिल जाता है। जरूरत के अनुसार ट्रीटमेंट करवा रही दुल्हनें अब दुल्हनें एक ही इलाज के बजाय अलग-अलग ट्रीटमेंट्स को मिलाकर करवा रही हैं, जिसे ‘स्टैकिंग’ कहते हैं। इसमें त्वचा की चमक के लिए लेजर और कसावट के लिए माइक्रोनीडलिंग का साथ में इस्तेमाल होता है। इससे चेहरा फोटो और वीडियो में अधिक साफ, सुंदर और निखरा हुआ नजर आता है। डार्क स्किन के लिए सावधानी – स्किन प्लान पर 4.6 लाख रु. तक खर्च हो सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इलाज से पहले स्किन एनालिसिस जरूरी है। खासकर डार्क स्किन टोन वाली दुल्हनों को लेजर ट्रीटमेंट में सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि कुछ लेजर उनकी त्वचा पर उल्टा असर डाल सकते हैं। रिकवरी टाइम जरूरी, फिलर्स 2-4 महीने पहले ट्रीटमेंट के बाद त्वचा पर लालिमा या खुरदरापन आना सामान्य है, जो 3 से 5 दिन रह सकता है। इसलिए एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि इन्हें मुख्य फंक्शन से काफी पहले कराएं। खासकर फिलर्स शादी से 2 से 4 महीने पहले लगवाने चाहिए ताकि सूजन उतर सके और लुक नैचुरल दिखे। चेहरे के साथ गर्दन और कंधों का भी मेकओवर खूबसूरती का ट्रेंड चेहरे से आगे बढ़कर गर्दन, कंधों तक पहुंच गया। ‘ट्रैप-टॉक्स’ इंजेक्शन का सहारा लिया जा रहा है, जो मांसपेशियों को आराम देकर गर्दन को लंबा, सुडौल दिखाते हैं। शरीर का पोस्चर सुधरता है और गर्दन की झुर्रियां कम करने के लिए विशेष इलाज किए जा रहे हैं।



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