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टेनिस का सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट विम्बलडन अपने सख्त ड्रेस कोड के लिए जाना जाता है। 150 साल से यहां खिलाड़ियों को लगभग पूरी तरह सफेद कपड़े पहनकर उतरना होता है। जूतों के फीते तक सफेद होने चाहिए। सिर्फ कॉलर या कफ पर एक सेंटीमीटर तक रंग की अनुमति है। लेकिन इस बार जापान की चार बार की ग्रैंड स्लैम चैंपियन नाओमी ओसाका ने इसी नियम के भीतर रहकर फैशन स्टेटमेंट बना दिया। उन्होंने कोर्ट पर आने से पहले सफेद रंग का किमोनो-स्टाइल जैकेट पहना, जिस पर जापानी संस्कृति के प्रतीक सारस और चेरी ब्लॉसम की कढ़ाई थी। यह डिजाइन टोक्यो की डिजाइनर हाना यागी ने तैयार किया। नाओमी को इस लुक की प्रेरणा फिल्म ‘किल बिल’ में अभिनेत्री लूसी लियू के सफेद किमोनो से मिली थी। विम्बलडन; 1877 से ऑल वाइट ड्रेस कोड का नियम विम्बलडन में 1877 से चले आ रहे नियम का उद्देश्य खिलाड़ियों के पसीने कम दिखाई देना था। खिलाड़ी लगभग पूरी तरह सफेद कपड़ों में ही कोर्ट पर उतरते हैं। 2013 में रोजर फेडरर के जूतों के नारंगी सोल नियमों के खिलाफ पाए गए थे। उन्हें बीच मैच के दौरान जूते बदलने पड़े थे। 1988 से 1990 तक आंद्रे अगासी ने विम्बलडन का बहिष्कार किया था। वजह थी कि वे अपने रंग-बिरंगे कपड़े और डेनिम शॉर्ट्स छोड़कर सफेद ड्रेस नहीं पहनना चाहते थे। विम्बलडन 2023 में 130 साल पुराना नियम बदला गया था। पहली बार महिला खिलाड़ियों को गहरे रंग के अंडरशॉर्ट्स पहनने की अनुमति मिली थी, ताकि उन्हें मासिक धर्म के दौरान असहजता न हो। सेलेब्रिटीज – इन खिलाड़ी ने टेनिस में फैशन को बढ़ावा दिया नोवाक जोकोविच की यह खास Lacoste जैकेट उनके 24 ग्रैंड स्लैम खिताबों को समर्पित थी। जैकेट पर चार टेनिस बॉल बनाई गई थीं। इस जैकेट से जोकोविच की ग्रैंड स्लैम यात्रा को फैशन के जरिए दिखाया गया था। एरिना सबालेंका – 2026 में बेलारूस की टेनिस प्लेयर एरिना सबालेंका गुच्ची की ग्लोबल ब्रांड एंबेसडर बनीं। उनके पहले कैंपेन में उन्होंने टेनिस कोर्ट पर गुच्ची की फ्रिंज ड्रेस और हाई हील्स पहनकर नया फैशन स्टेटमेंट दिया। यानिक सिनर – यानिक सिनर ने 2023 के विम्बलडन टूर्नामेंट में कस्टमाइज्ड गुच्ची डफल बैग कैरी किया था, वह गुच्ची के एक प्रतिष्ठित मॉडल पर आधारित था जिसकी कीमत लगभग 1,550 डॉलर (तकरीबन ₹1.47 लाख रु.) है।
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