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अक्सर कहा जाता है कि हेवी वर्कआउट या लंबी एक्सरसाइज से शरीर में कॉर्टिसोल यानी स्ट्रेस हार्मोन खतरनाक स्तर तक बढ़ जाता है। इसी वजह से कई लोग इसे सेहत के लिए नुकसानदायक मानते हैं। लेकिन वैज्ञानिकों के अनुसार, एक्सरसाइज के दौरान कॉर्टिसोल बढ़ना शरीर की सामान्य और जरूरी प्रक्रिया है। अच्छी सेहत के लिए कॉर्टिसोल बेहद जरूरी और फायदेमंद है इकान स्कूल ऑफ मेडिसिन माउंट सिनाई, न्यूयॉर्क के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. लीना फैन के अनुसार, कॉर्टिसोल सिर्फ तनाव का हार्मोन नहीं है। यह शरीर को चुनौती से निपटने के लिए तैयार करता है, ऊर्जा उपलब्ध कराता है और हार्ट रेट, ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, नींद, संक्रमण व सूजन को नियंत्रित करने में मदद करता है। वर्कआउट के बाद कॉर्टिसोल अपने आप सामान्य हो जाता है यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ कैरोलिना के प्रो. एंथनी हैकनी के अनुसार, हेवी वर्कआउट के दौरान कॉर्टिसोल बढ़ना शरीर की सामान्य प्रक्रिया है। यह मांसपेशियों तक ज्यादा ऑक्सीजन पहुंचाने में मदद करता है। आराम और सही पोषण के बाद इसका स्तर सामान्य हो जाता है और नियमित ट्रेनिंग से बेसलाइन कॉर्टिसोल भी कम हो सकता है। भारी वर्कआउट के साथ सही डाइट और आराम जरूरी क्लीवलैंड क्लिनिक में वीमेंस इंटीग्रेटेड स्पोर्ट डॉ. मैरी शेफर के अनुसार, भारी एक्सरसाइज के बाद पर्याप्त कार्बोहाइड्रेट, संतुलित आहार, आराम और अच्छी नींद जरूरी है। अगर शरीर को पर्याप्त पोषण और रिकवरी नहीं मिलती, तो कॉर्टिसोल लंबे समय तक बढ़ा रह सकता है और ओवरट्रेनिंग का खतरा भी बढ़ जाता है।
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