![]()
पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा।
दिल्ली की वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंचने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने पूरे दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान का पहला चरण लागू कर दिया है। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बुधवार को दावा किया कि सरकार के प्रयासों और ज
.
सिरसा ने बताया कि सर्दियों में प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार 11 सूत्रीय एक्शन प्लान पर काम कर रही है। इसमें करीब 30 एजेंसियां शामिल हैं। प्रदूषण नियंत्रण के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक उपाय किए जा रहे हैं।
334 टीमें करेंगी निगरानी, 60 होंगे मॉनिटरिंग स्टेशन
पर्यावरण मंत्री के मुताबिक, दिल्ली में वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशनों की संख्या 47 से बढ़ाकर 60 की जाएगी। नियमों का पालन कराने के लिए 334 प्रवर्तन टीमें तैनात होंगी। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली के प्रदूषण में स्थानीय स्रोतों की हिस्सेदारी 30% और आसपास के राज्यों व क्षेत्रों की 60-65% है। इसलिए एनसीआर में समन्वित कार्रवाई जरूरी है।
1 नवंबर से प्रदूषण रोकने के लिए सरकार ने उठाए ये सख्त कदम
नो पीयूसीसी, नो फ्यूल: वैध प्रदूषण जांच प्रमाणपत्र के बिना वाहनों को ईंधन नहीं मिलेगा।
बाहरी वाहनों पर रोक: 1 नवंबर से 31 जनवरी तक दिल्ली के बाहर पंजीकृत गैर-BS-VI वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध। ईवी और सीएनजी वाहनों को छूट।
50% वर्क फ्रॉम होम: सरकारी और निजी दफ्तरों के आधे कर्मचारियों को घर से काम कराने की योजना।
दफ्तरों का समय बदलेगा: एमसीडी कार्यालय सुबह 8:30 से शाम 5 बजे और दिल्ली सरकार के कार्यालय सुबह 10 से शाम 6:30 बजे तक चलेंगे।
पार्किंग शुल्क दोगुना: 1 नवंबर से पार्किंग शुल्क बढ़ेगा। मेट्रो पार्किंग को छूट रहेगी।
निर्माण पर पाबंदी: धूल फैलाने वाले निर्माण और तोड़फोड़ कार्यों पर 1 नवंबर से 31 जनवरी तक रोक। 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक निर्माण गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध का प्रावधान।






