राम मंदिर के चढ़ावे में हेरफेर कर चोरी करने के मामले में आने वाले समय में और भी परतें खुल सकती हैं। सूत्रों के मुताबिक एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में पिछले पांच साल के चढ़ावे का ऑडिट करने की सिफारिश की है। अनियमितता रोकने के भी कई सुझाव दिए हैं। इस पर मुख्यमंत्री निर्णय लेंगे। उधर, धर्मसेना के अध्यक्ष संतोष दुबे ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर ट्रस्ट को तत्काल भंग करने की मांग की है।
एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक जांच में कई अहम तथ्य शामिल किए हैं। सूत्रों के मुताबिक ट्रस्ट में बदलाव करने और चढ़ावा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के अलावा ऑडिट की सिफारिश की है। जांच में कुछ ऐसे साक्ष्य मिले हैं जिससे आशंका है कि हेरफेर का खेल कई वर्षों से चल रहा था। हालांकि, इस बारे में स्पष्टता रिपोर्ट सीएम तक पहुंच जाएगी और उसको लेकर आधिकारिक बयान जारी होगा या कार्रवाई शुरू होगी।








