साइकिल थैरेपी; याददाश्त व इम्युनिटी दोनों को फायदा:  रोज पैडल मारने से जिंदगी युवा रहती है
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साइकिल थैरेपी; याददाश्त व इम्युनिटी दोनों को फायदा: रोज पैडल मारने से जिंदगी युवा रहती है

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बढ़ती उम्र में मांसपेशियों का घटना और जोड़ों का जाम होना एक आम समस्या है। लेकिन यूनिवर्सिटी ऑफ बर्मिंग्घम व किंग्स कॉलेज लंदन की रिसर्च में पाया कि जो बुजुर्ग 20 से 30 मिनट नियमित साइकिल चलाते हैं, उनका इम्यून सिस्टम व मांसपेशियां 20 साल के युवाओं जैसी मजबूत पाई गई। यानी साइकिल बढ़ती उम्र को पीछे धकेलने का सबसे सस्ता और वैज्ञानिक तरीका है, लेकिन ध्यान रखें यदि किसी बीमारी से जूझ रहे हैं तो डॉक्टर से सलाह लेकर ही साइकिल चलाएं। नियमित साइकिल चलाने से आपकी सेहत को 3 बड़े फायदे होंगे 1. घुटने मजबूत रहेंगे – साइकिल के पैडल मारने से जोड़ों के बीच ‘साइनोवियल फ्लूइड’ यानी नेचुरल ग्रीस का रिसाव बढ़ता है। इसके कारण घुटनों के लिए फायदा होता है। 2. याददाश्त बढ़ेगी – प्रोसिडिंग ऑफ नेशनल एकेडमी ऑफ साइंस में छपी रिसर्च कहती है भूलने की बीमारी से जूझ रहे वृद्धों को साइकिल चलाना दिमाग का टॉनिक है। 3. दिल-फेफड़े स्वस्थ रहेंगे – साइक्लिंग जैसी एरोबिक एक्सरसाइज मेटाबॉलिज्म और सूजन से जुड़े मार्कर्स में सुधार लाती है। यह हृदय रोग व शुगर का जोखिम घटाती है। बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए 2 नियम साइकिल सेटअप – सीट का लेवल ऐसा रखें पैडल नीचे होने पर भी पैर हल्का सा मुड़ा रहे। इससे रीढ़ की हड्डी पर दबाव नहीं आता। इंडोर विकल्प – बाहर तेज धूप या ट्रैफिक हो तो घर में स्टेशनरी या मैग्नेटिक एक्सरसाइज साइकिल सबसे सुरक्षित विकल्प है।



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