4 घंटे पहले
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- माइलस्टोन फिल्म ‘शोले’ के पचास साल पूरे हुए हैं, इस वजह से अमिताभ बच्चन चर्चा में हैं। उनकी स्पीच से कुछ खास बातें, जो आपको भी प्रेरित करेंगी…
हर किसी के जीवन में ऐसा वक्त आता है, जब कुछ करना असंभव लगता है। वैसे कभी भी किसी ने नहीं कहा कि जीवन आसान है, लेकिन जीवन की कठिनाइयों से घबराइए मत। एक सपना, कोई काल्पनिक चीज नहीं है। सपना भी हाथ, पांव और शरीर रखता है। आपके हाथ, आपके पांव, आपका शरीर। सपना आप हैं और आप ही सपना देख रहे हैं। हमेशा इस भावना में एकजुट रहिए। अगर इसका मतलब है संघर्ष, एक लंबी उड़ान, तो होने दीजिए। बात हार-जीत की नहीं है, बात है जीवन को जीने की। अगर मैं खेलों में मुक्केबाज, एथलीट, हॉकी या क्रिकेट खिलाड़ी होता, सेना-नौसेना या वायुसेना में होता या कोई और पेशा चुनता, तो भी मेरे माता-पिता खुश होते क्योंकि मैं उनका सपना था, चाहे मैं कुछ भी बनता। महात्मा गांधी ने कहा था, आप वो परिवर्तन बनिए जो आप दुनिया में देखना चाहते हैं। मैं इसमें अपनी बात जोडूंगा कि आप वो सपना बनिए, जो आप दुनिया में देखना चाहते हैं। माता-पिता और बच्चे का सपना एक जगह बसता है, जिसे हम ‘घर’ कहते हैं। यह ना मेरा है, ना तुम्हारा, ना किसी और का… यह ‘हमारा’ है। हमारा सपना ही हमारी पूजा है। यही है बंधन… प्रेम का बंधन, जिम्मेदारी का बंधन। चाहे वह एक छोटा परिवार हो या पूरा राष्ट्र। हमारा वजूद इसलिए है कि हम सपना देखने का साहस करते हैं। हमें सिर्फ सामाजिक या पारिवारिक दबाव में आकर ग्रेजुएट नहीं बनना चाहिए। हमें इसलिए ग्रेजुएट होना चाहिए कि हम खुद को विकसित करना चाहते हैं। मेरे स्कूल ‘शेरवुड कॉलेज’ ने मुझे सबसे कीमती शिक्षा जो दी, वो है कि इंसान कैसे बना जाता है। शेरवुड ने मुझे सिखाया कि दूसरों के साथ गरिमा से कैसे जिया जाए, समुदाय में कैसे रहा जाए और खुद के साथ शांति से कैसे रहा जाए। साथ रहना, मिलकर काम करना, सीखना, झगड़ना और प्यार करना मैंने वहीं सीखा। अपनी गरिमा को विकसित करने के लिए ट्रेनिंग जरूरी है… शरीर, मन और आत्मा की ट्रेनिंग। इसे हम एक और नाम देते हैं- अनुशासन। जीवन में सबसे बड़ा पुरस्कार बाहरी सफलता नहीं, अच्छा चरित्र है। इसे पाना कठिन है। बार-बार जीतना पड़ता है। मैं भी कई बार इसमें चूक जाता हूं, लेकिन प्रयास नहीं छोड़ता। जब हम अपनी गरिमा समझते हैं, तभी दूसरों की गरिमा समझ पाते हैं। शिक्षा नामक धन की भूख हमेशा अपने अंदर रखें मेरा मानना है अच्छी शिक्षा ही मनुष्य का सबसे मूल्यवान धन होती है, व्यक्तिगत रूप से भी और सामूहिक रूप से भी। धन और सफलता तो आते-जाते रहते हैं, लेकिन अच्छी शिक्षा कोई छीन नहीं सकता। जानकारी पाना ही काफी नहीं होता। ज्ञान वो होता है जो आपको सिखाता है कि आखिर इस जानकारी का करना क्या है… और यह समझ ही चरित्र की देन है। ज्ञान सबसे मूल्यवान तब बनता है, जब हम उसे साझा करते हैं। शिक्षा नामक धन की भूख हमेशा अपने अंदर रखें। इसकी तलाश करें, इसे पोषित करें, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण… इसे साझा करें। जब हम ज्ञान को साझा करते हैं, तभी वह कई गुना बढ़ता है। (2018 में मुंबई के डीएआईएस ग्रेजुएशन समारोह में अमिताभ बच्चन)








