कैलिफोर्निया16 घंटे पहले
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दिग्गज टेक कंपनी एपल 2026 में फोल्डेबल आईफोन ला सकती है। चर्चा है कि यह कंपनी के सीईओ टिम कुक के नेतृत्व में बना आखिरी प्रोडक्ट हो सकता है। 1998 में जब एपल संकट में थी, तब उन्होंने दूसरी कंपनी में इन्वेंट्री हेड का पद छोड़ एपल जॉइन किया।
तब उनके फैसले को मूर्खतापूर्ण कहा गया, लेकिन वे दिवंगत को-फाउंडर स्टीव जॉब्स के भरोसे और दृढ़ता की बदौलत एपल को 357 लाख करोड़ रुपए की कंपनी बनाने वाले सफर तक ले आए। जानते हैं टेक बिलियनेयर कुक की कहानी…
1. प्रेरणा: पिता ने ‘कड़ी मेहनत का मूल्य’ का सिद्धांत सिखाया
कुक में बचपन से पैसे कमाने की चाहत थी। 12 साल की उम्र में पॉकेटमनी के लिए अखबार बेचने लगे थे। तब तड़के 3 बजे उठते, काम करते और फिर स्कूल जाते थे।
उनका मानना है कि पिता ने उन्हें ‘कड़ी मेहनत का मूल्य’ सिखाया, जो जीवनभर उनके करियर में मार्गदर्शक सिद्धांत बना रहा। 16 साल की उम्र में टाइपराइटर न खरीद पाने के कारण उन्होंने पूरा निबंध हाथ से लिखकर प्रतियोगिता में भेजा और उसे जीता भी।

2. हुनर: मुश्किल वक्त में स्टीव संग मिलकर कई नए प्रोडक्ट लाए
वर्ष 1998 में स्टीव जॉब्स के बुलावे पर टिम कुक सीनियर वाइस प्रेसिडेंट बनकर एपल से जुड़े। तब कंपनी का वैल्युएशन सिर्फ 3.02 बिलियन डॉलर (करीब 27,000 करोड़ रुपए) थी और हालत खराब थी। कुक ने तुरंत ऑपरेशन और ग्लोबल सप्लाई चेन संभाली।
2005 में वे सीओओ बने और जॉब्स के साथ मिलकर आईफोन और आईपैड जैसे प्रोडक्ट पेश किए। 2011 में जॉब्स के बाद कुक सीईओ बने और उनके नेतृत्व में एपल 3 ट्रिलियन डॉलर वैल्युएशन वाली दुनिया की पहली कंपनी बनी। आज ये 4 ट्रिलियन डॉलर की कंपनी है।
3. काम: हर दिन कंपनी की वैल्यू में औसतन 6,273 करोड़ रुपए जोड़े
कुक के 14 साल के नेतृत्व में एपल की सालाना बिक्री 9.6 लाख करोड़ से 37 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गई। मुनाफा 3 लाख करोड़ से 12 लाख करोड़ रुपए हो गया। मार्केट कैप 31 लाख करोड़ से 360 लाख करोड़ तक पहुंच गया। यानी हर दिन औसतन 6,273 करोड़ रुपए जोड़े।
शेयरधारकों को अमीर बनाने में सिर्फ एनवीडिया के जेन्सन हुआंग उनसे आगे हैं। इकोनॉमिस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी की समग्र आय में, टिम कुक के 1 ट्रिलियन डॉलर (करीब 89 लाख करोड़ रुपए) के आंकड़े के आसपास दुनिया का कोई भी सीईओ नहीं ठहरता है।
4. जीवन मंत्र: 23 हजार करोड़ संपत्ति, न आलीशान घर, न ही लग्जरी कार
कुक का जन्म 1 नवंबर 1960 को अमेरिका के अलबामा में हुआ। पिता शिपयार्ड वर्कर और मां दवा कंपनी में काम करती थीं। कुक परिवार में कॉलेज जाने वाले पहले सदस्य थे।
कुक ने शादी नहीं की और 2014 में खुद को समलैंगिक बताया। 2009 में कैंसर से पीड़ित स्टीव जॉब्स को लिवर देने की पेशकश भी की थी। 23 हजार करोड़ रुपए की संपत्ति और ₹643 करोड़ की सालाना सैलरी के बावजूद कुक साधारण जीवन जीते हैं।
उनके पास न चमचमाती कारें हैं, न लग्जरी घर। वे काम को लेकर जुनूनी हैं। सुबह 5 बजे उठना, दफ्तर के सैंकड़ो ईमेल चेक करना, जिम और ऑफिस उनका डेली रूटीन है।








