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आलिया भट्ट की मां बोलीं- दिवाली पर पटाखा फोड़ना देशविरोधी:कहा- प्रदूषण से बच्चों की सेहत बिगड़ रही; दिया मिर्जा का वीडियो हटाया गया था

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एक्ट्रेस आलिया भट्ट की मां सोनी राजदान ने दिवाली पर पटाखा फोड़ने को देशविरोधी बताया है। मंगलवार देर रात इंस्टाग्राम पोस्ट शेयर कर उन्होंने इसे सेहत और जिंदगी से खिलवाड़ बताया। उन्होंने लिखा कि प्रदूषण के कारण छोटे बच्चे बीमार पड़ रहे हैं और स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। विवाद की आशंका को देखते हुए सोनी राजदान ने अपनी इस पोस्ट पर कमेंट सेक्शन को बंद कर दिया है। उनका यह बयान बॉम्बे हाईकोर्ट की ओर से बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) को दीया मिर्जा का प्रदूषण मुक्त दिवाली वीडियो री-अपलोड करने के आदेश के बाद आया है। ‘एक भी पटाखा फोड़ना एंटी-नेशनल और एंटी-लाइफ’ सोनी राजदान ने लिखा कि छोटे बच्चों के माता-पिता ही जानते हैं कि वायु प्रदूषण के कारण उनके बच्चे कितना परेशान होते हैं और बीमारी की वजह से उनके स्कूल के कितने दिन छूट जाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थितियों में अगर कोई यह कहता है कि दिवाली पर एक भी पटाखा फोड़ना सही है, तो यह बात लाइफ के खिलाफ, सेहत के खिलाफ और देश के खिलाफ (एंटी-नेशनल) लगती है। उन्होंने लोगों से अपनी और बच्चों की सेहत के लिए सही विकल्प चुनने की अपील की। दीया मिर्जा का वीडियो हटाने पर शुरू हुआ था विवाद यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ था जब बीएमसी ने भारतीय जनता पार्टी की आपत्ति के बाद दीया मिर्जा का प्रदूषण मुक्त दिवाली संदेश वाला वीडियो अपने सोशल मीडिया हैंडल से डिलीट कर दिया था। हालांकि बीएमसी ने माधुरी दीक्षित और क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे के वीडियो बरकरार रखे थे। दीया मिर्जा ने कोर्ट के निर्देश पर यह वीडियो बनाया था। वीडियो हटाए जाने पर दीया मिर्जा ने कहा था कि यह वीडियो सार्वजनिक जागरूकता और बेहतर स्वास्थ्य के लिए बनाया गया था, क्योंकि वायु प्रदूषण जनस्वास्थ्य से जुड़ा एक गंभीर विषय है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने बीएमसी को लगाई थी फटकार इसके बाद अदालत ने बीएमसी को दीया मिर्जा का वीडियो दोबारा अपलोड करने का निर्देश दिया था। हाईकोर्ट ने बीएमसी प्रशासन को फटकार लगाते हुए कहा था कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है और पर्यावरण का मुद्दा हर नागरिक से जुड़ा है, चाहे वह किसी भी धर्म या जाति का हो। अदालत ने कहा कि नागरिक निकाय के आयुक्त ने जागरूकता फैलाने के लिए कलाकारों का सही चुनाव किया था और इस तरह के वीडियो को हटाना अनुचित था। बच्चों की सेहत और स्कूल छूटने की जताई चिंता सोनी राजदान ने अपनी पोस्ट में मुख्य रूप से बढ़ते प्रदूषण का बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर असर पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने कहा कि दिवाली का त्योहार रोशनी, ज्ञान और उम्मीद की विजय का प्रतीक है, लेकिन पटाखों के धुएं से होने वाला नुकसान बच्चों के जीवन को खतरे में डालता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि साफ हवा में सांस लेना हर बच्चे का अधिकार है और नागरिकों को पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले कामों से बचना चाहिए।



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