इंस्पायरिंग:  लगातार डटे रहें… अगर आपकी तैयारी मजबूत है तो कोई भी जंग जीत सकते हैं – अभिषेक शर्मा
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इंस्पायरिंग: लगातार डटे रहें… अगर आपकी तैयारी मजबूत है तो कोई भी जंग जीत सकते हैं – अभिषेक शर्मा

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5 घंटे पहले

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आईपीएल में शानदार खेल दिखाने की वजह से चर्चा में बने हुए हैं। उनकी छोटे-से करियर की बड़ी सीख, उन्हीं की जुबानी… लोग जब मेरी बल्लेबाजी देखते हैं तो उन्हें लगता है कि मैं बहुत सारे शॉट्स खेलता हूं, लेकिन मेरे पास ज्यादा शॉट्स नहीं हैं। मेरे पास सिर्फ कुछ ही शॉट्स हैं… और मैं उन्हीं पर पूरा भरोसा करता हूं। मैं हमेशा सोचता हूं, अगर मैंने उन शॉट्स की प्रैक्टिस की है, तो मुझे उन्हें खेलने से डरना नहीं चाहिए। इसलिए मैं हर गेंद पर अपने शॉट्स को बैक करता हूं। हर मैच से पहले सिर्फ मैदान पर नहीं, दिमाग में भी तैयारी करता हूं। मैं गेंदबाजों के वीडियो देखता हूं, अपनी बल्लेबाजी के वीडियो देखता हूं… ताकि मुझे अंदाजा हो जाए कि सामने वाला क्या प्लान कर रहा है और मुझे क्या करना है। नेट्स में भी उसी हिसाब से तैयारी करता हूं, क्योंकि मुझे पता होता है कि गेंदबाज मेरे लिए क्या रणनीति लेकर आएंगे। मुझे पता है कि मैं कहां सीमित हूं। आप देख सकते हैं कि मैं बहुत ज्यादा ताकत वाला खिलाड़ी नहीं हूं, मैं ‘रेंज-हिटिंग’ में विश्वास नहीं करता, टाइमिंग पर भरोसा करता हूं। मेरे लिए सबसे जरूरी है गेंद को देखना, हालात को समझना और जल्दी खुद को ढाल लेना… क्योंकि हम हर जगह खेल रहे हैं, हर पिच अलग है। मैं जानता हूं कि मैं जोर से मारूंगा, तो मैंने टाइमिंग को हथियार बनाया है। आप खुद को सीमित रखते हुए भी मजबूत बनकर उभर सकते हैं। बहुत लोग मानते हैं कि मेरा खेल हाई-रिस्क है… लेकिन मैं ऐसा नहीं सोचता। मेरे लिए सबसे पहले टीम आती है। अगर टीम चाहती है कि पहले छह ओवर में आक्रामक खेलूं, तो वही मेरा फोकस होता है। इतने साल के खेल में एक चीज सीखी है, अगर आपको 200 के स्ट्राइक रेट से खेलना है या हर गेंद पर शॉट मारना है, तो सिर्फ सोचने से नहीं होगा… उसके लिए मेहनत करनी पड़ती है, प्रैक्टिस करनी पड़ती है। प्रैक्टिस से आप हर जंग जीत सकते हैं। लगातार डटे रहना ही किसी भी काम को आसान बनाता है। आज के टी-20 खेल में तो वाकई सोचने का वक्त नहीं है… सो जो है, वो प्रैक्टिस है। यही बात वैसे जीवन के हर पड़ाव पर आप समझेंगे कि लगातार डटे रहना ही मायने रखता है। हर टीम मेरे खिलाफ प्लान बनाती है… सिर्फ फील्ड नहीं, गेंदबाजी की लाइन-लेंथ भी बदलती है। लेकिन मैंने ये समझ लिया है कि अगर तैयारी मजबूत हो, तो आप किसी भी प्लान का जवाब दे सकते हैं। मुझे पहले से पता होता है कि मुझे चुनौती मिलने वाली है… लेकिन मैं अपने इंस्टिंक्ट पर भरोसा करता हूं। मैंने जितनी मेहनत की है, जितनी प्रैक्टिस की है, वही मुझे आत्मविश्वास देती है।

मारते हुए आउट होना बेहतर है, डरते हुए नहीं… हमारी टीम में पैट कमिन्स हमेशा एक बात कहते हैं – अगर हम 50 रन पर 6 विकेट भी खो दें, तब भी सातवें बल्लेबाज को दबाव नहीं लेना चाहिए। आउट होना है तो मारते हुए हो, डरते हुए नहीं। इस बात को आप जीवन की मुसीबतों से जोड़कर भी देख सकते हैं। (तमाम इंटरव्यू में)



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