एन. रघुरामन का कॉलम:  क्या हमारे 16 साल के किशोरों के पास नए आइडियाज़ दिख रहे हैं!
टिपण्णी

एन. रघुरामन का कॉलम: क्या हमारे 16 साल के किशोरों के पास नए आइडियाज़ दिख रहे हैं!

Spread the love


  • Hindi News
  • Opinion
  • Teen Innovators Launch Clever Safety Gadget In London | N Raghuraman Column

6 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक
एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु - Dainik Bhaskar

एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु

प्रोडक्ट आइडिया पर चर्चा के लिए कुछ अन्य लोगों के साथ अपनी पहली बैठक में 17 साल की यूजीनिया ने चीफ एग्जीक्यूटिव और 16 साल की नव्या ने चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर की भूमिका संभाली। बैठक के अंत में उन्हें एहसास हुआ कि उनका लक्ष्य एक ही है- अपने समुदाय में बदलाव और वास्तविक असर पैदा करना।

सेंट पॉल्स स्कूल फॉर गर्ल्स की इन टीनेजर्स ने सेंट पॉल्स स्कूल फॉर बॉय्ज के सहपाठियों के साथ मिलकर काम शुरू किया और वे साझा तौर पर लंदन में अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित थे। लेकिन उनमें से कोई भी अलार्म साथ नहीं रखना चाहता था, क्योंकि वे ‘क्लिनिकल’ दिखते थे और इन्हें रखना शर्मिंदगी माना जाता था। धीरे-धीरे इन स्टूडेंट्स को समस्या के अपने ही समाधान पर भरोसा होने लगा। महज चार महीनों में उन्होंने हजारों पाउंड का बिजनेस कर लिया। उन्होंने ऐसे अलार्म बेचे, जो सॉफ्ट टॉय की-रिंग्स में छिपाए गए थे और सामान्य बैग एक्सेसरी जैसे दिखते थे।

वे बिल्कुल एक कंपनी की तरह कदम-दर-कदम बढ़े। सर्वे किया, प्रोटोटाइप बनाया, बाजार में टेस्टिंग और आखिर में प्रोडक्ट डिजाइन किया। पिछले साल सितंबर में उन्होंने एक प्रतियोगिता के लिए प्रोटोटाइप बनाया और फिर वि​भिन्न स्थानों और बाजारों में ग्राहकों से मिले फीडबैक के आधार पर उसे बेहतर किया।

हालांकि, शुरुआत में उन्हें लगा कि यह प्रोडक्ट सिर्फ स्कूल और कॉलेज जाने वाले टीनेजर्स के लिए है, लेकिन वे हैरान रह गए कि बड़ी संख्या में वयस्क भी इसे अपने लिए खरीदने लगे। 15 से 20 पाउंड कीमत की इस की-चेन को टॉर्च और 3डी प्रिंटेड इनिशियल्स जैसी वैकल्पिक एक्सेसरीज के साथ कस्टमाइज किया जा सकता है।

प्रतियोगिता में रनर-अप चुने जाने के बाद भी वे रुके नहीं। जजों ने उनसे कहा कि यह सफल प्रोडक्ट बन सकता है तो स्टूडेंट्स ने इसी महीने स्टार्टअप शुरू करने का फैसला किया है। जैसे ही स्टार्टअप बना, उन्होंने बोत्सवाना के शिक्षा मंत्रालय से उसके नौ स्कूलों में इस प्रोडक्ट को बेचने पर चर्चा की और उन्हें कॉन्ट्रैक्ट मिल गया। चूंकि सुरक्षा वैश्विक मसला है तो नव्या अब इसे विदेशों तक फैलाने की योजना बना रही हैं।

इससे असम्बद्ध दूसरे घटनाक्रम में 11 बिलियन डॉलर की सॉफ्टवेयर डेवलपर कंपनी नोशन के सीईओ इवान झाओ ने 2026 की शुरुआत में 16 साल के एक हाई स्कूल स्टूडेंट को कंपनी के प्रोडक्ट फीचर्स पर पार्ट-टाइम काम के लिए नियुक्त किया। नोशन टीम ने जब छात्र के बनाए डिजाइन और एआई आधारित वीडियो यूट्यूब पर देखे तो उसे चुना गया।

कंपनी मानती है कि ऐसे हाई स्कूल छात्र एआई टूल्स तेजी से अपनाते हैं और तकनीक की सीमाओं को लेकर उनकी धारणाएं भी कम होती हैं। नोशन के युवा कर्मचारियों द्वारा हाल ही में बनाया गया सबसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट एक अनोखा एआई चैट एप है। यह ईमेल और कैलेंडर प्रबंधन के लिए डिजाइन किया गया डेडिकेटेड चैट-फर्स्ट इंटरफेस है, जिसे यूजर के नोशन कॉन्टेक्स्ट तक पूरा एक्सेस ​दिया गया है। झाओ ने बताया कि एक छोटी टीम ने एआई कोडिंग एजेंट्स के जरिए बहुत तेजी से इसे तैयार किया। मुख्यत: दसवीं के इसी छात्र द्वारा तैयार और अभी तक अघोषित एक नए प्रोडक्ट की ‘महत्वपूर्ण खेप’ इसी माह पेश की जानी है।

झाओ ने कहा कि एआई में प्रगति के कारण ‘अत्यधिक अनुभव अब मायने नहीं रखता।’ इसीलिए नोशन अब या तो बहुत युवा, या फिर बेहद अनुभवी सीनियर ऑपरेटर्स चुन रही है। यह दिखाता है कि उद्यमी अब ‘क्षमताओं’ के बजाय ‘जुनून’ को लेकर ज्यादा ध्यान देने लगे हैं।

उन्हें ऐसे लोग चाहिए, जो बाजार पर कब्जा करने के लिए दूसरों से अधिक तेजी से उनके कारोबार को आगे बढ़ा सकें। और इसके लिए इन 16 साल के टीनेजर्स से बेहतर कौन होगा, जो तकनीक के दौर में पैदा हुए और जिन्होंने तकनीक को कई रूपों में विकसित होते देखा है।

फंडा यह है कि आंत्रप्रेन्योर्स को आसपास के स्कूलों में जाना चाहिए। बड़े इनाम वाली प्रतियोगिताएं आयोजित कर ऐसे हाई स्कूल स्टूडेंट्स को तलाशना चाहिए, जो एआई-नेटिव हों, फुर्ती से काम करने वाले हों, और उनके बिजनेस के लिए ‘आउट ऑफ बॉक्स’ आइडिया दे सकें।

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *