एन. रघुरामन का कॉलम:  संगीत और मेहंदी के अलावा, क्या ‘प्रीनप’ भी अपनी शादी में है?
टिपण्णी

एन. रघुरामन का कॉलम: संगीत और मेहंदी के अलावा, क्या ‘प्रीनप’ भी अपनी शादी में है?

Spread the love


  • Hindi News
  • Opinion
  • N. Raghuraman’s Column Besides Sangeet And Mehendi, Is ‘Preenap’ Also At Her Wedding?

8 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक
एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु - Dainik Bhaskar

एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु

दुनिया के चौथे सबसे अमीर व्यक्ति जेफ बेजोस, इस वीकेंड वेनिस में चल रहे भव्य समारोह में लॉरेन सांचेज से शादी कर रहे हैं। ऐसी बड़ी शादियों से पहले हम जैसे भारतीय जहां हमेशा ये जानने को उत्सुक रहते हैं कि मेहंदी, संगीत के कार्यक्रम कैसे होने जा रहे हैं, लेकिन वहां के लोग ये जाने बिना नहीं रह पाते कि क्या इसमें ‘प्रीनप’ (Prenup) है और वह कैसा है!

लोग तब तक अपनी चर्चा समाप्त नहीं करते, जब तक कि ये ना जान लें कि ‘प्रीनप्स’ कैसा होने जा रहा है। आप सोच रहे होंगे कि भला ‘प्रीनप’ क्या है? ये एक विवाहपूर्व समझौता है, जिसे आम तौर पर प्रीनप कहते हैं। इसमें शादी से पहले युगल लिखित समझौता करता है, जो उन्हें शादी के बाद अपने कानूनी अधिकारों के चयन और नियंत्रण का अधिकार देोता है और बताता है कि यदि शादी टूटी तो क्या होगा।

231 अरब डॉलर (लगभग 20 लाख करोड़ रु.) की सम्पत्ति वाले इस व्यक्ति ने 2019 में जब मैकेंजी स्कॉट से तलाक लिया, तो उनके पास सम्पत्ति के बंटवारे वाला ‘प्रीनप’ समझौता नहीं था। तब मैकेंजी को अमेजन में हिस्सेदारी मिली थी, जिसका मूल्य 35 अरब डॉलर से अधिक था।

जून 2025 तक बेजोस के पास अमेजन का 8.6% हिस्सा था, जिसकी वैल्यू 190.56 अरब डॉलर थी। 2024 में उन्होंने अपने हिस्से के 13.5 अरब डॉलर के शेयर बेच दिए थे। बेजोस की निजी निवेश फर्म बेजोस एक्सपेडिशंस, उनकी सम्पत्ति-निवेश का हिसाब-किताब रखती है। सोवरेन वेल्थ फंड इंस्टीट्यूट के अनुमान के अनुसार कंपनी के पास 107.8 अरब डॉलर की सम्पत्ति है।

कंपनी ने एयरबीएनबी, उबर टेक्नोलॉजी, ब्लू ओरिजिन, वॉशिंगटन पोस्ट और परप्लेक्सिटी में निवेश किया है। परप्लेक्सिटी गूगल जैसी कंपनियों का बड़ा प्रतिद्वंद्वी है। बेजोस अमेरिका में 23वें सबसे बड़े भूस्वामी भी हैं, जिनके पास 4.20 लाख एकड़ जमीन है।

यहां मैं मैनहट्टन के फिफ्थ एवेन्यु से लेकर अन्य स्थानों पर स्थित उनके मकानों की बात तो कर ही नहीं रहा हूं। मेरी सूची में दो जेट, दो हेलीकॉप्टर और सुपर याट भी शामिल नहीं है। 1997 में बेजोस होंडा अकॉर्ड कार चलाते थे और दरवाजों की पुन:उपयोग वाली अतिरिक्त लकड़ी से बनी डेस्क पर काम करते थे। आज वह दुनिया के चौथे सबसे अमीर व्यक्ति हैं!

प्रीनप्स सिर्फ संपत्ति के बारे में ही नहीं होते, बल्कि इस बारे में भी होते हैं कि कौन प्रभावी होगा, निजी जेट का प्रयोग कौन कर सकता है, उत्तम नस्ल वाले घोड़ों की देखभाल कौन करेगा, यहां तक कि सोशल मीडिया पर कौन क्या कह सकता है। ये समझौते एक चीज अवश्य ही विश्वसनीय रूप से देते हैं, वो है चुप्पी।

विकसित देशों में अब प्रीनप्स हर संपत्ति वर्ग के लोगों में आम होते जा रहे हैं, खासतौर पर जिनकी संपत्ति नौ अंकों में या उससे अधिक होती है। प्रीनप्स ये भी तय करते हैं कि ब्रेकअप की स्थिति में कौन सामान पैक करेगा और कौन तीस दिन के भीतर बाहर जाएगा।

कुछ प्रीनप्स में इसका भी उल्लेख होता है कि जीवनसाथी को उतना ही वजन रखना होगा, जितना शादी के दिन था और सप्ताह में चार बार व्यायाम करना होगा। धोखाधड़ी या अफेयर पर वित्तीय दंड का प्रावधान भी होता है।

इन ‘प्रीनप्स’ में एक दिलचस्प बात सनसेट क्लॉजेस भी होते हैं, जिनमें 10 या 20 वर्ष बाद प्रीनप्स समझौते के समाप्त होने का प्रावधान भी होता है। ये इस बात की स्वीकारोक्ति है कि लंबे समय चलने वाले विवाह सच्ची पार्टनरशिप में बदल जाते हैं।

इस पर मुझे आश्चर्य होता है कि क्या विश्वास से भरी पार्टनरशिप बनने में इतना लंबा समय लगता है? यही कारण है कि भारतीय विवाह लंबे समय चलते हैं, क्योंकि इनमें जीवनभर की प्रतिबद्धता पर जोर दिया जाता है।

परिवार और समाज की उम्मीदों का दबाव होता है और शादी को दो परिवारों को मिलन माना जाता है। पारंपरिक तौर पर हम शादी को एक पवित्र और स्थायी बंधन के तौर पर देखते हैं। जीवनभर की प्रतिबद्धता में यह गहरा विश्वास ही तलाक के खिलाफ एक मजबूत रुकावट बन सकता है।

फंडा यह है कि मैं अब भी यह पसंद करूंगा कि वकीलों के साथ बैठकर ‘प्रीनप्स’ बनाने के बजाय हमारे परिवारों की शादियां ‘मेड इन हैवन’ कहलाएं। आपका क्या कहना है?

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *