घड़ी के साथ एहसास भी दे रहीं स्विस वॉच कंपनियां:  आलीशान ​इमारतों में प्राइवेट किचन-खेल सुविधाएं; हुनर-परंपरा से रूबरू कराने की कोशिश
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घड़ी के साथ एहसास भी दे रहीं स्विस वॉच कंपनियां: आलीशान ​इमारतों में प्राइवेट किचन-खेल सुविधाएं; हुनर-परंपरा से रूबरू कराने की कोशिश

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लग्जरी घड़ियां खरीदने का एहसास ही गर्व और सुकून से भर देता है, कैसा हो कि इन घड़ियों को बनते हुए देखने का मौका मिले। साथ ही इन्हें गढ़ने वाले डिजाइनर्स का संघर्ष और हुनर भी करीब से महसूस कर सकें,स्विट्जरलैंड की घड़ी कंपनियां का फोकस इन दिनों यही है। वे ऐसे भव्य महल खड़े कर रही हैं जो ग्राहकों को जादुई दुनिया का अहसास कराते हैं। इंडस्ट्री में भी सबसे ज्यादा चर्चा इसी की है। इस बदलाव की ताजा मिसाल है ‘ऑडेमर्स पिगुए’ की नई इमारत ‘द आर्क’। स्विट्जरलैंड के ले ब्रासस की वादियों में घुमावदार आकार में बनी यह इमारत 700 कर्मचारियों का कार्यस्थल नहीं है, बल्कि ब्रांड की भविष्य की सोच का प्रतीक है। सीईओ इलारिया रेस्टा कहती हैं,‘यह इमारत हमारी कार्यशैली को नए तरीके से परिभाषित करती है।’ यहां जटिल मैकेनिकल घड़ियों पर काम करने वाले एक्सपर्ट को एक छत के नीचे लाया गया है, ताकि नवाचार तेजी से हो सके। घड़ी उद्योग में अब नया ट्रेंड ‘वर्टिकल इंटीग्रेशन’ है। यानी घड़ी का हर पुर्जा एक ही छत के नीचे बनाना। मॉर्गन स्टेनली की रिपोर्ट के अनुसार इस रणनीति से कंपनियों का टर्नओवर तेजी से बढ़ा है। एर्मेज ने ले नोइरमोंट में 11 हजार वर्ग मीटर की नई साइट शुरू की है। कंपनी ने बीते छह वर्षों में रेवेन्यू दोगुने से ज्यादा कर लिया है। हुब्लो के सीईओ जूलियन टोनारे कहते हैं, ‘हमारा नया ‘एच3’ सेंटर ग्राहकों को ऐसा अनुभव देगा जो पहले कभी नहीं मिला। वहां आलीशान शोरूम, प्राइवेट किचन और स्पोर्ट्स सुविधाएं भी होंगी। टोनारे कहते हैं,‘जब ग्राहक घड़ी बनते देखते हैं, तो उनका ब्रांड से भावनात्मक जुड़ाव बढ़ जाता है, जिससे बिक्री की संभावना भी बढ़ जाती है।’ एक्सपर्ट ओलिवर मुलर कहते हैं, ग्राहकों को यह बताना कि आप खुद घड़ियां बनाते हैं,अपनी विशेषज्ञता व साख साबित करने का जरिया है। प्रीमियम दौर में ये आलीशान इमारतें सिर्फ वर्कशॉप नहीं, बल्कि ब्रांड की विरासत व शिल्प कला पेश करने वाले शक्तिशाली मार्केटिंग टूल्स बन गई हैं। स्पष्ट है कि स्विस घड़ी निर्माता सिर्फ समय नहीं बेच रहे, बल्कि वे शानदार मेकिंग व परंपरा को यादगार ‘लाइव शो’ की तरह दुनिया के सामने रख रहे हैं।’ सांस्कृतिक अनुभव में बदल जाता है कारोबारी लेनदेन बुल्गारी और शोपार्ड जैसे ब्रांड्स मानते हैं कि ग्राहक फैक्ट्री का दौरा करते हैं, तो एहसास होता है कि एक छोटी सी घड़ी के पीछे दर्जनों लोगों की मेहनत व सदियों का हुनर छिपा है। यह व्यावसायिक लेन-देन को ‘सांस्कृतिक अनुभव’ में बदल देता है। जेनिथ जैसी कंपनियों के पास फैक्ट्रियों की छतों में छिपी ऐसी कहानियां हैं, जो 70 के दशक के ‘क्वार्ट्ज संकट’ के दौरान मैकेनिकल घड़ियों को बचाने की गवाह रही हैं।



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