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जब आपके सामने कोई नया विचार रखा जाता है, तो क्या सबसे पहले आपके मन में यह आता है कि इसमें क्या गलत हो सकता है? जब बातचीत या स्थिति स्पष्ट न हो, तो क्या आप तुरंत किसी नकारात्मक निष्कर्ष पर पहुंच जाते हैं? अगर ऐसा है, तो आप अपनी सोच को बदलना सीखें। यहां कुछ सामान्य तरीके दिए हैं जिनसे एंग्जायटी काम के दौरान समस्याएं पैदा कर सकती है और उन्हें कम करने के उपाय भी: 1. आप दूसरों की नजर में अपनी छवि को गलत समझ लेते हैं:
एंग्जायटी से जूझ रहे लोग अक्सर सोचते हैं कि दूसरे लोग उन्हें पसंद नहीं करते या उन्हें कम प्रतिभाशाली मानते हैं। कोशिश करें कि बिना ठोस सबूत के किसी निष्कर्ष पर पहुंचने की अपनी इस आदत को पहचानें। 2. आप फीडबैक को लेकर अक्सर रक्षात्मक हो जाते हैं:
एंग्जायटी वाले लोग फीडबैक को बहुत बड़ा संकट मानते हैं और सोचते हैं कि अब वे असफल हो जाएंगे। आलोचना को खुले मन से स्वीकार करें। कोई फीडबैक असहज करे, तो कहें कि ये अच्छे पॉइंट्स हैं, मैं इस पर थोड़ा सोचकर जवाब दूंगा। 3. लोग बेवजह आपको मुश्किल इंसान समझने लगते हैं:
एंग्जायटी से ग्रस्त लोग उन चीजों से बचने लगते हैं जिनसे उन्हें घबराहट होती है और बाद में शर्मिंदगी महसूस करते हैं। जैसे किसी ईमेल का जवाब टालना, जिससे दूसरों को आप गैर-जिम्मेदार लग सकते हैं। 4. आप नए विचारों पर नकारात्मक प्रतिक्रिया देने लगते हैं:
किसी नए आइडिया पर आपकी पहली प्रतिक्रिया सिर्फ उसके जोखिम और कमियों के बारे में सोचने की होती है, तो लोग इसे नकारात्मक रवैया समझते हैं। पहले नए विचार की अच्छी बातें पहचानें। उसके बाद ही अपनी चिंताएं रखें। बातचीत को सकारात्मक रखें।
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