जरूरत की खबर- फेस्टिव सीजन में ओवरईटिंग से कैसे बचें:  क्यों जरूरत से ज्यादा खाते हैं हम, कैसे रोकें क्रेविंग, डॉक्टर के 10 टिप्स
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जरूरत की खबर- फेस्टिव सीजन में ओवरईटिंग से कैसे बचें: क्यों जरूरत से ज्यादा खाते हैं हम, कैसे रोकें क्रेविंग, डॉक्टर के 10 टिप्स

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12 घंटे पहलेलेखक: गौरव तिवारी

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भारत में त्योहार का मतलब है, उत्सव के साथ खूब सारे पकवान और मिठाइयां। हमारे देश में हर उपलब्धि और उत्सव को अच्छे खाने के साथ सेलिब्रेट करने की परंपरा है।

दिवाली भारत का सबसे बड़ा त्योहार है। उत्साह में लोग पेट भरने के बाद भी खा रहे होते हैं। यही ओवर ईटिंग है। इससे ब्लड शुगर बढ़ने, पाचन खराब होने और मोटापा बढ़ने का जोखिम होता है।

अगर हम थोड़ी सी सतर्कता बरतें, तो त्योहारों का मजा लेते हुए भी अपनी सेहत का ख्याल रख सकते हैं।

आज ‘जरूरत की खबर’ में हम ओवरईटिंग से बचने के तरीके जानेंगे। साथ ही जानेंगे कि-

  • ओवरईटिंग के मुख्य कारण क्या हैं?
  • इससे बचने के लिए क्या करें?

एक्सपर्ट: डॉ. रोहित शर्मा, कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, जयपुर

सवाल- लोग त्योहारों के सीजन में ओवरईटिंग क्यों करते हैं?

जवाब- ओवरईटिंग का मतलब है, अपनी जरूरत से ज्यादा भोजन करना। दिवाली जैसे त्योहारों में ये इसलिए होता है, क्योंकि चारों तरफ स्वादिष्ट चीजें बिखरी रहती हैं।

तैयारी का तनाव, बाजारों के आकर्षक ऑफर, परिवार के साथ शेयरिंग और सोशल मीडिया पर दिख रहे परफेक्ट फेस्टिव फूड। ये सब मिलकर दिमाग को ‘अभी खाओ, कल डाइट करेंगे’ मोड में ले जाते हैं। इसीलिए फेस्टिव सीजन में लोगों का औसतन 2-3 किलो वजन बढ़ जाता है। यह ज्यादातर ओवरईटिंग से होता है। हालांकि, थोड़ी प्लानिंग से हम इसे कंट्रोल कर सकते हैं।

सवाल- ओवरईटिंग के पीछे मुख्य कारण क्या हैं?

जवाब- इसके ज्यादातर कारण हमारे रोजमर्रा के व्यवहार से जुड़े हैं। जब हम दिवाली की शॉपिंग करने जाते हैं तो ढेर सारे स्नैक्स खरीद लाते हैं। उसे खाते रहते हैं। सभी कारण ग्राफिक में देखिए-

ये कारण इतने आम हैं कि हम इन्हें नोटिस ही नहीं करते हैं। मिसाल के तौर पर, घर में एक चॉकलेट का पैकेट रख दिया तो वो खुद-ब-खुद खत्म हो जाता है, क्योंकि ‘वेस्ट न करने’ का बहाना तो बन ही जाता है।

सवाल- ओवरईटिंग से सेहत पर क्या बुरा असर पड़ता है?

जवाब- इससे सिर्फ वजन नहीं बढ़ता है, बल्कि इससे पाचन संबंधी परेशानियां, थकान, ब्लड शुगर का उतार-चढ़ाव और यहां तक कि इमोशनल गिल्ट भी होता है। लंबे समय में ये डायबिटीज या हाई कोलेस्ट्रॉल का खतरा बढ़ा सकता है। सभी खतरे ग्राफिक में देखिए-

सवाल- दिवाली में ओवरईटिंग से बचने के लिए क्या करें?

जवाब- सबसे पहले ये समझें कि कम खाना है तो खाने के सामान भी कम खरीदें। कुछ आसान टिप्स अपनाकर ओवरईटिंग से बच सकते हैं। ग्राफिक में देखिए-

ये टिप्स अपनाने से आप न सिर्फ हेल्दी रहेंगे, बल्कि खाने का असली स्वाद भी महसूस करेंगे।

सवाल- कम खरीदने की टेक्नीक कैसे काम करती है?

जवाब- बाजार में दिवाली के ऑफर देखकर मन डोल जाता है, लेकिन एक लिस्ट बनाकर जाएं। मिसाल के तौर पर, 10 लोगों के लिए 2 किलो मिठाई काफी है, फिर 5 किलो क्योंलेनी है? घर आकर मिठाई को ऊंची शेल्फ पर रख दें। । याद रखें, ज्यादा खरीदना मतलब ज्यादा खाना और वेस्टेज का बहाना भी है। इस बार ट्राई करें, फर्क महसूस होगा।

सवाल- सिर्फ पसंद की चीजें खरीदने से क्या बदलेगा?

जवाब- हम अक्सर सब कुछ ट्राई करते हैं। जो चीजें पसंद नहीं हैं, वो भी खाते हैं। इससे कैलोरी बढ़ती है। बॉक्स में से अपनी फेवरेट चॉकलेट चुनें, बाकी शेयर कर दें। इससे न सिर्फ एंजॉयमेंट बढ़ेगा, बल्कि ओवरईटिंग भी रुकेगी।

सवाल- खाना नजरों से दूर कैसे रखें?

जवाब- विजुअल क्यूज बहुत पावरफुल होते हैं। कॉफी टेबल पर नट्स रखे हैं तो बार-बार हाथ जाएगा। इसे किचन में शिफ्ट करें, खाने से पहले सोचें। भूख लगी है या सिर्फ आदतन खाने का मन कर रहा है? घर के लोगों से बात करें, सब मिलकर फैसला लें। इससे टेम्पटेशन कम होगा और आप कंट्रोल में भी रहेंगे।

सवाल- प्लानिंग कैसे मदद करती है?

जवाब- बिना प्लान के इवेंट्स में ओवरईटिंग आसान है। ऑफिस पार्टी से पहले तय करें कि मिठाइयां ही लेंगे। घर पर सेकंड सर्विंग न लें, छोटी प्लेट यूज करें। लेफ्टओवर को फ्रीज करें या अगले दिन के लिए रखें। रेस्टोरेंट में 2 कोर्स ही ऑर्डर करें। ये छोटी-छोटी स्ट्रैटजीज आपको ‘मास्टर ऑफ फूड’ बना देंगी।

सवाल- ग्रेजिंग क्या है और इससे कैसे बचें?

जवाब- ग्रेजिंग मतलब दिनभर छोटे-छोटे माउथफुल्स लेना, जो कैलोरी तो बढ़ाते हैं लेकिन संतुष्टि नहीं देते हैं। टीवी देखते हुए या कुकिंग करते वक्त होता है। इसका सॉल्यूशन ये है कि 3 बैलेंस्ड मील्स और 1-2 स्नैक्स रखें। पानी ज्यादा पिएं, क्योंकि कभी भूख तो कभी प्यास लगती है। इससे ब्लड शुगर स्टेबल रहेगा।

सवाल- टीवी के साथ खाने की आदत कैसे ब्रेक करें?

जवाब– दिवाली में मूवी नाइट्स तो बनती ही हैं, ऐसे में स्नैकिंग भी। एक बाउल में तय अमाउंट लें, किचन में फिर से न जाएं। हैंड्स बिजी रखने के लिए गेम खेलें या चैट करें। छोटे पैकेट्स यूज करें, ओपन पैकेट का जादू तो आप जानते ही हैं। इससे निबलिंग 50% कम हो जाएगी।

सवाल- जनवरी डाइट को बहाना न बनाएं, ये क्यों जरूरी?

जवाब- कई लोग सोचते हैं, दिवाली में खा लेता हूं, फिर जनवरी में डाइट करूंगा। ये साइकल आपको थका देता है। इसके बजाय ‘मेंटेन नॉट गेन’ माइंडसेट अपनाएं। माइंडफुल ईटिंग से बैलेंस्ड रहें, डाइट की जरूरत ही न पड़े। इससे सेल्फ-कॉन्फिडेंस बढ़ेगा।

सवाल- माइंडफुल ईटिंग क्या है और कैसे करें?

जवाब- माइंडफुल ईटिंग मतलब खाते वक्त प्रेजेंट रहना। धीरे-धीरे चबाएं, टेस्ट एंजॉय करें, बॉडी की सिग्नल सुनें। डिस्ट्रैक्शन कम करें, जैसे खाना खाते समय फोन साइड में रखें। प्लेट पर फ्रूट-वेज रखें, फाइबर से देर तक पेट भी भरा रहेगा। अगर लगे कि आप खान एंजॉय नहीं कर रहे हैं तो रुक जाएं।

सवाल- दूसरे खाने को कहें तो कैसे हैंडल करें?

जवाब- फैमिली या कलीग्स अक्सर कहते हैं, कि थोड़ा और खा लो, फेस्टिवल है। आप ये ध्यान रखें कि आपसे ज्यादा आपको कोई नहीं जानता है। इसलिए उतना ही खाएं, जितनी भूख है। ‘ना’ कहना सीखें। FOMO से बचें, क्योंकि खाना हमेशा मिलेगा।

सवाल- नींद और ओवरईटिंग का क्या कनेक्शन है?

जवाब- कम नींद से हॉर्मोन असंतुलित होते हैं, भूख बढ़ती है। दिवाली की पार्टियों में लेट नाइट्स नॉर्मल हैं, लेकिन 7-8 घंटे सोने की कोशिश करें। थकान में कार्ब्स क्रेविंग होती है, जो ओवरईटिंग को ट्रिगर करती है। अर्ली नाइट ट्राई करें, इससे फर्क पड़ेगा।

सवाल- ओवरईटिंग की आदत पहले से है तो क्या करें?

जवाब- अगर सिर्फ दिवाली नहीं, बल्कि रेगुलर ओवरईटिंग करते हैं, तो फूड रिलेशनशिप पर काम करें। किसी न्यूट्रिशनिस्ट से कंसल्ट करें। छोटे चेंजेस से शुरू करें, जर्नलिंग करें कि कब-क्यों खाया। याद रखें, त्योहार बहाना नहीं, बल्कि बैलेंस का मौका है।

सवाल- ओवरईटिंग से बचने के लिए कुछ गलतियां क्या न करें?

जवाब- ओवरईटिंग में लोग अक्सर बहुत कॉमन गलतियां करते हैं। सभी गलतियां ग्राफिक में देखिए।

सवाल- इन टिप्स को अपनाने से क्या फायदे होंगे?

जवाब- इससे न सिर्फ वजन कंट्रोल रहेगा, बल्कि एनर्जी हाई रहेगी, मूड अच्छा होगा और पाचन स्मूद रहेगा। सभी फायदे ग्राफिक से देखिए।

सवाल- क्या ये टिप्स रोज अपनाए जा सकते हैं?

जवाब- बिल्कुल। दिवाली के बाद भी माइंडफुल ईटिंग कर सकते हैं। थोड़ी प्रैक्टिस करें, तो साल भर हेल्दी रहेंगे। इस दिवाली से शुरू करें।

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