6 घंटे पहले
- कॉपी लिंक

व्रत सिर्फ धार्मिक आस्था का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि ये सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद है। नवरात्रि में कई लोग 9 दिन तक उपवास रखते हैं। इस दौरान या तो फलाहार करते हैं या फिर कुछ भी नहीं खाते हैं। जब शरीर को पूरा पोषण नहीं मिलता, तब अच्छे स्वास्थ्य के लिए लगातार पानी जरूरी होता है।
लोग अक्सर सोचते हैं कि व्रत का मतलब सिर्फ भूखे रहना है। लेकिन अगर आप हाइड्रेशन पर ध्यान नहीं देंगे तो व्रत आपके लिए फायदे की जगह नुकसान का कारण बन सकता है। पानी न सिर्फ बॉडी को हाइड्रेटेड रखता है, बल्कि यह आपके शरीर को डिटॉक्स करने, भूख को कंट्रोल करने और दिमाग को शांत रखने में भी मदद करता है।
आज ‘जरूरत की खबर’ में जानेंगे कि व्रत में पानी पीना क्यों जरूरी है। साथ ही जानेंगे कि-
- डिहाइड्रेशन से क्या नुकसान हो सकते हैं?
- क्या इससे भूख कंट्रोल करने में मदद मिलती है?
एक्सपर्ट: डॉ. अनु अग्रवाल, न्यूट्रिशनिस्ट और ‘वनडाइटटुडे’ की फाउंडर, दिल्ली
सवाल: व्रत में पानी पीना इतना जरूरी क्यों है?
जवाब: हमारे शरीर का करीब 70% हिस्सा पानी से बना है। ब्लड, मांसपेशियां और दिमाग सबको सही तरीके से काम करने के लिए पानी चाहिए। व्रत के दौरान जब आप खाना नहीं खाते तो शरीर अपनी स्टोर की हुई एनर्जी का इस्तेमाल करता है। अगर पानी की कमी हो जाए, तो शरीर के बेसिक फंक्शन प्रभावित हो सकते हैं।
डॉ. अनु अग्रवाल कहती हैं कि पानी की कमी से ब्लड गाढ़ा हो सकता है, जिससे ऑक्सीजन और पोषक तत्व कोशिकाओं तक नहीं पहुंच पाते हैं। इससे थकान, चक्कर और सिरदर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। व्रत में पानी पीना इसलिए जरूरी है, क्योंकि यह शरीर को हाइड्रेटेड रखता है और डिटॉक्स प्रक्रिया को सपोर्ट करता है।

सवाल: व्रत में पानी की कमी से क्या समस्याएं हो सकती हैं?
जवाब: व्रत के दौरान अगर आप पर्याप्त पानी नहीं पीते हैं तो डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है। यह आपके शरीर और दिमाग दोनों को प्रभावित करता है। डॉ. अनु कहती हैं कि डिहाइड्रेशन के लक्षण व्रत के अनुभव को खराब कर सकते हैं। ग्राफिक में देखिए-

सवाल: क्या व्रत में शरीर को डिटॉक्स करने के लिए पानी जरूरी है?
जवाब: व्रत का सबसे बड़ा फायदा शरीर का डिटॉक्सिफिकेशन है। ज्यादातर लोग सोचते हैं कि फल, जूस या व्रत का खाना बॉडी डिटॉक्स करता है, लेकिन असल में पानी ही सबसे बड़ा डिटॉक्स एजेंट है।
डॉ. अनु के मुताबिक, पानी लिवर और किडनी से टॉक्सिन्स बाहर निकालने में मदद करता है। यह पाचन तंत्र को साफ रखता है और कब्ज जैसी समस्याओं से बचाता है। अगर आप पानी नहीं पीते हैं तो शरीर में जमा गंदगी बाहर नहीं निकल पाती, जिससे भारीपन और गैस की दिक्कत हो सकती है। पानी की मदद से शरीर को जमा फैट को एनर्जी में बदलने में भी मदद मिलती है।
सवाल: क्या व्रत में पानी भूख को भी कंट्रोल करता है?
जवाब: व्रत में सबसे बड़ी चुनौती भूख है। शरीर के लिए एनर्जी का सबसे आसान सोर्स ग्लूकोज है। यह हमारे खाने से शरीर को आसानी से मिल जाता है। जब हम व्रत में खाना नहीं खाते हैं तो दिमाग बार-बार भूख का मैसेज देता है। अगर हम खाने की जगह पानी पी लें तो शरीर जमा फैट को पानी की मदद से एनर्जी में बदलकर इस्तेमाल कर लेता है। इससे भूख का सिग्नल मिलना बंद हो जाता है। हर 1-2 घंटे में थोड़ा-थोड़ा पानी पीने से व्रत आसान हो जाता है और आप अनावश्यक स्नैक्स खाने से भी बच जाते हैं।

सवाल: व्रत में पानी पीने का सही तरीका क्या है?
जवाब: इसके लिए कोई निश्चित तरीका नहीं है। हालांकि कुछ बातों का ख्याल रख सकते हैं-
- थोड़ा-थोड़ा पानी पिएं: एक बार में बहुत ज्यादा पानी पीने से पेट में भारीपन हो सकता है। हर 1-2 घंटे में थोड़ा-थोड़ा पानी पिएं।
- 8-10 गिलास पानी रोज पिएं: सामान्य तौर पर दिन में इतना पानी जरूरी है। अगर आप ज्यादा एक्टिव हैं, तो इससे ज्यादा भी पी सकते हैं।
- गुनगुना पानी बेहतर: ठंडा पानी पाचन को धीमा कर सकता है। इसलिए बेहतर है कि गुनगुना या नॉर्मल पानी पिएं।
- हाइड्रेटिंग ड्रिंक्स: सेंधा नमक के साथ नींबू पानी, नारियल पानी या छाछ भी पी सकते हैं। इनसे इलेक्ट्रोलाइट्स मिलते हैं।
सवाल: क्या व्रत में सिर्फ सादा पानी पीना चाहिए?
जवाब: पानी व्रत का सबसे जरूरी हिस्सा है, लेकिन अगर आपके व्रत के नियम अनुमति देते हैं तो कुछ अन्य ड्रिंक्स भी ले सकते हैं। व्रत का मतलब है कि इस दौरान कैलोरी इनटेक नहीं होना चाहिए। इसलिए कैलोरी-फ्री ड्रिंक्स जैसे हर्बल टी, ब्लैक कॉफी या नींबू पानी पी सकते हैं। ये ड्रिंक्स न सिर्फ हाइड्रेटेड रखेंगी, बल्कि एनर्जी भी देते हैं। हालांकि, जूस, सोडा या चीनी वाली चाय-कॉफी से बचना चाहिए। इससे कैलोरी इनटेक बढ़ता है और उससे व्रत उतना फायदेमंद नहीं रहता है।

सवाल: क्या व्रत में पानी पीने से वजन कम करने में मदद मिलती है?
जवाब: हां, बिल्कुल। व्रत को कई लोग वजन कम करने के मौके की तरह देखते हैं। पानी इस प्रक्रिया को और प्रभावी बनाता है।
डॉ. अनु कहती हैं कि पानी मेटाबॉलिज्म को तेज करता है, जिससे शरीर ज्यादा कैलोरी बर्न करता है। यह भूख को भी कंट्रोल करता है, जिससे आप अनावश्यक स्नैक्स खाने से बचते हैं। इससे व्रत के दौरान वजन कम करना आसान हो जाता है।

सवाल: किन लोगों को व्रत में पानी का खास ध्यान रखना चाहिए?
जवाब: व्रत में पानी हर किसी के लिए जरूरी है, लेकिन कुछ लोगों को इसे अधिक गंभीरता से लेना चाहिए। अगर कोई क्रॉनिक डिजीज है या प्रेग्नेंसी है तो खास ख्याल रखें।

सवाल: व्रत में पानी स्किन और एनर्जी के लिए क्यों जरूरी है?
जवाब: व्रत के दौरान कई लोग थकान और स्किन के रूखेपन की शिकायत करते हैं। इसका कारण अक्सर डिहाइड्रेशन होता है। डॉ. अनु अग्रवाल के मुताबिक, पानी स्किन को हाइड्रेटेड रखता है, जिससे चेहरा चमकदार दिखता है। इससे शरीर में एनर्जी बनी रहती है तो थकान भी कम होती है।
………………
ये खबर भी पढ़िए
जरूरत की खबर- नवरात्रि व्रत के दौरान होती थकान-कमजोरी: हो सकती हैं ये 5 वजह, न्यूट्रिशनिस्ट से जानें हेल्दी फास्टिंग के टिप्स

व्रत के दूसरे-तीसरे दिन से ही थकान, चक्कर आना, सिरदर्द या कमजोरी जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं। अगर व्रत शरीर को डिटॉक्स करने और तरोताजा बनाने के लिए रखा जाता है, तो ये परेशानियां क्यों आती हैं? पूरी खबर पढ़िए…








