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बोनस का समय किसी भी मैनेजर के लिए संवेदनशील होता है। यह सिर्फ पैसे बांटने की प्रक्रिया नहीं, कर्मचारियों के भरोसे, प्रेरणा और संगठन से उनके जुड़ाव को प्रभावित करता है। जो इसे पूरे साल की प्रदर्शन-प्रबंधन प्रक्रिया का हिस्सा मानते हैं, वे इसे बेहतर संभाल पाते हैं… 1. क्या आप प्रदर्शन के आधार पर भुगतान करते हैं?
यह स्पष्ट करें कि आपकी कंपनी में बोनस किस आधार पर दिया जाता है? क्या यह प्रदर्शन पर आधारित है या सभी कर्मचारियों को लगभग समान बोनस मिलता है? इसको ठीक से समझें। नहीं तो कर्मचारी गलत उम्मीदें बना लेंगे। 2. आप किस चीज को वास्तव में पुरस्कृत कर रहे हैं?
बोनस देने का उद्देश्य क्या है? अगर बोनस किसी स्पष्ट उपलब्धि, लक्ष्य या योगदान से जुड़ा है, तो यह कर्मचारियों को अधिक प्रेरित करता है। लेकिन अगर यह बिना किसी स्पष्ट कारण के दिया जाए, तो उसका प्रभाव कम हो जाता है। 3. आप जो संदेश दे रहे हैं, उसके प्रभाव को समझें
बोनस केवल पैसे तक सीमित नहीं रहता, यह संगठन के भीतर एक संदेश देता है कि किसे कितना महत्व दिया गया है। किसे कितना बोनस मिला, यह जानकारी तेजी से फैलती है और इससे टीम के मनोबल पर असर पड़ता है। निर्णय लेते समय पूरे संगठन की भावना ध्यान में रखें।
4. पैसा हमेशा ही सबसे बड़ी प्रेरणा नहीं हो सकता
कई बार केवल पैसे से कर्मचारी संतुष्ट नहीं होते। सम्मान, सराहना, सीखने के अवसर और करियर ग्रोथ भी उतने ही महत्वपूर्ण होते हैं। अगर केवल वित्तीय इनाम पर निर्भर रहा जाए, तो उसका प्रभाव समय के साथ कम हो सकता है। 5. बोनस की जानकारी कैसे दी जाए, यह भी महत्वपूर्ण है
किसी कर्मचारी को उसका बोनस बताते समय शब्दों का चुनाव और तरीका मायने रखता है। बोनस अच्छा है, तो उसके पीछे के प्रयास को स्पष्ट करें। बोनस उम्मीद से कम है, तो समझाएं कि आगे किस तरह सुधार किया जा सकता है।
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