![]()
अभी देश के कई हिस्सों में पारा 45 डिग्री के करीब चल रहा है। यह मौसम बुजुर्गों के पाचन तंत्र के लिए सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण होता है। गर्मी में होने वाला डिहाइड्रेशन न केवल कब्ज बढ़ाता है, बल्कि आंतों की पुरानी बीमारियों को भी ट्रिगर कर सकता है। बुजुर्गों के लिए राहत की बात यह है कि गर्मी में पाचन तंत्र के लिए इलाज से ज्यादा असरदार रोजमर्रा की छोटी आदतें होती हैं। भोजन में फाइबर की मात्रा बढ़ाएं व पर्याप्त पानी पिएं। दही, छाछ, फल, ओट्स जैसे आहार आंतों के लिए नेचुरल प्रोबायोटिक का काम करते हैं, पेट को गर्मी से बचाते हैं।
आप 60 पार हैं तो ये 5 उपाय पाचन तंत्र को बेहतर रखेंगे 1. हाइड्रेशन का ‘गोल्डन रूल’ गर्मी में प्यास का इंतजार न करें। दिन में कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं। नारियल पानी, छाछ ‘नेचुरल प्रोबायोटिक्स’ हैं, जो आंतों के अच्छे बैक्टीरिया को बचाते हैं। 2. फाइबर का सही संतुलन कब्ज से बचने के लिए फाइबर जरूरी है, लेकिन अगर आंतों में सूजन है तो कच्ची सलाद के बजाय उबली हुई सब्जियां खाएं, ताकि आंतों पर जोर नहीं पड़े। 3. स्मॉल मील्स एक बार में भोजन करने के बजाय दिन में 3-4 बार थोड़ा-थोड़ा खाएं। इससे पाचन तंत्र पर लोड कम और एसिडिटी नहीं होती है। 4. दवाइयों से बचें बुजुर्ग अकसर दर्द निवारक ज्यादा लेते हैं। ये दवाइयां आंतों की परत को नुकसान पहुंचाती हैं व आईबीडी के खतरे को बढ़ाती हैं। डॉक्टर की सलाह के बिना पेनकिलर नहीं लें। 5. एक्टिव गट गर्मी से बचकर रोजाना 20-30 मिनट की हल्की सैर करें। इससे आंतें गतिशील बनी रहती हैं। यदि मल त्यागने में अचानक बदलाव आए, तो उसे हल्के में नहीं लें। निगरानी रखें। (डिस्क्लेमर: यह जानकारी मेडिकल गाइडलाइन और विशेषज्ञ परामर्श पर आधारित है। यदि कोई गंभीर लक्षण दिखें तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।)
Source link








