सेल्फ हेल्प किताबों से:  हम गिरते हैं, तभी उठना सीख पाते
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सेल्फ हेल्प किताबों से: हम गिरते हैं, तभी उठना सीख पाते

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2 घंटे पहले

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  • किताबों से जानिए, कौन-सा क्षण हमें अपनी छिपी हुई ताकत से परिचित कराता है? जीवन का सबसे अनमोल उपहार क्या है?

असफलता कोई अंत नहीं, शुरुआत है संघर्ष जीवन का सबसे अनमोल उपहार है, क्योंकि यही हमें हमारी असली पहचान देता है। जब हालात कठिन होते हैं, तो हमें लगता है रास्ता बंद हो गया है, पर वास्तव में वही। असफलता अंत नहीं, बल्कि एक नया अध्याय शुरू करने का निमंत्रण है। हम गिरते हैं, तभी तो उठना सीखते हैं। (द गिफ्ट ऑफ स्ट्रगल)

डर और असुरक्षा को स्वीकार करना चाहिए अंधकार के समय हमें लगता है कि रोशनी कहीं खो गई है, लेकिन सच यह है कि हर व्यक्ति के भीतर एक छोटी लौ हमेशा जलती रहती है। डर और असुरक्षा को स्वीकार करना हमारी ताकत है। जब हम छोटे कदमों से आगे बढ़ते हैं, तो वही लौ प्रज्वलित होती है। हर चुनौती इस रोशनी को और अधिक चमकाने का अवसर देती है। (द लाइट वी कैरी)

हर अनजान राह हमें और मजबूत बनाती है हम सबकी सबसे बड़ी चाहत है अपनापन महसूस करना। लेकिन असली अपनापन तब आता है जब हम बिना नकाब के, अपने पूरे सत्य के साथ खड़े होते हैं। अकेले खड़ा होना ही सबसे साहसी काम है। भीड़ में घुलने की जगह अपने मूल्यों और विश्वास के साथ डटे रहना कठिन है, पर हर अनजान राह हमें मजबूत बना देती है। (ब्रेविंग द वाइल्डरनेस)

‘करना चाहिए’ या ‘करना है’… आप क्या चुनेंगे? जीवन हमें अक्सर दो रास्तों पर खड़ा कर देता है। एक, जिसे हमें करना चाहिए (शुड) और दूसरा जिसे हमें वास्तव में करना है (मस्ट)। पहला रास्ता आसान होता है, पर उसमें हमारी असली पहचान खो जाती है। दूसरा रास्ता कठिन होता है, लेकिन वहीं हमारी आत्मा की आवाज सुनाई देती है। ‘मस्ट’ चुनना साहस मांगता है, क्योंकि इसमें जोखिम और अनिश्चितता है, पर यही हमें संपूर्णता और सच्ची खुशी की ओर ले जाता है। हर दिन हमें चुनना होता है। आप क्या चुनेंगे? (द क्रॉसरोड्स ऑफ शुड एंड मस्ट)



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