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- Avdheshanand Giri Maharaj Life Lesson. When The Mind Is Calm, We Are Able To See Ourselves, But In Anger We Become Distant From Ourselves
हरिद्वार13 घंटे पहले
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जब पानी उबलता है तो हम उसमें अपना चेहरा नहीं देख पाते हैं, ठीक इसी तरह जब हम गुस्से में होते हैं, तब हम स्वयं को देख नहीं पाते, हम स्वयं से दूर चले जाते हैं। जब दर्पण भाप के कारण धुंधला हो जाता है, तब हम दर्पण में खुद को देख नहीं पाते हैं, दर्पण भी विवश हो जाता है, वो चाहता है कि कोई हाथ बढ़े आगे और उसकी भाप को हटाए। जैसे ही भाप दर्पण से हटती है, दर्पण हमें दिखाने लगता है। हमारे मन का दर्पण भी हमें स्वयं को दिखाने लगता है, जब वह शांत होता है।
आज जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र में जानिए हमारा विवेक कब खो जाता है?
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