सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में नजर आ रहा है कि कुछ लोग एक आदमी का पीछा कर रहे हैं। इसके बाद वीडियो में नजर आ रहा है कि पीछा कर रहे लोग एक आदमी को पीटने लगते हैं। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि वीडियो में पीटाई खाने वाला व्यक्ति करणी सेना के अध्यक्ष अजय सिंह सेंगर है।
अमर उजाला ने अपने पड़ताल में यह वीडियो दो साल पुराना है, जिसे हालिया का बताकर शेयर किया जा रहा है। दरअसल, भीम शक्ति संगठन के दो सदस्यों ने महाराष्ट्र करणी सेना के प्रमुख अजय सिंह सेंगर पर कथित तौर पर डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के खिलाफ टिप्पणी करने पर हमला किया था। वीडियो 2023 में शेयर किया गया था।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि करणी सेना के अध्यक्ष को हाल ही में पीटा गया है।
महिमा यादव (@SinghKinngSP) नाम की एक्स यूजर ने लिखा “बड़ी खबर महाराष्ट्र से करणी सेना के अध्यक्ष अजय सिंह सेंगर को कुछ लोगों ने बाबा साहब पर अभद्र टिप्पणी के आरोप लगाकर दौड़ा दौड़ा कर पीटा !” पोस्ट का लिंकऔर आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
इसी तरह का एक अन्य दावे का लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसका आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें एक्स पर फ्री प्रेस जर्नल की एक रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 27 जून 2023 को प्रकाशित की गई है। इसमें बताया गया है कि महाराष्ट्र करणी सेना के प्रमुख अजय सिंह सेंगर पर पनवेल में कथित तौर पर भीम शक्ति संगठन से जुड़े कई कार्यकर्ताओं ने हमला किया। सेंगर को कथित तौर पर डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के खिलाफ आपत्तिजनत टिप्पणियों के लिए निशाना बनाया गया था।
हमने दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो में इस्तेमाल कीवर्ड को सर्च किया। इस दौरान हमें हिंदूस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 28 जून 2023 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया कि भीम शक्ति संगठन के दो सदस्यों ने मंगलवार को महाराष्ट्र करणी सेना के प्रमुख अजय सिंह सेंगर पर पनवेल में हमला किया, क्योंकि सेंगर ने कथित तौर पर डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के खिलाफ बार-बार अभद्र टिप्पणी की थी। सेंगर ने कथित तौर पर संविधान को रद्द करने की मांग की और भीमा-कोरेगांव शौर्य दिवस समारोह के खिलाफ बयान भी दिया।
पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा भाम्रक है। दो साल पुराने वीडियो को शेयर कर हाल की घटना बताया जा रहा है। वीडियो का हाल ही में हुई किसी घटना से कोई संबंध नहीं है।








