जीवन शैली/फैशन लाइफस्टाइल

महाभारत- कुंती ने भीम को राक्षस के पास क्यों भेजा?: जब कोई हमारी मदद करे तो 7 बातें हमेशा ध्यान रखें, जीवन में सुख-शांति और ईश्वर की कृपा मिल सकती है

3 घंटे पहले कॉपी लिंक महाभारत में वनवास के समय कुंती अपने पांचों पुत्रों- युधिष्ठिर, भीम, अर्जुन, नकुल और सहदेव के साथ वन में लगातार यात्रा कर रहे थे। इसी दौरान वे एक गांव में पहुंचे। वे गांव में एक ब्राह्मण के घर ठहरे थे। उस गांव के लोग एक राक्षस से बहुत परेशान थे। […]

मनोरंजन

मनोज मुंतशिर बोले- श्रीकृष्ण थे दुनिया के पहले साइकोलॉजिस्ट:भगवद्गीता हर दुख का इलाज; राधा-कृष्ण के एक ना होने का कारण बताया

गीतकार और लेखक मनोज मुंतशिर का नाट्य शो ‘राधा से रणभूमि तक’ आज 22 और 23 अगस्त को इंदौर के लता मंगेशकर ऑडिटोरियम में मंचित होने जा रहा है। नीलम मुंतशिर और विक्रम मेहरा ने इस शो का निर्माण किया है। पुनीत जे। पाठक के निर्देशन में बने इस शो में श्रीकृष्ण की अनकही यात्रा […]

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मनोज मुंतशिर बोले- श्रीकृष्ण थे दुनिया के पहले साइकोलॉजिस्ट:भगवद्गीता हर दुख का इलाज; राधा-कृष्ण के एक ना होने का कारण बताया

गीतकार और लेखक मनोज मुंतशिर का नाट्य शो ‘राधा से रणभूमि तक’ आज 22 और 23 अगस्त को इंदौर के लता मंगेशकर ऑडिटोरियम में मंचित होने जा रहा है। नीलम मुंतशिर और विक्रम मेहरा ने इस शो का निर्माण किया है। पुनीत जे। पाठक के निर्देशन में बने इस शो में श्रीकृष्ण की अनकही यात्रा […]

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देवताओं की मदद के लिए शिव-पार्वती ने भेजा कार्तिकेय को: माता-पिता बच्चों को इतना सक्षम बनाएं कि वे कठिन परिस्थितियों का सामना स्वयं कर सकें

भगवान शिव, माता पार्वती, कार्तिकेय स्वामी और तारकासुर से जुड़ी पौराणिक कथा है। कार्तिकेय स्वामी का पालन-पोषण कृतिकाओं ने एक जंगल में किया था। इसी कारण उनका नाम कार्तिकेय पड़ा। वे अपने माता-पिता शिव और पार्वती से दूर रहे। जब शिव-पार्वती को अपने पुत्र और कृतिकाओं के बारे में पता चला, तो उन्होंने सेवकों को […]

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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: सृजन के अनूठे रूपों का प्रमाण है रामचरितमानस

Hindi News Opinion Ramcharitmanas Tulsidas Jayanti | Vijayshankar Mehta Column On Literature 4 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता बहुत कम साहित्य ऐसे हैं, जो मनुष्य की रग-रग में बस गए हों, परिवारों की आचार-संहिता बन गए हों। ऐसे ही साहित्य का नाम है- रामचरितमानस। इसके रचयिता तुलसीदास जी की आज जयंती है। पिछले […]

रसरंग में मायथोलॉजी:  हड़प्पा से पौराणिक काल के मंदिरों तक ऐसे बदला देवी का स्वरूप
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रसरंग में मायथोलॉजी: हड़प्पा से पौराणिक काल के मंदिरों तक ऐसे बदला देवी का स्वरूप

देवदत्त पट्टनायक8 घंटे पहले कॉपी लिंक हड़प्पा कालीन मुहर में एक प्राचीनकालीन देवी को दो बाघों से लड़ते हुए दिखाया गया है। बीसवीं सदी के अंत में कई नारीवादियों का मानना था कि कृषि की शुरुआत से पहले मनुष्यों में देवी पूजा प्रचलित थी और मानव समाज मातृसत्तात्मक तथा मातृवंशीय था। उनका तर्क था कि […]

युधिष्ठिर की द्रौपदी को सीख:  जीवन में समस्याएं कभी पूरी तरह खत्म नहीं होतीं, हमें परिस्थितियों के बीच भी संतुलन बनाना सीखना चाहिए
जीवन शैली/फैशन लाइफस्टाइल

युधिष्ठिर की द्रौपदी को सीख: जीवन में समस्याएं कभी पूरी तरह खत्म नहीं होतीं, हमें परिस्थितियों के बीच भी संतुलन बनाना सीखना चाहिए

Hindi News Jeevan mantra Dharm Mahabharat Yudhishthira Droupadi Life Lesson, Mahabharata Story In Hindi, Yudhishthir And Dropadi Story In Hindi 11 घंटे पहले कॉपी लिंक महाभारत में पांडवों का वनवास काल चल रहा था, उस समय उनका जीवन संघर्षों से भरा हुआ था। कभी भोजन की चिंता होती, कभी रहने की, तो कभी आने वाली […]

रसरंग में मायथोलॉजी:  राजधर्म की धारणा को कार्तिकेय की कथा से ऐसे समझें
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रसरंग में मायथोलॉजी: राजधर्म की धारणा को कार्तिकेय की कथा से ऐसे समझें

करीब 400 वर्ष पहले केरल में प्रचलित हुई कुछ दंतकथाएं हमें उसके रहस्यमय अतीत की ओर ले जाती हैं। इन कथाओं के अनुसार, जिस भूमि पर आज केरल स्थित है, उसे परशुराम ने समुद्र से प्राप्त कर ब्राह्मणों को सौंप दिया था। लेकिन समय के साथ ब्राह्मण समुदाय के भीतर इस भूमि के शासन को […]

पंचतंत्र की कथा की सीख:  नई चीजें सीखें, लेकिन बिना ज्ञान और तैयारी के नया काम करना जोखिम भरा हो सकता है
जीवन शैली/फैशन लाइफस्टाइल

पंचतंत्र की कथा की सीख: नई चीजें सीखें, लेकिन बिना ज्ञान और तैयारी के नया काम करना जोखिम भरा हो सकता है

9 घंटे पहले कॉपी लिंक पंचतंत्र की एक चर्चित कथा है, पुराने समय में एक वन में एक मंदिर बन रहा था। मंदिर में लकड़ी का काम अधिक होने से कई बढ़ई दिन-रात काम कर रहे थे। परिसर में जगह-जगह लकड़ी के बड़े-बड़े लट्ठे, आरी और अन्य औजार रखे थे। दोपहर के भोजन के समय […]

कर्ण की मदद से अर्जुन को मारना चाहता था नाग:  महाभारत: कर्ण की सीख- सफलता छल या गलत साधनों से मिले, तो वह लंबे समय तक सम्मान नहीं दिला सकती
जीवन शैली/फैशन लाइफस्टाइल

कर्ण की मदद से अर्जुन को मारना चाहता था नाग: महाभारत: कर्ण की सीख- सफलता छल या गलत साधनों से मिले, तो वह लंबे समय तक सम्मान नहीं दिला सकती

महाभारत में एक अश्वसेन नाम के नाग का किस्सा है। खाण्डव वन में एक बार भयंकर अग्निकांड हुआ था। इस अग्निकांड में जंगल के अधिकतर जीव-जंतु खत्म हो गए थे। उसी वन में अश्वसेन नाम का एक मायावी नाग रहता था। उसकी माता भी अग्निकांड में मारी गई। अश्वसेन इस घटना के लिए अर्जुन को […]

श्रीकृष्ण ने दुर्योधन के यहां भोजन क्यों नहीं किया?:  महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले भविष्य में क्या परिणाम आ सकते हैं, इसका विचार जरूर करें
जीवन शैली/फैशन लाइफस्टाइल

श्रीकृष्ण ने दुर्योधन के यहां भोजन क्यों नहीं किया?: महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले भविष्य में क्या परिणाम आ सकते हैं, इसका विचार जरूर करें

Hindi News Jeevan mantra Dharm Mahabharat Krishna Refuses Duyodhan Meal, Life Management Tips Story In Hindi, Krishna And Duryodhana Story In Hindi 9 घंटे पहले कॉपी लिंक महाभारत का प्रसंग है। कौरव-पांडवों के बीच युद्ध की स्थिति बन चुकी थी और दोनों पक्षों के बीच तनाव चरम पर था। शांति स्थापित करने के उद्देश्य से […]

ऋषि दुर्वासा और देवराज इंद्र की कथा की सीख:  उपहार की कीमत उसके मूल्य से नहीं, बल्कि देने वाले की भावना से होती है, किसी के उपहार का अपमान न करें
जीवन शैली/फैशन लाइफस्टाइल

ऋषि दुर्वासा और देवराज इंद्र की कथा की सीख: उपहार की कीमत उसके मूल्य से नहीं, बल्कि देने वाले की भावना से होती है, किसी के उपहार का अपमान न करें

Hindi News Jeevan mantra Dharm Durvasa Rishi And Devraj Indra Story, Life Management Tips About Happiness In Life, Durvasa Gift Divine Mala To Indra 12 घंटे पहले कॉपी लिंक एक पौराणिक कथा है, पुराने समय में ऋषि दुर्वासा हमेशा ज्ञान की खोज और धर्म के संदेश फैलाने के लिए यात्राएं किया करते थे। ऋषि दुर्वासा […]

चंद्रदेव और प्रजापति दक्ष की कथा की सीख:  परिवार में किसी एक को महत्व देना और दूसरों की अनदेखी करने से असंतोष पैदा होता है, सभी को समान सम्मान दें
जीवन शैली/फैशन लाइफस्टाइल

चंद्रदेव और प्रजापति दक्ष की कथा की सीख: परिवार में किसी एक को महत्व देना और दूसरों की अनदेखी करने से असंतोष पैदा होता है, सभी को समान सम्मान दें

चंद्रदेव और प्रजापति दक्ष से जुड़ी पौराणिक कथा है। कथा के मुताबिक, प्रजापति दक्ष की 27 कन्याएं थीं। उन्होंने अपनी इन 27 पुत्रियों का विवाह चंद्रदेव से किया था। स्वाभाविक रूप से अपेक्षा थी कि चंद्र अपनी सभी पत्नियों के साथ समान व्यवहार करेंगे और सभी को बराबर सम्मान, प्रेम देंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। […]

रसरंग में मायथोलॉजी:  महाभारत से हड़प्पा तक, हर जगह दर्ज है यह प्राणी
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रसरंग में मायथोलॉजी: महाभारत से हड़प्पा तक, हर जगह दर्ज है यह प्राणी

एक सींग वाला गैंडा असम का राजकीय प्राणी है। तराई क्षेत्र की लोककथाओं के अनुसार, दिव्य शिल्पकार विश्वकर्मा ने हाथी की त्वचा, घोड़े के खुर, मगरमच्छ की आंखें, भालू के मस्तिष्क, सिंह के हृदय और वृषभ के सींग को मिलाकर गैंडे की रचना की थी। लगभग 4,500 वर्ष पूर्व सिंधु नदी के उत्तर-पश्चिमी तट पर […]

कथा: राजा को गुरु की सीख:  जीवन में कई आकर्षण मिलते हैं जो व्यक्ति को उसके लक्ष्य से भटका देते हैं, ऐसे आकर्षणों से बचना चाहिए
जीवन शैली/फैशन लाइफस्टाइल

कथा: राजा को गुरु की सीख: जीवन में कई आकर्षण मिलते हैं जो व्यक्ति को उसके लक्ष्य से भटका देते हैं, ऐसे आकर्षणों से बचना चाहिए

एक लोक कथा है। पुराने समय में एक राज्य का राजा बूढ़ा हो चुका था। उसके पास धन, शक्ति, सुख-सुविधाएं सब कुछ था, लेकिन एक चिंता उसे भीतर ही भीतर खाए जा रही थी, उसकी कोई संतान नहीं थी। उसे डर था कि उसके बाद राज्य का क्या होगा और कौन प्रजा की सही तरीके […]

रसरंग में मायथोलॉजी:  मातृकाओं से योगिनियों तक, हिंदू धर्म में ऐसी है शक्ति की परंपरा
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रसरंग में मायथोलॉजी: मातृकाओं से योगिनियों तक, हिंदू धर्म में ऐसी है शक्ति की परंपरा

वेदों में उषस्, वाच् और अरण्यानि जैसी व्यक्तिगत देवियों का उल्लेख मिलता है, जो क्रमशः भोर, वाणी और वन की प्रतीक हैं। इसके बाद पुराणों में लक्ष्मी, दुर्गा और सरस्वती का वर्णन मिलता है, जो क्रमशः धन, शक्ति और विद्या का मूर्त रूप हैं। किंतु हिंदू धर्म में देवियों को समूह में पूजने की परंपरा […]

रसरंग में मायथोलॉजी:  पुरी से महाभारत तक, ऐसी है नागार्जुन की यह अनकही कथा
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रसरंग में मायथोलॉजी: पुरी से महाभारत तक, ऐसी है नागार्जुन की यह अनकही कथा

जब भी कोई नागार्जुन का उल्लेख करता है, तब अधिकांश लोगों के दिमाग में उसी नाम के लोकप्रिय तेलुगु अभिनेता की छवि घूमने लगती है। बहुत कम लोग जानते होंगे कि महाभारत से जुड़ी लोककथाओं में भी नागार्जुन नाम का एक पात्र है। यह अर्जुन का पुत्र है, जो एक गेंडे को बचाने के लिए […]

उत्तराखंड में 2455 मीटर पर ‘मौत का ताल’:  सुबह चार बजे परियां करती हैं स्नान, नचिकेता ने यमराज से यहीं जाना जीवन का रहस्य – Uttarkashi News
जीवन शैली/फैशन लाइफस्टाइल

उत्तराखंड में 2455 मीटर पर ‘मौत का ताल’: सुबह चार बजे परियां करती हैं स्नान, नचिकेता ने यमराज से यहीं जाना जीवन का रहस्य – Uttarkashi News

उत्तराखंड में 2455 मीटर की ऊंचाई पर स्थित नचिकेता ताल को ‘मौत का ताल’ कहा जाता है, यहां स्थानीय मान्यता के अनुसार सुबह चार बजे परियां स्नान करने आती हैं और यहीं नचिकेता ने यमराज से जीवन के रहस्यों का ज्ञान प्राप्त किया था। प्राकृतिक खूबसूरती से घिरा यह ताल पौराणिक कथाओं और रहस्यमयी यमगुफा […]

रसरंग में मायथोलॉजी:  देवी : शक्ति से राष्ट्रवाद तक, ऐसे बदलते गए रूप
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रसरंग में मायथोलॉजी: देवी : शक्ति से राष्ट्रवाद तक, ऐसे बदलते गए रूप

आज हम पिछले सप्ताह की चर्चा को आगे बढ़ाते हुए जानेंगे कि बहु-भुजाओं वाली देवियों ने समय के साथ और कौन-कौन से रूप धारण किए, वे राजाओं के साथ कैसे जुड़ीं और स्वतंत्रता संग्राम में उनकी क्या भूमिका रही। समय के साथ बहु-भुजाओं वाली देवियों ने अनेक रूप ग्रहण किए। ये देवियां विशेषकर जैन मंदिरों […]

प्रेरक कथा: संत की राजा को सीख:  सच्ची खुशी और शांति बाहरी चीजों में नहीं, इच्छाओं और अहंकार को छोड़ने के बाद मिलती है
जीवन शैली/फैशन लाइफस्टाइल

प्रेरक कथा: संत की राजा को सीख: सच्ची खुशी और शांति बाहरी चीजों में नहीं, इच्छाओं और अहंकार को छोड़ने के बाद मिलती है

Hindi News Jeevan mantra Dharm King Saint Lesson Desire Ego Peace Happiness, How To Get Success And Happiness In Life, Inspirational Story In Hindi 22 घंटे पहले कॉपी लिंक AI जनरेटेड इमेज पुराने समय में एक राजा दान-पुण्य करने के लिए दूर-दूर तक प्रसिद्ध था। रोज सुबह उसके महल के बाहर जरूरतमंदों की लंबी कतार […]

रसरंग में मायथोलॉजी:  शक्ति की उपासना: पाषाण युग से शास्त्रीय परंपरा तक
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रसरंग में मायथोलॉजी: शक्ति की उपासना: पाषाण युग से शास्त्रीय परंपरा तक

भारत में देवी पूजा की शुरुआत कब हुई, यह निर्धारित करना काफी कठिन है। संभव है कि इसकी शुरुआत पाषाण युग में हुई हो। यह वह समय था, जब मनुष्य धरती को देवी या किसी महिला के गर्भाशय से जोड़कर देखने लगा था। इसी दौर में पेड़ों और नदियों को भी देवी के रूप में […]

‘रामायण’ में रणबीर के लुक और कॉस्ट्यूम पर उठे सवाल:डिजाइनर्स बोलीं- टीवी में सीमित बजट और समय के बावजूद डिजाइन ज्यादा समृद्ध और जीवंत था
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‘रामायण’ में रणबीर के लुक और कॉस्ट्यूम पर उठे सवाल:डिजाइनर्स बोलीं- टीवी में सीमित बजट और समय के बावजूद डिजाइन ज्यादा समृद्ध और जीवंत था

रणबीर कपूर की फिल्म ‘रामायण’ का टीजर सामने आने के बाद से ही इसके हर पहलू पर बहस शुरू हो गई है। इस बीच, टीवी की पौराणिक शृंखलाओं पर काम कर चुकी कॉस्ट्यूम डिजाइनर्स ने फिल्म में भगवान राम के लुक पर अपनी राय दी है और इसे एक चूक गया अवसर बताया है। Variety […]

ग्रंथों की 8 महिलाओं की सीख:  मुश्किल समय में भी जीवन साथी का साथ नहीं छोड़ना चाहिए; माता के अच्छे संस्कार संतान का जीवन सफल बनाते हैं
जीवन शैली/फैशन लाइफस्टाइल

ग्रंथों की 8 महिलाओं की सीख: मुश्किल समय में भी जीवन साथी का साथ नहीं छोड़ना चाहिए; माता के अच्छे संस्कार संतान का जीवन सफल बनाते हैं

Hindi News Jeevan mantra Dharm Lesson Of Mahabharata And Ramayana, Story Of Dropadi, Ramayanaya Life Management Tips, International Women’s Day 2026 9 घंटे पहले कॉपी लिंक आज (8 मार्च) अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस है। इस अवसर पर जानिए रामायण-महाभारत की 8 खास महिलाओं के बारे में, जिनसे हम सुखी जीवन के सूत्र सीख सकते हैं। इस […]

‘रणबीर कपूर भगवान राम के लिए बिल्कुल फिट’:अरुण गोविल बोले- फिल्म रामायण और आदिपुरुष की तुलना करना सही नहीं, दोनों अलग हैं
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‘रणबीर कपूर भगवान राम के लिए बिल्कुल फिट’:अरुण गोविल बोले- फिल्म रामायण और आदिपुरुष की तुलना करना सही नहीं, दोनों अलग हैं

अरुण गोविल ने भगवान राम का किरदार निभाकर घर-घर में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। अब हाल ही में उन्होंने नितेश तिवारी की रामायण और आदिपुरुष की तुलना पर राय दी। उन्होंने कहा रामायण की तुलना आदिपुरुष से नहीं की जानी चाहिए। पीटीआई से बातचीत में अरुण गोविल ने कहा, नई रामायण की आदिपुरुष […]

रसरंग में मायथोलॉजी:  उत्तर से दक्षिण तक ऐसे फैलीं पुराणों की कथाएं
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रसरंग में मायथोलॉजी: उत्तर से दक्षिण तक ऐसे फैलीं पुराणों की कथाएं

तटवर्ती आंध्र प्रदेश में ऐसे पांच मंदिर हैं, जिनका संबंध तारकासुर से है। तारकासुर का वध कार्तिकेय के हाथों हुआ था। चूंकि वह शिव भक्त भी था, इसलिए उसके सिर के भाग जहां-जहां गिरे वहां-वहां शिव मंदिर स्थापित किए गए। इन मंदिरों को पंचराम क्षेत्र कहा जाता है। तमिलनाडु में पलनी के पहाड़ स्थित हैं। […]