एन. रघुरामन का कॉलम:  रविवार एक अर्जित स्वतंत्रता का दिन हो सकता है- यदि उसका कुछ हिस्सा भविष्य की योजना बनाने में लगाया जाए।
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एन. रघुरामन का कॉलम: रविवार एक अर्जित स्वतंत्रता का दिन हो सकता है- यदि उसका कुछ हिस्सा भविष्य की योजना बनाने में लगाया जाए।

यदि आप यह मानते रहे हैं कि दो दिन का सप्ताहांत या रविवार की छुट्टी आपके हक का पर्सनल टाइम है, तो आपको यह भी जानना चाहिए कि यह कॉन्सेप्ट कैसे और किस उद्देश्य से शुरू हुआ था। आप यह तो मानेंगे कि किसी अच्छी पहल की शुरुआत अपने घर से करना सार्थक बदलाव लाने […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  ‘वर्कआउट-हैंगआउट’ दोस्त बनाने का नया तरीका है
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एन. रघुरामन का कॉलम: ‘वर्कआउट-हैंगआउट’ दोस्त बनाने का नया तरीका है

वे दोनों एक हल्की नीली रोशनी वाले कमरे में थे। याद कीजिए, कुछ लोग बार में बारमैन के सामने ऊंचे स्टूल पर बैठते हैं और जब उन्हें पता चलता है कि वे समान ड्रिंक ऑर्डर कर रहे हैं तो मुस्कराते हैं। फिर हर ड्रिंक के साथ गिलास चीयर्स करते हुए दोस्त बन जाते हैं। जब […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  ग्रॉसरी शॉपिंग से सर्जरी तक कन्फ्यूजन का सबसे बेहतर हल है ‘चेकलिस्ट’
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एन. रघुरामन का कॉलम: ग्रॉसरी शॉपिंग से सर्जरी तक कन्फ्यूजन का सबसे बेहतर हल है ‘चेकलिस्ट’

Hindi News Opinion Checklist: Best Solution For Confusion From Shopping To Surgery | N. Raghuraman 7 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु जब आप अगला पैराग्राफ पढ़ना शुरू करेंगे तो यकीन मानिए उसे दोबारा पढ़ेंगे, क्योंकि वह काफी कन्फ्यूजिंग है। और अगर आप पूरा लेख पढ़ेंगे तो समझ जाएंगे कि जिंदगी में गलतियां […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  खेल-खेल में बहुत कुछ सिखाया जा सकता है
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एन. रघुरामन का कॉलम: खेल-खेल में बहुत कुछ सिखाया जा सकता है

एक कमरा चमकती स्क्रीनों से भरा है। लगातार कोड स्क्रॉल हो रहे हैं, जैसा मैट्रिक्स फिल्म में होता है। पूरा कमरा शीतल नीली रोशनी में नहाया है। टीम कांच का भारी दरवाजा धकेलती है और वह सरसराहट करता हुआ खुल जाता है। ब्रीफिंग के लिए तैयार एक सीनियर एजेंट नए रिक्रूट्स को उनके ‘ऑफिशियल इन्वेस्टिगेटर […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  देना ही पाना भी है: वॉलंटियरिंग आपको दूसरों से कहीं अधिक मदद करती है
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एन. रघुरामन का कॉलम: देना ही पाना भी है: वॉलंटियरिंग आपको दूसरों से कहीं अधिक मदद करती है

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column — Giving Is Also Receiving: Volunteering Helps You Far More Than It Helps Others 1 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन मैनेजमेंट गुरु लक्ष्मी रोज पति के ऑफिस और बच्चों के स्कूल जाने के बाद 3 घंटे की वॉलंटियरिंग के लिए घर से निकल जाती हैं। उन्होंने यूनिवर्सिटी की […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  जब आप ‘अन–रिटायर्ड’ लोगों से मिलते हैं तो दयाभाव दोगुना बढ़ जाता है
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एन. रघुरामन का कॉलम: जब आप ‘अन–रिटायर्ड’ लोगों से मिलते हैं तो दयाभाव दोगुना बढ़ जाता है

Hindi News Opinion N Raghuraman Column: Compassion Doubles When Meeting Un retired People 3 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु हाल ही में जब मैं अपनी बिल्डिंग में लिफ्ट का इंतजार कर रहा था तो पीछे से वॉचमैन आकर बोला कि ‘सर, लिफ्ट मेंटेनेंस में है, कुछ देर के लिए बिजली कटौती है। […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  काम को लेकर पसंद–नापसंद को फिर से तय करने का समय आ गया है
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एन. रघुरामन का कॉलम: काम को लेकर पसंद–नापसंद को फिर से तय करने का समय आ गया है

दुनिया में बेहतर अवसर तलाश रहे ज्यादातर लोगों के लिए विदेशों में रहना और वहां काम करना लोकप्रिय फंतासी रहा है। आप भी अगर अमेरिका जैसे देश में काम करने का सपना देख रहे हैं तो ऐसे आप अकेले नहीं हैं। अमेरिकी कामकाजी जीवन की ‘रिस्क-रिवार्ड’ प्रकृति दुनियाभर के लोगों को आकर्षित करती है। लेकिन […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  फोकस पर ध्यान देकर इंक्रीमेंट को बढ़ाएं
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एन. रघुरामन का कॉलम: फोकस पर ध्यान देकर इंक्रीमेंट को बढ़ाएं

फिल्मों का वह आम-सा सीन याद कीजिए, जब अस्पताल का स्टाफ किसी मरीज को तेजी से ऑपरेशन थिएटर में ले जाता है। तुरंत लाल लाइट जलती है और कैमरा उस लाइट, पास की घड़ी और बाहर खड़े परिजनों के चेहरों पर जाता है। चेहरों पर तनाव, एंग्जायटी और मानसिक थकान दिखती है। म्यूजिक डायरेक्टर भी […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  मॉर्निंग वॉक को प्रेरणा पाने की जगह बनाएं
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एन. रघुरामन का कॉलम: मॉर्निंग वॉक को प्रेरणा पाने की जगह बनाएं

यदि आप हैदराबाद के कोंडापुर में हाईटेक सिटी के पास गाचीबौली रोड पर चल रहे हैं तो दाईं ओर आपको ‘कोटला विजय भास्कर रेड्डी बॉटनिकल गार्डन’ दिखेगा। मेरे और आपके जैसे बाहरी लोगों को यह अपने शहर के किसी खूबसूरत गार्डन जैसा ही लगता है, जहां लोग मॉर्निंग वॉक के लिए आते हैं। लेकिन उन […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  क्यों शिक्षा किसी भी करियर की ‘सबसे अहम बीज’ है?
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एन. रघुरामन का कॉलम: क्यों शिक्षा किसी भी करियर की ‘सबसे अहम बीज’ है?

नागेश एक स्थानीय कॉलेज में लेक्चरर थे। उन्हें खुशी थी कि अपने खेतीबाड़ी के पारिवारिक पेशे की तुलना में उन्हें यहां विद्यार्थियों से खूब सम्मान मिलता था। उनका परिवार पूरी तरह खेती पर निर्भर था और परिजनों को भरोसा था कि उनकी एक एकड़ जमीन हमेशा परिवार का पेट भरती रहेगी। इसी पारिवारिक दबाव के […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  कभी-कभी, शांत लोग सबसे गहरा प्रभाव छोड़ जाते हैं
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एन. रघुरामन का कॉलम: कभी-कभी, शांत लोग सबसे गहरा प्रभाव छोड़ जाते हैं

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column — Sometimes, Quiet People Leave The Deepest Impact 38 मिनट पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन मैनेजमेंट गुरु वे 70 वर्ष के रहे होंगे। उस दिन वे एक साधारण-से कैफे में आए। बहुत से लोग उस जगह को इसलिए पसंद करते थे क्योंकि वह एक V आकार में स्थित थी, […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  हेल्थकेयर इंडस्ट्री में रुचि है तो डिजिटाइजेशन पर फोकस रखें
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एन. रघुरामन का कॉलम: हेल्थकेयर इंडस्ट्री में रुचि है तो डिजिटाइजेशन पर फोकस रखें

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column: If You Are Interested In The Healthcare Industry, Focus On Digitization 22 मिनट पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन मैनेजमेंट गुरु अगर आप कभी शनिवार को हेल्थ चेकअप के लिए गए होंगे, तो गौर किया होगा कि ये अस्पतालों में सर्वाधिक भीड़ वाला दिन होता है और रजिस्ट्रेशन काउंटर पर […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  हेल्थकेयर इंडस्ट्री में रुचि है तो डिजिटाइजेशन पर फोकस रखें
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एन. रघुरामन का कॉलम: हेल्थकेयर इंडस्ट्री में रुचि है तो डिजिटाइजेशन पर फोकस रखें

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column: If You Are Interested In The Healthcare Industry, Focus On Digitization 2 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन मैनेजमेंट गुरु अगर आप कभी शनिवार को हेल्थ चेकअप के लिए गए होंगे, तो गौर किया होगा कि ये अस्पतालों में सर्वाधिक भीड़ वाला दिन होता है और रजिस्ट्रेशन काउंटर पर […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  हमारे आसपास कुछ नि:स्वार्थ व समझदार लोगों का क्यों होना जरूरी है
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एन. रघुरामन का कॉलम: हमारे आसपास कुछ नि:स्वार्थ व समझदार लोगों का क्यों होना जरूरी है

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column: Why It Is Essential To Have Selfless And Sensible People Around Us 4 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन मैनेजमेंट गुरु लीवेई ने अपने बच्चों के लिए सब कुछ दे दिया। उन्होंने दिन-रात मेहनत की ताकि बच्चों को किसी चीज की कमी न रहे। उन्होंने अपना आराम छोड़ा, ताकि […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  वहां खोदने का फैसला लें, जहां कोई और नहीं खोदता
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एन. रघुरामन का कॉलम: वहां खोदने का फैसला लें, जहां कोई और नहीं खोदता

उनकी उपलब्धि शायद “माउंटेन मैन’ दशरथ मांझी जितनी बड़ी न हो, जिनके बारे में ज्यादातर लोगों ने सुना होगा। लेकिन उनका जज्बा वही था। साल 2024 तक, शकुंतला चतर (35) को ओडिशा के चंदका-डम्पड़ा वन्यजीव अभयारण्य में जंगली जानवरों, खासकर हाथियों से भरे जंगल के बीच कम से कम एक घंटे पैदल चलना पड़ता था। […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  क्या आपके सीवी वाला इंसान और आप अलग-अलग हैं?
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एन. रघुरामन का कॉलम: क्या आपके सीवी वाला इंसान और आप अलग-अलग हैं?

मैं एक वॉट्सएप ग्रुप का हिस्सा हूं, जिसमें विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुछ छात्रों को मार्गदर्शन मिलता है। मेरा काम दुनिया की दिलचस्प हलचलों और वैश्विक समाचारों को साझा करना और उनकी पोस्ट पर नजर रखना है। यानी मैं निरीक्षक जैसा हूं। जब छात्र ग्रुप में पोस्ट करते, तो उम्र के हिसाब से उनकी अंग्रेजी कुछ […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  बच्चों को किताबों की ओर आकर्षित करने के लिए नए-नए आइडिया की जरूरत है
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एन. रघुरामन का कॉलम: बच्चों को किताबों की ओर आकर्षित करने के लिए नए-नए आइडिया की जरूरत है

इस देश के पास 1.99 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 188 लाख करोड़ रुपए) का सॉवरेन वेल्थ फंड है, जो दुनिया के सबसे बड़े ऐसे फंड्स में से एक है। यहां गत वर्ष बिकने वाली कारों में से 96% इलेक्ट्रिक थीं। लेकिन इसकी 56 लाख की आबादी में करीब 5 लाख लोग एक टेक्स्ट मैसेज या सामान्य […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  हमारे बच्चे ‘टेक नेक’ या ‘कॉस्मेटिकोरिक्सिया’ से तो नहीं जूझ रहे?
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एन. रघुरामन का कॉलम: हमारे बच्चे ‘टेक नेक’ या ‘कॉस्मेटिकोरिक्सिया’ से तो नहीं जूझ रहे?

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column: Are Our Children Grappling With ‘Tech Neck’ Or ‘Cosmeticorexia’? 1 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन मैनेजमेंट गुरु कई वर्षों पहले पत्नी ने मेरी बेटी से कहा कि ‘तुम अपनी उम्र से ज्यादा बड़ी लग रही हो।’ बस, इस पर तो मेरे घर में तूफान आ गया। उन्होंने ऐसा […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  एआई आज भी आर्टिफिशियल ही है! इसलिए रियल इंटेलिजेंस की जरूरत है
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एन. रघुरामन का कॉलम: एआई आज भी आर्टिफिशियल ही है! इसलिए रियल इंटेलिजेंस की जरूरत है

Hindi News Opinion AI Still Artificial? N Raghuraman Column On Need For Real Intelligence 7 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु मैं दो लोगों को जानता हूं- एक जिन्होंने इस मार्च में एआई की मदद से यूरोप और यूएस की पूरी ट्रिप प्लान की। दूसरी उनकी बेटी, जिसने हाल ही में 12वीं की […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  विद्यार्थी अपना करिअर एआई-प्रूफ बनाने के तरीके खोज रहे हैं
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एन. रघुरामन का कॉलम: विद्यार्थी अपना करिअर एआई-प्रूफ बनाने के तरीके खोज रहे हैं

वह इंश्योरेंस में करिअर बनाने की सोच रहा था, जहां उसने कभी दो महीने की इंटर्नशिप भी की थी। लेकिन इस गर्मी से पहले 22 साल के उस युवक ने अचानक इरादा बदल दिया और अब फुल-टाइम इलेक्ट्रिशियन बन रहा है। उसने इस गर्मी में मेट्रो सिटी में शिफ्ट होने का फैसला कर लिया और […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  सोशलाइजिंग का जरिया ‘नाइट वाइब्स’ की जगह अब ‘कॉफी रेव्स’ बन गया है
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एन. रघुरामन का कॉलम: सोशलाइजिंग का जरिया ‘नाइट वाइब्स’ की जगह अब ‘कॉफी रेव्स’ बन गया है

Hindi News Opinion N Raghuraman Column: Coffee Reves Replaces Night Vibes For Socializing 9 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु 14 मार्च 2026 को उस वीडियो कॉल में मेरे परिवार की अगली पीढ़ी एक पार्टी में थी। यह ‘द बंड’ नाम की जगह पर आयोजित हुई, जो चीन के सेंट्रल शंघाई में हुआंगपू […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  एआई दादा-दादियों के लिए भी उतना ही जरूरी है, जितना बच्चों के लिए
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एन. रघुरामन का कॉलम: एआई दादा-दादियों के लिए भी उतना ही जरूरी है, जितना बच्चों के लिए

“बहुत हुआ राहुल, टेक्नोलॉजी में लोगों की मदद करने के बहाने तुम अपनी पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे रहे हो, बोर्ड की परीक्षाएं नजदीक हैं।’ राहुल ने तो अपनी मां की इस सख्त चेतावनी पर ध्यान तक नहीं दिया था, लेकिन उस आवाज में मौजूद तिरस्कार का स्वर इतना तीखा था कि वो किसी और […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  परिपक्व संगठन हमेशा पूछते हैं कि ‘क्या हो सकता है’, न कि ‘क्या हुआ’
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एन. रघुरामन का कॉलम: परिपक्व संगठन हमेशा पूछते हैं कि ‘क्या हो सकता है’, न कि ‘क्या हुआ’

जो गुड़ी पड़वा उत्सव का दिन होना था, वह इंदौर शहर के लिए शोक का दिन बन गया। बुधवार को एक घर में लगी आग में मारे गए सात लोगों की चिताएं जब एक साथ जलीं तो इसकी पीड़ा पूरे शहर को सामूहिक तौर पर महसूस हुई। मृतकों में एक मासूम भी था। इस दर्दनाक […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  आजकल के स्कूली बच्चे इकोनॉमिक्स की जगह पर्सनल फाइनेंस चुन रहे हैं
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एन. रघुरामन का कॉलम: आजकल के स्कूली बच्चे इकोनॉमिक्स की जगह पर्सनल फाइनेंस चुन रहे हैं

Hindi News Opinion School Kids Choose Personal Finance Over Economics: N Raghuraman Column 2 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु स्कूल अपने विद्यार्थियों को असल दुनिया के लिए कैसे तैयार कर सकते हैं? यहां एक तरीका है। हालांकि, मैं यह नहीं कह रहा कि यही एकमात्र तरीका है। चलिए शुरू करें। क्लासरूम में […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  अब तक एआई काम के बोझ से राहत नहीं दे पा रहा
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एन. रघुरामन का कॉलम: अब तक एआई काम के बोझ से राहत नहीं दे पा रहा

एआई की मदद से काम पूरा कर रहे लोगों से पूछिए कि वे इससे कितना समय बचा लेते हैं? वे आपको यह कह कर चौंका सकते हैं कि ‘एआई ने हमारा काम बेहतर नहीं, बदतर कर दिया है।’ महज कर्मचारियों ही नहीं, बल्कि सबसे बड़े एआई समर्थकों को भी इससे सबसे बड़ी उम्मीद यही थी […]