एन. रघुरामन का कॉलम:  बच्चे की पसंद और नापसंद उसके जन्म से पहले तय हो सकती हैं
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एन. रघुरामन का कॉलम: बच्चे की पसंद और नापसंद उसके जन्म से पहले तय हो सकती हैं

‘भूख लग रही है बच्चा? बस मुझे थोड़ा समय दो। मैं जल्दी से गाजर और बीन्स को घर में उगाई पालक से मिलाकर एक बढ़िया सब्जी बना देती हूं, जिसे तुम अपनी रोटी के साथ बड़े चाव से खाओगे।’ मैंने एक बार रसोई में अपनी मां को यह कहते सुना था। बैठकखाने से मैं मौसी […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  कला में डूबे रहें, ये आपकी उम्र बढ़ने की रफ्तार घटाएगा
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एन. रघुरामन का कॉलम: कला में डूबे रहें, ये आपकी उम्र बढ़ने की रफ्तार घटाएगा

क्या आपको दादाजी-नानाजी का दौर याद है? वे हर शाम कहां जाते थे- किसी मंदिर में, स्कूल या सामुदायिक सांस्कृतिक मीटिंग में। हमारी दादी-नानी अकसर रसोई में कहती रहती थीं- ‘पता नहीं उन जगहों पर ऐसा क्या है कि दिनभर के काम से लौटने के बाद 15 मिनट भी घर नहीं रुकते।’ दूसरों के बारे […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  कला में डूबे रहें, ये आपकी उम्र बढ़ने की रफ्तार घटाएगा
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एन. रघुरामन का कॉलम: कला में डूबे रहें, ये आपकी उम्र बढ़ने की रफ्तार घटाएगा

क्या आपको दादाजी-नानाजी का दौर याद है? वे हर शाम कहां जाते थे- किसी मंदिर में, स्कूल या सामुदायिक सांस्कृतिक मीटिंग में। हमारी दादी-नानी अकसर रसोई में कहती रहती थीं- ‘पता नहीं उन जगहों पर ऐसा क्या है कि दिनभर के काम से लौटने के बाद 15 मिनट भी घर नहीं रुकते।’ दूसरों के बारे […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  इन ‘अंडरडॉग’ खिलाड़ियों के बारे में जानकर आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी
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एन. रघुरामन का कॉलम: इन ‘अंडरडॉग’ खिलाड़ियों के बारे में जानकर आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी

Hindi News Opinion FIFA World Cup 2026: Top Underdog Players To Watch | N Raghuraman Column 13 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु अगले महीने दुनिया में हजारों फैन्स इतिहास का सबसे महंगा वर्ल्ड कप देखने अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको पहुंचेंगे। पुरस्कृत किताब सीरीज ‘अनबिलीवेबल फुटबॉल’ के चर्चित ब्रिटिश लेखक मैट ओल्डफील्ड का […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  क्या हमारे 16 साल के किशोरों के पास नए आइडियाज़ दिख रहे हैं!
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एन. रघुरामन का कॉलम: क्या हमारे 16 साल के किशोरों के पास नए आइडियाज़ दिख रहे हैं!

Hindi News Opinion Teen Innovators Launch Clever Safety Gadget In London | N Raghuraman Column 6 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु प्रोडक्ट आइडिया पर चर्चा के लिए कुछ अन्य लोगों के साथ अपनी पहली बैठक में 17 साल की यूजीनिया ने चीफ एग्जीक्यूटिव और 16 साल की नव्या ने चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  क्या बच्चों में उग्रता रोकने के लिए हमें सजा को शुगरकोट करना चाहिए?
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एन. रघुरामन का कॉलम: क्या बच्चों में उग्रता रोकने के लिए हमें सजा को शुगरकोट करना चाहिए?

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column: Should We Sugarcoat Punishment To Curb Aggression In Children? 8 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन मैनेजमेंट गुरु हम सभी ने बचपन में जरूर सुना होगा कि ‘बेंच पर खड़े हो जाओ।’ यह आम सजा थी। इससे थोड़ी सख्त थी, ‘क्लास के बाहर खड़े रहो।’ खासकर, जब हम उस […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  आर्थिक हकीकत के असर को एआई ‘कुशन’ बनकर संभाल सकता है
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एन. रघुरामन का कॉलम: आर्थिक हकीकत के असर को एआई ‘कुशन’ बनकर संभाल सकता है

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column: AI Can Act As A ‘Cushion’ To Absorb The Impact Of Economic Realities 1 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन मैनेजमेंट गुरु मुझे लगता है कि रविवार को हमारे देश की ज्यादातर मांओं ने अपने बच्चों से यही कहा होगा कि ‘इतनी परेशानी उठाने की जरूरत नहीं, सिर्फ शुभकामना […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  कम से कम मदर्स डे पर तो मां के ‘निर्णय लेने के बोझ’ को कम कीजिए
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एन. रघुरामन का कॉलम: कम से कम मदर्स डे पर तो मां के ‘निर्णय लेने के बोझ’ को कम कीजिए

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column: At Least On Mother’s Day, Lighten Mom’s ‘Burden Of Decision Making’ 51 मिनट पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु ‘बेटा, गुड़िया का बाथरूम इस्तेमाल मत करो। तुम उसे गंदा छोड़ देते हो और उसे यह अच्छा नहीं लगता,’ मां रसोई से आवाज लगाकर कहती हैं, फिर भी बेटा […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  पैसे के साथ आपका रिश्ता कैसा है?
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एन. रघुरामन का कॉलम: पैसे के साथ आपका रिश्ता कैसा है?

हमारे जीवन में पैसे का क्या महत्व है? क्या आपने कभी गौर किया है कि आप पैसे के बारे में किस तरह सोचते हैं? क्या आप इसके बारे में लगातार चिंता करते हैं, क्या पार्टनर के साथ रोज पैसे को लेकर बहस होती है या आपको हमेशा यह लगता है कि ‘पर्याप्त’ पैसा नहीं है? […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  डेली एक्सरसाइज के लिए जिम से ज्यादा पार्क का बेंच काफी है
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एन. रघुरामन का कॉलम: डेली एक्सरसाइज के लिए जिम से ज्यादा पार्क का बेंच काफी है

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column: For Daily Exercise, A Park Bench Is Enough—More So Than A Gym 3 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन मैनेजमेंट गुरु अगर कोई पारिवारिक व्यक्ति सिर्फ अपना वजन मेंटेन रखना चाहता है, घर के रोजमर्रा के काम और दफ्तर में बेहतर प्रदर्शन करते हुए दिनभर फुर्तीला, स्वस्थ और एक्टिव […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  भविष्य में आपका मकान ही आपकी दुकान बन सकता है
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एन. रघुरामन का कॉलम: भविष्य में आपका मकान ही आपकी दुकान बन सकता है

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column: In The Future, Your Home Could Become Your Shop 4 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन मैनेजमेंट गुरु मै क्सिकन ईटरी चलाने वाले रेमे जिमेनेज दो साल पहले पिता और दो भाई-बहनों के गुजरने के बाद लॉस एंजेलिस आ गए। मां को सहारे की जरूरत थी तो रेमे ने […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  क्या स्मार्ट क्लासेस या स्मार्ट होम्स बच्चों में देखने की लत बढ़ा रहे हैं?
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एन. रघुरामन का कॉलम: क्या स्मार्ट क्लासेस या स्मार्ट होम्स बच्चों में देखने की लत बढ़ा रहे हैं?

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column: Are Smart Classes Or Smart Homes Fueling A ‘Viewing Addiction’ In Children? 5 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन मैनेजमेंट गुरु ‘इफ देअर आर फैट कैट्स इन योर कॉलोनी, यू नीड टु चेक योर ड्रेनेज सिस्टम’- यह एक रूपक है, जिसे मुथुस्वामी नारायण ने अपनी किताब ‘सक्सेस थ्रू ऑपोजिट्स’ […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  आपको मशीनों से प्यार है तो एक एआई-प्रूफ नौकरी आपके इंतजार में है
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एन. रघुरामन का कॉलम: आपको मशीनों से प्यार है तो एक एआई-प्रूफ नौकरी आपके इंतजार में है

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column: If You Love Machines, An AI Proof Job Awaits You 3 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु बचपन से ही उसे अपने खिलौने खोलकर फिर से जोड़ना पसंद था, हालांकि वह इसमें विफल होता था। फिर, स्कूली दिनों में वह पिता की कार से छेड़छाड़ करता और […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  सेहत की समस्याओं के समाधान के लिए पहले उसकी प्रक्रिया समझें
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एन. रघुरामन का कॉलम: सेहत की समस्याओं के समाधान के लिए पहले उसकी प्रक्रिया समझें

दृश्य 1 : कई दफ्तरों में देखा जा सकता है कि बिजनेस के शीर्ष व्यक्ति का सेक्रेटरी बॉस के केबिन के बाहर बैठा होता है और बड़े-से हॉल में सीधे उसको रिपोर्ट करने वाले अधिकतर कर्मचारी उसी के आसपास बैठते हैं। आमतौर पर 40-45 साल या वरिष्ठ आयु वर्ग का वो सेक्रेटरी फोन कॉल आते […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  सेहत की समस्याओं के समाधान के लिए पहले उसकी प्रक्रिया समझें
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एन. रघुरामन का कॉलम: सेहत की समस्याओं के समाधान के लिए पहले उसकी प्रक्रिया समझें

दृश्य 1 : कई दफ्तरों में देखा जा सकता है कि बिजनेस के शीर्ष व्यक्ति का सेक्रेटरी बॉस के केबिन के बाहर बैठा होता है और बड़े-से हॉल में सीधे उसको रिपोर्ट करने वाले अधिकतर कर्मचारी उसी के आसपास बैठते हैं। आमतौर पर 40-45 साल या वरिष्ठ आयु वर्ग का वो सेक्रेटरी फोन कॉल आते […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  किटी पार्टियां बुक क्लब्स से किताब का एक पन्ना ले सकती हैं!
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एन. रघुरामन का कॉलम: किटी पार्टियां बुक क्लब्स से किताब का एक पन्ना ले सकती हैं!

Hindi News Opinion N. Raghuraman Column: Kitty Parties Can Take A Page From Book Clubs! 8 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु 85 साल की बेकी नेडेलमैन आज भी अमेरिका के लॉस एंजिल्स में अपना क्लब चलाती हैं। 2001 में शुरू हुए इस क्लब के सदस्य हर महीने मिलते हैं। कुछ सदस्य तो […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  आप अपनी रिटायरमेंट लाइफ कैसे बिताना चाहते हैं?
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एन. रघुरामन का कॉलम: आप अपनी रिटायरमेंट लाइफ कैसे बिताना चाहते हैं?

रवि और राधा (काल्पनिक नाम) की शादी तब हुई थी, जब रवि 26 साल के और राधा 22 की थीं। शादी के 38 सालों में उन्होंने हर चीज आपसी बातचीत से तय की। दोनों जिस पर राजी हुए, वो काम पूरा किया। उन्होंने एक घर का ही नहीं, बल्कि अपने शहर से 200 किमी दूर […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  कमाई के आधुनिक तरीके पुराने और छोटे कारोबार में जान नहीं फूंक सकते
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एन. रघुरामन का कॉलम: कमाई के आधुनिक तरीके पुराने और छोटे कारोबार में जान नहीं फूंक सकते

हाल ही पुणे यात्रा के दौरान मैंने खुद को ऐसे शहर में पाया, जिसकी शहरी संरचना बिल्कुल बदल चुकी थी। मैं कई किलोमीटर फैल चुके विशाल मेट्रो पिलर्स के नीचे से गुजरा तो उनकी परछाइयां नीचे रेंग रही कारों पर पड़ रही थीं। दमघोंटू ट्रैफिक के बीच मैंने अपने दोस्त से पूछा, ‘यहां पहले जो […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  बॉन्डिंग के बहुत-से तरीके खत्म हो रहे हैं, हैंडशेक उनमें से एक है
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एन. रघुरामन का कॉलम: बॉन्डिंग के बहुत-से तरीके खत्म हो रहे हैं, हैंडशेक उनमें से एक है

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column: Many Forms Of Bonding Are Disappearing—the Handshake Is One Of Them. 23 मिनट पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु सोमवार सुबह मुंबई एयरपोर्ट पर मैंने तीन अलग-अलग ग्रुप देखे। एक छोटा और दो बड़े थे। उनमें से एक बड़ा ग्रुप मेरी ही फ्लाइट में था। वे बोर्डिंग गेट […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  बॉन्डिंग के बहुत-से तरीके खत्म हो रहे हैं, हैंडशेक उनमें से एक है
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एन. रघुरामन का कॉलम: बॉन्डिंग के बहुत-से तरीके खत्म हो रहे हैं, हैंडशेक उनमें से एक है

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column: Many Forms Of Bonding Are Disappearing—the Handshake Is One Of Them. 2 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु सोमवार सुबह मुंबई एयरपोर्ट पर मैंने तीन अलग-अलग ग्रुप देखे। एक छोटा और दो बड़े थे। उनमें से एक बड़ा ग्रुप मेरी ही फ्लाइट में था। वे बोर्डिंग गेट […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  रिश्तों में बेवजह की मदद एहसान नहीं, अहसास होती है
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एन. रघुरामन का कॉलम: रिश्तों में बेवजह की मदद एहसान नहीं, अहसास होती है

Hindi News Opinion N Raghuraman Column: Accepting Help In Relationships Is A Feeling, Not A Favor 2 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु इस रविवार को जरा सोचिए कि कितनी बार मां ने अपनी दोस्त के हाथों आपका पसंदीदा अचार भेजने की पेशकश की होगी? आपको मना करने का अपना तर्क भी याद […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  अपने वयस्क बच्चे को आप क्या देना चाहते हैं– सीख या लग्जरी
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एन. रघुरामन का कॉलम: अपने वयस्क बच्चे को आप क्या देना चाहते हैं– सीख या लग्जरी

यह 1978 का साल था। भारत के अंधेरे सिनेमाघरों में ‘डॉन’, ‘त्रिशूल’ और ‘मुकद्दर का सिकंदर’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में ‘एंग्री यंग मैन’ अमिताभ बच्चन छाए हुए थे। लेकिन 18.5 वर्ष की उम्र में मेरे लिए असली ड्रामा सिल्वर स्क्रीन पर नहीं, घर के ड्रॉइंग रूम में चल रहा था। पहली सैलरी मिलने के सिर्फ […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  कपड़ों के रंगों की समझ फैशन से ज्यादा आपका आत्मविश्वास बढ़ाती है
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एन. रघुरामन का कॉलम: कपड़ों के रंगों की समझ फैशन से ज्यादा आपका आत्मविश्वास बढ़ाती है

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column: An Understanding Of Clothing Colors Boosts Your Self Confidence More Than Fashion Does. 1 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन मैनेजमेंट गुरु बुधवार की शाम जब हम मुंबई में अंधेरी के डीएन नगर से गुजर रहे थे तो दुनिया एक रंगीन गैलरी जैसी हो गई। हमारे ऊपर घना हरा […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  गुरुकुलों में बच्चों को 4 बजे उठा देते हैं, जबकि हम घर में ‘स्लीप कॉप’ बने रहते हैं
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एन. रघुरामन का कॉलम: गुरुकुलों में बच्चों को 4 बजे उठा देते हैं, जबकि हम घर में ‘स्लीप कॉप’ बने रहते हैं

1960 के दशक में तमिलनाडु में नानाजी के गांव में बिताई गर्मी की छुट्टियां असल में समर क्लासेस ही होती थीं। आमतौर पर हमें सुबह 4 से 4.30 बजे के बीच जगा कर सभी भाई-बहनों को कोई काम दिया जाता था। जैसे, सबसे बड़ा बच्चा कुएं से पानी निकालकर बैकयार्ड में रखे ‘हुंडा’ नाम के […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  बिगिनर्स के लिए नौकरी का पहला कदम ही अब आसान नहीं रहा
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एन. रघुरामन का कॉलम: बिगिनर्स के लिए नौकरी का पहला कदम ही अब आसान नहीं रहा

‘क्या आप रिज्यूमे को लेकर मेरी मदद कर सकते हैं?’ आपके बारे में तो मुझे पता नहीं, लेकिन यह बात मैंने उन कई युवाओं से सुनी है, जो अकसर तंग जॉब मार्केट में रिजेक्शन या साइलेंस की हतोत्साहित करने वाली स्थिति का सामना करते हैं। ऐसी दुनिया में जहां युवा सोशल मीडिया पर एक ‘स्माइली’ […]