एन. रघुरामन का कॉलम:  क्या आप कामकाजी महिलाओं के दोहरे बोझ को कम करने के बारे में सोच रहे हैं?
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एन. रघुरामन का कॉलम: क्या आप कामकाजी महिलाओं के दोहरे बोझ को कम करने के बारे में सोच रहे हैं?

शुक्रवार को अधिकांश अंतरराष्ट्रीय अखबारों के पहले पन्ने पर शीर्ष वरीयता प्राप्त जानिक सिनर की तस्वीर छपी थी, जिन्हें फ्रेंच ओपन जीतने का प्रबल दावेदार माना जा रहा था। लेकिन इसकी वजह यह नहीं थी कि उन्होंने पिछले दिन कोई मैच जीता था, बल्कि यह थी कि वे विश्व रैंकिंग में 56वें स्थान पर मौजूद […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  क्या आप कामकाजी महिलाओं के दोहरे बोझ को कम करने के बारे में सोच रहे हैं?
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एन. रघुरामन का कॉलम: क्या आप कामकाजी महिलाओं के दोहरे बोझ को कम करने के बारे में सोच रहे हैं?

शुक्रवार को अधिकांश अंतरराष्ट्रीय अखबारों के पहले पन्ने पर शीर्ष वरीयता प्राप्त जानिक सिनर की तस्वीर छपी थी, जिन्हें फ्रेंच ओपन जीतने का प्रबल दावेदार माना जा रहा था। लेकिन इसकी वजह यह नहीं थी कि उन्होंने पिछले दिन कोई मैच जीता था, बल्कि यह थी कि वे विश्व रैंकिंग में 56वें स्थान पर मौजूद […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  मुनाफे के लिए समस्या को आने से पहले ही पहचानें, समाधान विकसित करें
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एन. रघुरामन का कॉलम: मुनाफे के लिए समस्या को आने से पहले ही पहचानें, समाधान विकसित करें

Hindi News Opinion Agritech Startup Living Roots Offers Organic Fertilizer Solutions Amidst Global Shortages 7 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु जब दूसरी कंपनियां अपना बजट फ्रीज कर रही हों और एक कंपनी तेजी से भर्तियां करने लगे तो स्वाभाविक ही यह आपका ध्यान खींचेगा। इसीलिए जब मैंने सुना कि थाईलैंड में अपना […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  सेहतमंद खाना बार-बार की बीमारी और अस्पतालों के चक्करों से बचाता है
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एन. रघुरामन का कॉलम: सेहतमंद खाना बार-बार की बीमारी और अस्पतालों के चक्करों से बचाता है

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column: Healthy Eating Protects Against Recurrent Illnesses And Frequent Hospital Visits. 3 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन मैनेजमेंट गुरू कुछ महीने पहले जब मेरी पत्नी अस्पताल में थीं तो साथ बैठकर हम पूर्वजों के बारे में बात कर रहे थे कि वे लोग बहुत कम या शायद ही कभी […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  सेहतमंद खाना बार-बार की बीमारी और अस्पतालों के चक्करों से बचाता है
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एन. रघुरामन का कॉलम: सेहतमंद खाना बार-बार की बीमारी और अस्पतालों के चक्करों से बचाता है

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column: Healthy Eating Protects Against Recurrent Illnesses And Frequent Hospital Visits. 41 मिनट पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन मैनेजमेंट गुरू कुछ महीने पहले जब मेरी पत्नी अस्पताल में थीं तो साथ बैठकर हम पूर्वजों के बारे में बात कर रहे थे कि वे लोग बहुत कम या शायद ही कभी […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  कोई न कोई हमेशा ही हमारी हिंसा की कीमत चुका रहा होता है
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एन. रघुरामन का कॉलम: कोई न कोई हमेशा ही हमारी हिंसा की कीमत चुका रहा होता है

भोपाल की सबसे व्यस्त सड़क किसी भी शाम घर लौटने की हड़बड़ी से भरे यात्रियों की अराजक भीड़ से भरी रहती है। लेकिन इस शुक्रवार उसकी सामान्य रिदम टूटकर एक ठहराव में बदल गई। इसका कारण किसी निर्माण कार्य से पैदा हुई बाधा या प्राकृतिक संकट नहीं था, बल्कि मनुष्यों के बीच टाला जा सकने […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  क्या आप रिटायरमेंट के गोल्डन रूल्स फॉलो करते हैं?
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एन. रघुरामन का कॉलम: क्या आप रिटायरमेंट के गोल्डन रूल्स फॉलो करते हैं?

हाल ही में मेरे दो क्लासमेट्स को भागकर नागपुर जाना पड़ा, क्योंकि तीसरा क्लासमेट रसोई के पीछे उस ढलाननुमा गड्ढे में उल्टा गिर गया, जहां एसी के आउटडोर यूनिट भी रखे जाते हैं। चूंकि गर्मी बहुत तेज थी और लगातार इस्तेमाल की वजह से एसी ठंडी हवा नहीं दे रहा था। उसने ऑनलाइन सर्च किया […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  समस्या से बचें नहीं, सामना करें, कौन जाने आप ही समाधान खोज लें
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एन. रघुरामन का कॉलम: समस्या से बचें नहीं, सामना करें, कौन जाने आप ही समाधान खोज लें

Hindi News Opinion N. Raghuraman Column | Samasya Ka Samna Karen, Mahila Avishkarak Solution 8 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु दूसरों के बारे में तो मुझे नहीं पता, लेकिन मेरे परिवार को हाल ही में घरेलू मोर्चे पर एक समस्या झेलनी पड़ी। हमारे घर में काम करने वाले लोग गांव चले गए। […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  छोटी-सी उपलब्धि पर बच्चे ‘डेंडेलियन का ताज’ क्यों पहन लेते हैं?
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एन. रघुरामन का कॉलम: छोटी-सी उपलब्धि पर बच्चे ‘डेंडेलियन का ताज’ क्यों पहन लेते हैं?

बहुत पहले मैं किसी काम से मुंबई के शिवाजी पार्क गया, जहां से सचिन तेंदुलकर जैसे खिलाड़ी निकले हैं। इसी वजह से क्रिकेट कोचिंग के लिए यहां आने वाले हर बच्चे की मां अपने बच्चे में ‘सचिन’ देखने लगी। जब तक बेटा प्रैक्टिस पूरी न कर ले, वे घंटों तक साइडवॉल पर बैठी रहतीं। वहां […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  म्यूजिक सीखना तनावपूर्ण हालात का इलाज बन सकता है
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एन. रघुरामन का कॉलम: म्यूजिक सीखना तनावपूर्ण हालात का इलाज बन सकता है

जॉन और उनकी पत्नी मैरी (दोनों परिवर्तित नाम) में से किसी के पास भी घर में छोटे-मोटे रिपेयर करने का कौशल नहीं था। इस रिटायर्ड कपल के पास पर्याप्त आमदनी है और घर में रिपेयरिंग को लेकर उन्हें ‘मिस्टर फिक्स-इट’ बनने में कोई रुचि नहीं है। लेकिन जब भी कोई छोटी समस्या आती, मसलन कोई […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  बुजुर्गों के पैसे और सेहत को संभालना चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी है
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एन. रघुरामन का कॉलम: बुजुर्गों के पैसे और सेहत को संभालना चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी है

अपनी यात्राओं के दिनों में अकसर जब फोन पर बहन का नाम दिखता तो मैं घबरा जाता और दौड़ कर फोन उठाता था। क्योंकि मेरी यात्राओं के दौरान बहन ही मेरे बीमार पिताजी की देखभाल करती थीं। वो मुम्बई में ही रहती थीं और एक गृहिणी थीं। जब उनका कॉल आता तो वह ऐसी अनियं​त्रित […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  बच्चे की पसंद और नापसंद उसके जन्म से पहले तय हो सकती हैं
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एन. रघुरामन का कॉलम: बच्चे की पसंद और नापसंद उसके जन्म से पहले तय हो सकती हैं

‘भूख लग रही है बच्चा? बस मुझे थोड़ा समय दो। मैं जल्दी से गाजर और बीन्स को घर में उगाई पालक से मिलाकर एक बढ़िया सब्जी बना देती हूं, जिसे तुम अपनी रोटी के साथ बड़े चाव से खाओगे।’ मैंने एक बार रसोई में अपनी मां को यह कहते सुना था। बैठकखाने से मैं मौसी […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  कला में डूबे रहें, ये आपकी उम्र बढ़ने की रफ्तार घटाएगा
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एन. रघुरामन का कॉलम: कला में डूबे रहें, ये आपकी उम्र बढ़ने की रफ्तार घटाएगा

क्या आपको दादाजी-नानाजी का दौर याद है? वे हर शाम कहां जाते थे- किसी मंदिर में, स्कूल या सामुदायिक सांस्कृतिक मीटिंग में। हमारी दादी-नानी अकसर रसोई में कहती रहती थीं- ‘पता नहीं उन जगहों पर ऐसा क्या है कि दिनभर के काम से लौटने के बाद 15 मिनट भी घर नहीं रुकते।’ दूसरों के बारे […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  कला में डूबे रहें, ये आपकी उम्र बढ़ने की रफ्तार घटाएगा
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एन. रघुरामन का कॉलम: कला में डूबे रहें, ये आपकी उम्र बढ़ने की रफ्तार घटाएगा

क्या आपको दादाजी-नानाजी का दौर याद है? वे हर शाम कहां जाते थे- किसी मंदिर में, स्कूल या सामुदायिक सांस्कृतिक मीटिंग में। हमारी दादी-नानी अकसर रसोई में कहती रहती थीं- ‘पता नहीं उन जगहों पर ऐसा क्या है कि दिनभर के काम से लौटने के बाद 15 मिनट भी घर नहीं रुकते।’ दूसरों के बारे […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  इन ‘अंडरडॉग’ खिलाड़ियों के बारे में जानकर आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी
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एन. रघुरामन का कॉलम: इन ‘अंडरडॉग’ खिलाड़ियों के बारे में जानकर आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी

Hindi News Opinion FIFA World Cup 2026: Top Underdog Players To Watch | N Raghuraman Column 13 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु अगले महीने दुनिया में हजारों फैन्स इतिहास का सबसे महंगा वर्ल्ड कप देखने अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको पहुंचेंगे। पुरस्कृत किताब सीरीज ‘अनबिलीवेबल फुटबॉल’ के चर्चित ब्रिटिश लेखक मैट ओल्डफील्ड का […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  क्या हमारे 16 साल के किशोरों के पास नए आइडियाज़ दिख रहे हैं!
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एन. रघुरामन का कॉलम: क्या हमारे 16 साल के किशोरों के पास नए आइडियाज़ दिख रहे हैं!

Hindi News Opinion Teen Innovators Launch Clever Safety Gadget In London | N Raghuraman Column 6 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु प्रोडक्ट आइडिया पर चर्चा के लिए कुछ अन्य लोगों के साथ अपनी पहली बैठक में 17 साल की यूजीनिया ने चीफ एग्जीक्यूटिव और 16 साल की नव्या ने चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  क्या बच्चों में उग्रता रोकने के लिए हमें सजा को शुगरकोट करना चाहिए?
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एन. रघुरामन का कॉलम: क्या बच्चों में उग्रता रोकने के लिए हमें सजा को शुगरकोट करना चाहिए?

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column: Should We Sugarcoat Punishment To Curb Aggression In Children? 8 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन मैनेजमेंट गुरु हम सभी ने बचपन में जरूर सुना होगा कि ‘बेंच पर खड़े हो जाओ।’ यह आम सजा थी। इससे थोड़ी सख्त थी, ‘क्लास के बाहर खड़े रहो।’ खासकर, जब हम उस […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  आर्थिक हकीकत के असर को एआई ‘कुशन’ बनकर संभाल सकता है
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एन. रघुरामन का कॉलम: आर्थिक हकीकत के असर को एआई ‘कुशन’ बनकर संभाल सकता है

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column: AI Can Act As A ‘Cushion’ To Absorb The Impact Of Economic Realities 1 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन मैनेजमेंट गुरु मुझे लगता है कि रविवार को हमारे देश की ज्यादातर मांओं ने अपने बच्चों से यही कहा होगा कि ‘इतनी परेशानी उठाने की जरूरत नहीं, सिर्फ शुभकामना […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  कम से कम मदर्स डे पर तो मां के ‘निर्णय लेने के बोझ’ को कम कीजिए
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एन. रघुरामन का कॉलम: कम से कम मदर्स डे पर तो मां के ‘निर्णय लेने के बोझ’ को कम कीजिए

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column: At Least On Mother’s Day, Lighten Mom’s ‘Burden Of Decision Making’ 51 मिनट पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु ‘बेटा, गुड़िया का बाथरूम इस्तेमाल मत करो। तुम उसे गंदा छोड़ देते हो और उसे यह अच्छा नहीं लगता,’ मां रसोई से आवाज लगाकर कहती हैं, फिर भी बेटा […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  पैसे के साथ आपका रिश्ता कैसा है?
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एन. रघुरामन का कॉलम: पैसे के साथ आपका रिश्ता कैसा है?

हमारे जीवन में पैसे का क्या महत्व है? क्या आपने कभी गौर किया है कि आप पैसे के बारे में किस तरह सोचते हैं? क्या आप इसके बारे में लगातार चिंता करते हैं, क्या पार्टनर के साथ रोज पैसे को लेकर बहस होती है या आपको हमेशा यह लगता है कि ‘पर्याप्त’ पैसा नहीं है? […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  डेली एक्सरसाइज के लिए जिम से ज्यादा पार्क का बेंच काफी है
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एन. रघुरामन का कॉलम: डेली एक्सरसाइज के लिए जिम से ज्यादा पार्क का बेंच काफी है

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column: For Daily Exercise, A Park Bench Is Enough—More So Than A Gym 3 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन मैनेजमेंट गुरु अगर कोई पारिवारिक व्यक्ति सिर्फ अपना वजन मेंटेन रखना चाहता है, घर के रोजमर्रा के काम और दफ्तर में बेहतर प्रदर्शन करते हुए दिनभर फुर्तीला, स्वस्थ और एक्टिव […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  भविष्य में आपका मकान ही आपकी दुकान बन सकता है
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एन. रघुरामन का कॉलम: भविष्य में आपका मकान ही आपकी दुकान बन सकता है

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column: In The Future, Your Home Could Become Your Shop 4 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन मैनेजमेंट गुरु मै क्सिकन ईटरी चलाने वाले रेमे जिमेनेज दो साल पहले पिता और दो भाई-बहनों के गुजरने के बाद लॉस एंजेलिस आ गए। मां को सहारे की जरूरत थी तो रेमे ने […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  क्या स्मार्ट क्लासेस या स्मार्ट होम्स बच्चों में देखने की लत बढ़ा रहे हैं?
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एन. रघुरामन का कॉलम: क्या स्मार्ट क्लासेस या स्मार्ट होम्स बच्चों में देखने की लत बढ़ा रहे हैं?

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column: Are Smart Classes Or Smart Homes Fueling A ‘Viewing Addiction’ In Children? 5 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन मैनेजमेंट गुरु ‘इफ देअर आर फैट कैट्स इन योर कॉलोनी, यू नीड टु चेक योर ड्रेनेज सिस्टम’- यह एक रूपक है, जिसे मुथुस्वामी नारायण ने अपनी किताब ‘सक्सेस थ्रू ऑपोजिट्स’ […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  आपको मशीनों से प्यार है तो एक एआई-प्रूफ नौकरी आपके इंतजार में है
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एन. रघुरामन का कॉलम: आपको मशीनों से प्यार है तो एक एआई-प्रूफ नौकरी आपके इंतजार में है

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column: If You Love Machines, An AI Proof Job Awaits You 3 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु बचपन से ही उसे अपने खिलौने खोलकर फिर से जोड़ना पसंद था, हालांकि वह इसमें विफल होता था। फिर, स्कूली दिनों में वह पिता की कार से छेड़छाड़ करता और […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  सेहत की समस्याओं के समाधान के लिए पहले उसकी प्रक्रिया समझें
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एन. रघुरामन का कॉलम: सेहत की समस्याओं के समाधान के लिए पहले उसकी प्रक्रिया समझें

दृश्य 1 : कई दफ्तरों में देखा जा सकता है कि बिजनेस के शीर्ष व्यक्ति का सेक्रेटरी बॉस के केबिन के बाहर बैठा होता है और बड़े-से हॉल में सीधे उसको रिपोर्ट करने वाले अधिकतर कर्मचारी उसी के आसपास बैठते हैं। आमतौर पर 40-45 साल या वरिष्ठ आयु वर्ग का वो सेक्रेटरी फोन कॉल आते […]