बचपन में, मैं कभी उनके बैठने से पहले नहीं बैठता था। इसलिए उस दिन जब वे मेरे बाद बैठे, तो यह कुछ अजीब-सा लगा। लेकिन कोई विकल्प नहीं था। मुझे अपनी पहली कार- एक सेकंड-हैंड फिएट पार्किंग से निकालकर उनके पास लानी थी। उन्होंने अपना हाथ कार की छत पर ऐसे रखा, जैसे उसे आशीर्वाद […]
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एन. रघुरामन का कॉलम: महीने में कम से कम एक बार अपने ‘कैफे ऑफ मिस्टेकन ऑर्डर्स’ में जाइए
उन्होंने मुझसे पूछा, ‘तुम कॉफी लोगे या चाय?’ मैंने जवाब दिया, ‘मुझे कॉफी ज्यादा पसंद है।’ वह रसोई में गईं और चाय लेकर आ गईं। मैं मुस्कुरा दिया। उन्हें लगा कि कुछ गड़बड़ है तो उन्होंने चिंतित होकर पूछा कि ‘क्या यह अच्छी नहीं है?’ मैंने उन्हें भरोसा दिलाया, ‘बहुत अच्छी है। मुझे चाय पसंद […]
एन. रघुरामन का कॉलम: कार्य में जब मात्रा बढ़ती है तो प्रतिक्रिया की रफ्तार तेजी से घट जाती है।
आधुनिक इमरजेंसी हेल्पलाइन अब आधिकारिक तौर पर सॉफिस्टिकेटेड टॉर्चर डिवाइस बन चुकी हैं। कल्पना कीजिए, एक व्यक्ति ने बैंक धोखाधड़ी में जीवनभर की बचत गंवा दी हो। घबराहट में वह अपने बैंक फोन करता है, लेकिन उधर से इतनी शांत आवाज अभिवादन करती है कि लगता है अपमान कर रही हो। ‘इसके लिए 1 दबाएं, […]
एन. रघुरामन का कॉलम: एआई इंसानों की ‘ड्यूरेबल स्किल्स’ की नकल कभी नहीं कर सकता
मैं जितना ज्यादा अस्पतालों में जाता हूं, उतने ही ज्यादा आत्मविश्वास से बाहर निकलता हूं। क्योंकि जब मैं किसी मरीज और नर्स के बीच बातचीत देखता हूं, जिसमें बॉडी लैंग्वेज को समझने और अनकही बातों को भी ‘बिटवीन द लाइन्स’ पढ़ने की स्किल दिखती है तो मेरा भरोसा यह सोचकर और बढ़ जाता है कि […]
एन. रघुरामन का कॉलम: दुनिया अपने रेगुलर स्नैक्स में अधिक सेहतमंद विकल्प तलाश रही है
दुनिया में टेक कंपनियां लगातार हमें स्लीप स्कोर, हार्ट रेट बता रही हैं और हमारी बायोलॉजी को उस डैशबोर्ड जैसा बना रही हैं, जिसे देखकर हम रोजाना चिंता करें। ऐसे में फूड कंपनियां बिना शरीर की बात किए कैसे चुप रहतीं? हमारी बायोलॉजी को आंकड़ों में बदलकर इन टेक कंपनियों ने न सिर्फ सेल्फ-ऑप्टिमाइजेशन को […]
एन. रघुरामन का कॉलम: माइक्रोगार्डनिंग के बड़े फायदे हैं
बेंगलुरु की अनामिका बिष्ट 2016 में अपनी व्यस्त कॉरपोरेट लाइफ छोड़कर कुछ सुकूनभरा करना चाहती थीं, और वह थी खेती। वे चाहती थीं कि लोग फिर से मिट्टी को अनुभव करें। इसी भाव से ‘विलेज स्टोरी’ का जन्म हुआ, जो आज भारतीय सिलिकॉन सिटी का सबसे प्रख्यात कम्युनिटी फार्मिंग एक्सपेरिमेंट है। कुछ वर्कशॉप्स से शुरू […]
एन. रघुरामन का कॉलम: सुविधाओं के आदी लोगों के लिए ‘फ्रिक्शन मैक्सिंग’ करना मुश्किल है!
Hindi News Opinion N. Raghuraman Column: Friction Mixing Tough For Comfort Addicted People 35 मिनट पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु अधिक उम्र के कई लोगों को याद होगा कि उस दौर की गर्मियों में टेबल फैन ही हवा का एकमात्र साधन हुआ करता था। मेरे बचपन में हमारे घर में उषा कंपनी का […]
एन. रघुरामन का कॉलम: क्या लेट प्रेंगनेंसी के फायदों पर उससे जुड़ी समस्याएं भारी पड़ रही हैं!
53 साल के एक शानदार परफॉर्मर ने दो दशक से अधिक समय पूरी निष्ठा से काम किया। सहकर्मियों की तुलना में वह कहीं तेजी से कॉर्पोरेट के पायदान चढ़े और आखिरकार बिजनेस के शीर्ष पद तक पहुंचे। लेकिन बीते दो वर्षों में कंपनी के प्रमोटर्स ने उनकी परफॉर्मेंस में गिरावट देखी। वह बेहद दबाव में […]
एन. रघुरामन का कॉलम: एआई की दुनिया में असलियत में लोगों से मिलना अब भी फायदेमंद है
‘गूगल… एयरपोर्ट पर रो रहे बच्चे को कैसे संभालें?’ यह सवाल उन क्रिकेटप्रेमियों को जाना-पहचाना लगेगा, जिन्होंने हाल ही में आईपीएल मैच देखे थे। इससे शायद आपको ओपनएआई के चैटजीपीटी वाले उस विज्ञापन की याद आए, जिसमें फ्लाइट लेट होने की वजह से दो लोग एयरपोर्ट पर फंसे हैं। समय बिताने को वे वॉइस कमांड […]
एन. रघुरामन का कॉलम: कला को पनपना है तो अमीरों को सहायता और शिक्षितों को प्रोत्साहन देना चाहिए
Hindi News Opinion N Raghuraman Column: Art Needs Rich Support & Educated Encouragement 11 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु आईपीएल पूरा होने की वजह से लंबे समय बाद किसी रविवार की शाम मुझे लगा कि मेरे पास करने के लिए कुछ नहीं था। परिवार ने एकाएक तय किया कि मुंबई के बांद्रा […]
एन. रघुरामन का कॉलम: सेहतमंद बने रहने के लिए आपको यह ‘फीवर’ होना जरूरी है!
Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column – To Stay Healthy, You Need To Have This “fever”! 40 मिनट पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन मैनेजमेंट गुरु इस रविवार हमारे कई बुजुर्गों ने भानु सप्तमी मनाई। यह भगवान सूर्य की पूजा का महत्वपूर्ण पर्व है। बुजुर्गों ने समृद्धि, सौभाग्य और अच्छी सेहत की भी कामना की। लेकिन […]
एन. रघुरामन का कॉलम: पेट्स में हीलिंग पावर होती है; हमारे साथ रहने वाले जानवर हमारे शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य के लिए अच्छे होते हैं
वह किसी तालाब के किनारे बैठी अपने ख्यालों में डूबी थी। अचानक पानी में चार घुड़सवारों की परछाइयां दिखाई देती हैं। वह तत्काल मुड़कर उठती है और चिल्लाती है- ‘चल धन्नो!’ और घोड़ी भी तुरंत मुड़कर उसकी ओर देखती है, मानो वह अपनी मालकिन पर मंडरा रहे खतरे को समझ गई हो। उसके तांगे पर […]
एन. रघुरामन का कॉलम: मेडिकल इमरजेंसी का अंदाजा लगाना मुश्किल, लेकिन तैयार रहना आसान
Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column: Predicting A Medical Emergency Is Difficult, But Being Prepared Is Easy 10 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन मैनेजमेंट गुरु इस सोमवार रात करीब 9 बजे जालंधर के उद्योगपति दीपक पुजारा अपने बैडमिंटन खेल के बीच में थे। बीते पांच वर्षों से वे उस शहर के कई लोगों की […]
एन. रघुरामन का कॉलम: शिक्षित बेटी पूरी अगली पीढ़ी को शिक्षित और आर्थिक रूप से सुरक्षित करती है
लैपटॉप के सामने बैठी गृहिणी स्पष्टत: उत्साह से भरी आवाज में अपने पति को आवाज देती है, ‘भास्कर, हमारा पहला ऑर्डर।’ पति स्क्रीन की ओर दौड़ते हैं, जैसे उन्हें सुनी हुई बात पर यकीन न हो। उनके नए चटनी के कारोबार को पहला ऑनलाइन ऑर्डर मिला है। यह दृश्य कल समाप्त हुए आईपीएल के दौरान […]
एन. रघुरामन का कॉलम: क्या आप कामकाजी महिलाओं के दोहरे बोझ को कम करने के बारे में सोच रहे हैं?
शुक्रवार को अधिकांश अंतरराष्ट्रीय अखबारों के पहले पन्ने पर शीर्ष वरीयता प्राप्त जानिक सिनर की तस्वीर छपी थी, जिन्हें फ्रेंच ओपन जीतने का प्रबल दावेदार माना जा रहा था। लेकिन इसकी वजह यह नहीं थी कि उन्होंने पिछले दिन कोई मैच जीता था, बल्कि यह थी कि वे विश्व रैंकिंग में 56वें स्थान पर मौजूद […]
एन. रघुरामन का कॉलम: क्या आप कामकाजी महिलाओं के दोहरे बोझ को कम करने के बारे में सोच रहे हैं?
शुक्रवार को अधिकांश अंतरराष्ट्रीय अखबारों के पहले पन्ने पर शीर्ष वरीयता प्राप्त जानिक सिनर की तस्वीर छपी थी, जिन्हें फ्रेंच ओपन जीतने का प्रबल दावेदार माना जा रहा था। लेकिन इसकी वजह यह नहीं थी कि उन्होंने पिछले दिन कोई मैच जीता था, बल्कि यह थी कि वे विश्व रैंकिंग में 56वें स्थान पर मौजूद […]
एन. रघुरामन का कॉलम: मुनाफे के लिए समस्या को आने से पहले ही पहचानें, समाधान विकसित करें
Hindi News Opinion Agritech Startup Living Roots Offers Organic Fertilizer Solutions Amidst Global Shortages 7 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु जब दूसरी कंपनियां अपना बजट फ्रीज कर रही हों और एक कंपनी तेजी से भर्तियां करने लगे तो स्वाभाविक ही यह आपका ध्यान खींचेगा। इसीलिए जब मैंने सुना कि थाईलैंड में अपना […]
एन. रघुरामन का कॉलम: सेहतमंद खाना बार-बार की बीमारी और अस्पतालों के चक्करों से बचाता है
Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column: Healthy Eating Protects Against Recurrent Illnesses And Frequent Hospital Visits. 3 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन मैनेजमेंट गुरू कुछ महीने पहले जब मेरी पत्नी अस्पताल में थीं तो साथ बैठकर हम पूर्वजों के बारे में बात कर रहे थे कि वे लोग बहुत कम या शायद ही कभी […]
एन. रघुरामन का कॉलम: सेहतमंद खाना बार-बार की बीमारी और अस्पतालों के चक्करों से बचाता है
Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column: Healthy Eating Protects Against Recurrent Illnesses And Frequent Hospital Visits. 41 मिनट पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन मैनेजमेंट गुरू कुछ महीने पहले जब मेरी पत्नी अस्पताल में थीं तो साथ बैठकर हम पूर्वजों के बारे में बात कर रहे थे कि वे लोग बहुत कम या शायद ही कभी […]
एन. रघुरामन का कॉलम: कोई न कोई हमेशा ही हमारी हिंसा की कीमत चुका रहा होता है
भोपाल की सबसे व्यस्त सड़क किसी भी शाम घर लौटने की हड़बड़ी से भरे यात्रियों की अराजक भीड़ से भरी रहती है। लेकिन इस शुक्रवार उसकी सामान्य रिदम टूटकर एक ठहराव में बदल गई। इसका कारण किसी निर्माण कार्य से पैदा हुई बाधा या प्राकृतिक संकट नहीं था, बल्कि मनुष्यों के बीच टाला जा सकने […]
एन. रघुरामन का कॉलम: क्या आप रिटायरमेंट के गोल्डन रूल्स फॉलो करते हैं?
हाल ही में मेरे दो क्लासमेट्स को भागकर नागपुर जाना पड़ा, क्योंकि तीसरा क्लासमेट रसोई के पीछे उस ढलाननुमा गड्ढे में उल्टा गिर गया, जहां एसी के आउटडोर यूनिट भी रखे जाते हैं। चूंकि गर्मी बहुत तेज थी और लगातार इस्तेमाल की वजह से एसी ठंडी हवा नहीं दे रहा था। उसने ऑनलाइन सर्च किया […]
एन. रघुरामन का कॉलम: समस्या से बचें नहीं, सामना करें, कौन जाने आप ही समाधान खोज लें
Hindi News Opinion N. Raghuraman Column | Samasya Ka Samna Karen, Mahila Avishkarak Solution 8 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु दूसरों के बारे में तो मुझे नहीं पता, लेकिन मेरे परिवार को हाल ही में घरेलू मोर्चे पर एक समस्या झेलनी पड़ी। हमारे घर में काम करने वाले लोग गांव चले गए। […]
एन. रघुरामन का कॉलम: छोटी-सी उपलब्धि पर बच्चे ‘डेंडेलियन का ताज’ क्यों पहन लेते हैं?
बहुत पहले मैं किसी काम से मुंबई के शिवाजी पार्क गया, जहां से सचिन तेंदुलकर जैसे खिलाड़ी निकले हैं। इसी वजह से क्रिकेट कोचिंग के लिए यहां आने वाले हर बच्चे की मां अपने बच्चे में ‘सचिन’ देखने लगी। जब तक बेटा प्रैक्टिस पूरी न कर ले, वे घंटों तक साइडवॉल पर बैठी रहतीं। वहां […]
एन. रघुरामन का कॉलम: म्यूजिक सीखना तनावपूर्ण हालात का इलाज बन सकता है
जॉन और उनकी पत्नी मैरी (दोनों परिवर्तित नाम) में से किसी के पास भी घर में छोटे-मोटे रिपेयर करने का कौशल नहीं था। इस रिटायर्ड कपल के पास पर्याप्त आमदनी है और घर में रिपेयरिंग को लेकर उन्हें ‘मिस्टर फिक्स-इट’ बनने में कोई रुचि नहीं है। लेकिन जब भी कोई छोटी समस्या आती, मसलन कोई […]
एन. रघुरामन का कॉलम: बुजुर्गों के पैसे और सेहत को संभालना चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी है
अपनी यात्राओं के दिनों में अकसर जब फोन पर बहन का नाम दिखता तो मैं घबरा जाता और दौड़ कर फोन उठाता था। क्योंकि मेरी यात्राओं के दौरान बहन ही मेरे बीमार पिताजी की देखभाल करती थीं। वो मुम्बई में ही रहती थीं और एक गृहिणी थीं। जब उनका कॉल आता तो वह ऐसी अनियंत्रित […]



























