मनुष्य के जीवन में अचानक जब कुछ होता है, तब उसकी परीक्षा होती है कि वो कितना समझदार है। कैसे उसका सामना करता है। आप कितने ही समर्थ व्यक्ति हों, लेकिन विपरीत परिस्थिति आपके हाथ में नहीं है। हां, उसको संभालना आपके हाथ में है। विपत्ति में कुछ लोग निखर कर कुंदन बन जाते हैं […]
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: विवाह में देह से आगे बढ़कर आत्मा तक की यात्रा करें
विवाह इसीलिए रचाया जाता है कि जीवन में एक अभाव की पूर्ति हो जाए। विवाह पूर्व जिस सुख की तलाश में मनुष्य रहता है, वो प्राप्त हो जाए। दु:ख की कल्पना कोई नहीं करता। लेकिन इन दिनों विवाह के मतलब बदलते जा रहे हैं। एक पीढ़ी तो भूल ही जाएगी कि विवाह संस्कार है। और […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: उत्साह को उदासी में बदलने वाले मन पर काम करते रहें
Hindi News Opinion Pandit Vijayshankar Mehta Column: Work On Mind Turning Sadness To Enthusiasm 3 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता कहा तो जाता है कि हर काम उत्साह से किया जाए। और यह भी सत्य है कि बिना दबाव के इन दिनों कोई काम हो ही नहीं सकता। तो उत्साह को समझा जाए। […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: दु:ख की समझ का नाम ही दु:ख का मिटना है
Hindi News Opinion Pandit Vijayshankar Mehta Column: Understanding Sorrow Is Ending Sorrow 4 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता दुनिया में हमारा इरादा कई चीजें कमाने का होता है। धन, पद, प्रतिष्ठा, सुख, परिवार- ये सब कमाई के हिस्से हैं। लेकिन दो और चीजें भी हमारी कमाई बन जाती हैं- सुख और दु:ख। सुख […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: अपने काम से प्रेम करिए तो कर्म बोझ नहीं लगेगा
Hindi News Opinion Pandit Vijayshankar Mehta: Love Your Work, Karma Wont Feel Like A Burden 4 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता आजकल ट्रांसफरेबल स्किल्स का जमाना है। इसे सीधी भाषा में कहें तो किसी एक काम में दूसरे काम के कौशल को उतारना। जैसे इंटरपर्सनल कम्युनिकेशन, समय प्रबंधन, डेटा विश्लेषण। एक ही काम […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: हम अपने बच्चों को तभी बचा पाएंगे जब खुद सावधान होंगे
Hindi News Opinion Pandit Vijayshankar Mehta Column: AIs Impact On Children & Family Safety 51 मिनट पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता दुनियाभर के बाजार आज एआई में जमकर निवेश कर रहे हैं। दीवानों ने दर्द को ही दवा बना लिया है। हर बात का निदान एआई में ढूंढा जा रहा है। हमारे यहां दो […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: सुख को शांति से जोड़ने की कला ही अध्यात्म है
Hindi News Opinion Pandit Vijayshankar Mehta Column: Spirituality Is Connecting Happiness With Peace 36 मिनट पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता भाग्य का सबसे हठीला ढंग यही है कि वह समय पर बदल ही जाता है। अच्छे-अच्छे लोगों के जीवन में दुर्भाग्य जब प्रवेश करता है तो समझ नहीं पाते यह क्या हो गया? इस […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: भगवान को ढूंढा और दुनिया की वस्तुओं को खोजा जाए
Hindi News Opinion Pandit Vijayshankar Mehta: Seek God, Not Worldly Things | AIs Impact 5 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता ढूंढना और खोजना, दो अलग-अलग बातें हैं। ढूंढा उसे जाता है, जो पहले से प्राप्त हो और आप कहीं रखकर भूल गए। खोजा उसे जाता है, जो अप्राप्त हो। इसलिए भगवान को ढूंढा […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: माता-पिता बच्चों के निर्णय लेने की क्षमता को बढ़ाएं
इन दिनों अपने बच्चों के लालन-पालन में कुछ अधिक ही अलर्ट माता-पिता उनसे अत्यधिक पूछताछ करते हैं और टोका-टाकी करते रहते हैं। इस चक्कर में वो भूल जाते हैं कि बच्चों के मनोविज्ञान पर विपरीत असर पड़ रहा है। कुछ माता-पिता तो भोजन के समय भी बच्चों को इतने अधिक विकल्प दे देते हैं कि […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: दुनिया पर विचार और भगवान पर विश्वास करें
इस समय एक बड़ा भ्रम चल रहा है, वो ये कि हम दुनिया पर विश्वास करते हैं और भगवान पर विचार करते हैं। आज जो कुछ भी हमारे आसपास हो रहा है, खासतौर पर विज्ञान और तकनीक के मामले में- उस पर हम आंख मूंदकर विश्वास कर रहे हैं। और भगवान है कि नहीं है, […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: दुनिया पर विचार और भगवान पर विश्वास करें
इस समय एक बड़ा भ्रम चल रहा है, वो ये कि हम दुनिया पर विश्वास करते हैं और भगवान पर विचार करते हैं। आज जो कुछ भी हमारे आसपास हो रहा है, खासतौर पर विज्ञान और तकनीक के मामले में- उस पर हम आंख मूंदकर विश्वास कर रहे हैं। और भगवान है कि नहीं है, […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: सामूहिक ध्यान बच्चों की याददाश्त बढ़ा सकता है
Hindi News Opinion Pandit Vijayshankar Mehta Column: Collective Meditation Boosts Child Memory 4 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता मौन और ध्यान को अब घरेलू क्रिया बनाना चाहिए। कुछ काम हमारे घरेलू जीवन में नियमित होते हैं- झाडू-पोंछा, रसोई घर की व्यवस्था, बड़े-बूढ़ों और बच्चों की देखभाल। ऐसे ही मौन और ध्यान को अब […]















