एन. रघुरामन का कॉलम:  बच्चों को किताबों की ओर आकर्षित करने के लिए नए-नए आइडिया की जरूरत है
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एन. रघुरामन का कॉलम: बच्चों को किताबों की ओर आकर्षित करने के लिए नए-नए आइडिया की जरूरत है

इस देश के पास 1.99 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 188 लाख करोड़ रुपए) का सॉवरेन वेल्थ फंड है, जो दुनिया के सबसे बड़े ऐसे फंड्स में से एक है। यहां गत वर्ष बिकने वाली कारों में से 96% इलेक्ट्रिक थीं। लेकिन इसकी 56 लाख की आबादी में करीब 5 लाख लोग एक टेक्स्ट मैसेज या सामान्य […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  हमारे बच्चे ‘टेक नेक’ या ‘कॉस्मेटिकोरिक्सिया’ से तो नहीं जूझ रहे?
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एन. रघुरामन का कॉलम: हमारे बच्चे ‘टेक नेक’ या ‘कॉस्मेटिकोरिक्सिया’ से तो नहीं जूझ रहे?

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column: Are Our Children Grappling With ‘Tech Neck’ Or ‘Cosmeticorexia’? 1 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन मैनेजमेंट गुरु कई वर्षों पहले पत्नी ने मेरी बेटी से कहा कि ‘तुम अपनी उम्र से ज्यादा बड़ी लग रही हो।’ बस, इस पर तो मेरे घर में तूफान आ गया। उन्होंने ऐसा […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  अधिकतर परिवारों के लिए फोन बेबीसिटर बन गए हैं
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एन. रघुरामन का कॉलम: अधिकतर परिवारों के लिए फोन बेबीसिटर बन गए हैं

अगर आप ग्रामीण भारत में किसी पैसेंजर ट्रेन में सफर कर रहे हैं तो आपको कुछ ऐसा दृश्य दिख सकता है- चलती ट्रेन में भी किचन की जिम्मेदारी संभाल रही एक युवा मां अपने हैंडबैग में हाथ डालती है। उसका साल भर का बेटा राहुल (काल्पनिक नाम) बेचैन है। उसके नन्हे-से हाथ मां की कलाई […]

पं. विजयशंकर मेहता कॉलम:  सावधानी से अपने बच्चों को चरित्र की तरफ मोड़ें
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पं. विजयशंकर मेहता कॉलम: सावधानी से अपने बच्चों को चरित्र की तरफ मोड़ें

अब समय आ गया है कि हम इस बात पर जोर दें- खासतौर पर माता-पिता- कि इंसान की रचनात्मकता मशीनों से अहम रहे। क्योंकि जिस तेजी से मशीनें हमारे जीवन में उतरेंगी, हम लोगों की माता-पिता के रूप में तो उम्र बीत जाएगी, पर हमारे बच्चे न मशीन रह पाएंगे, न इंसान। उनका शिखंडी व्यक्तित्व […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  अपने बच्चों को संकट से निपटना सिखाएं…
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एन. रघुरामन का कॉलम: अपने बच्चों को संकट से निपटना सिखाएं…

आज के दौर में ‘अर्श से फर्श’ तक पहुंचने वाले कई कारोबारी साम्राज्य उन लोगों ने खड़े किए हैं, जिन्होंने जमीन पर उतरकर कड़ी मेहनत की है। लेकिन, उनकी अगली पीढ़ी एक ऐसे दौर में पली-बढ़ी है जहां सुख-सुविधाओं की कोई कमी नहीं रही। उन्होंने कभी किसी बड़े आर्थिक संकट का कड़वा स्वाद नहीं चखा। […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  ऑल-इन-वन प्रजाति यानी स्त्रियों से मैंने दो शानदार सबक सीखे हैं!
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एन. रघुरामन का कॉलम: ऑल-इन-वन प्रजाति यानी स्त्रियों से मैंने दो शानदार सबक सीखे हैं!

Hindi News Opinion N Raghuraman Column: 2 Lessons Learned From All in One Species Women 8 मिनट पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु 1. बाहर तापमान एक अंक में हो या मूसलधार बारिश हो रही हो- उनका एक नियम अटल था : सुबह 5 बजे से बहुत पहले जब अलार्म घड़ी बज उठे तो […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  ऑल-इन-वन प्रजाति यानी स्त्रियों से मैंने दो शानदार सबक सीखे हैं!
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एन. रघुरामन का कॉलम: ऑल-इन-वन प्रजाति यानी स्त्रियों से मैंने दो शानदार सबक सीखे हैं!

Hindi News Opinion N Raghuraman Column: 2 Lessons Learned From All in One Species Women 2 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु 1. बाहर तापमान एक अंक में हो या मूसलधार बारिश हो रही हो- उनका एक नियम अटल था : सुबह 5 बजे से बहुत पहले जब अलार्म घड़ी बज उठे तो […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  बच्चों की मित्र मंडली के बारे में हमें जानकारी होनी चाहिए
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: बच्चों की मित्र मंडली के बारे में हमें जानकारी होनी चाहिए

जैसे कुछ साइट्स पर जाने से रोकने के लिए गेट वॉल्व होते हैं, वैसे ही हम अपने बच्चों को सिखाएं कि कुसंग के लिए गेट वॉल्व बनाएं। पहले माना जाता था कि बच्चे जब युवा उम्र में जाएं तो उनकी मित्रता कुसंग में न बदल जाए, इसकी सावधानी रखी जाए। लेकिन ये खतरा अब बालपन […]

पेरेंटिंग- क्या बच्चे को ट्यूशन पढ़ाना जरूरी है:  उसके साथ के सारे बच्चे ट्यूशन जाते हैं, कहीं वो लेफ्ट-आउट तो नहीं फील करेगा
महिला

पेरेंटिंग- क्या बच्चे को ट्यूशन पढ़ाना जरूरी है: उसके साथ के सारे बच्चे ट्यूशन जाते हैं, कहीं वो लेफ्ट-आउट तो नहीं फील करेगा

सवाल- मैं बनारस से हूं। मेरा 12 साल का बेटा छठवीं क्लास में पढ़ता है। वह पढ़ाई में काफी अच्छा है। टीचर्स भी तारीफ करते हैं। कुल मिलाकर अभी तक उसकी पढ़ाई को लेकर कोई चिंता नहीं है। लेकिन उसके सभी दोस्त ट्यूशन लेते हैं। क्लास के बाकी सारे बच्चे भी ट्यूशन जाते हैं। कहीं […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  हम परिवारों में छोटी-छोटी एक्टिविटी पर ग्रिप बनाएं
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: हम परिवारों में छोटी-छोटी एक्टिविटी पर ग्रिप बनाएं

Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta Column: Build Grip On Small Family Activities 3 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता अब यह बात धीरे-धीरे स्थापित हो गई है कि पति-पत्नी का रिश्ता यदि बीमार हो तो तलाक उसकी दवा है। इस रिश्ते में जिस समझ की बात की जाती थी, वो भी अब […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  अपनों के बीच आ रही दूरी को कैसे टालें?
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एन. रघुरामन का कॉलम: अपनों के बीच आ रही दूरी को कैसे टालें?

अपने आसपास देखिए, पांच साल की उम्र के कई बेटे होंगे, जो अपने पिता को ‘माय सुपर हीरो’ कहते हैं। जब वह 10 साल का होता है तो यह छवि थोड़ी दूसरे दर्जे पर आती है और बेटा कहने लगता है कि ‘मेरे पिता सुपर हीरो हैं, लेकिन अकसर गुस्सा हो जाते हैं।’ आप लहजा […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  हम अपने बच्चों को तभी बचा पाएंगे जब खुद सावधान होंगे
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: हम अपने बच्चों को तभी बचा पाएंगे जब खुद सावधान होंगे

Hindi News Opinion Pandit Vijayshankar Mehta Column: AIs Impact On Children & Family Safety 51 मिनट पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता दुनियाभर के बाजार आज एआई में जमकर निवेश कर रहे हैं। दीवानों ने दर्द को ही दवा बना लिया है। हर बात का निदान एआई में ढूंढा जा रहा है। हमारे यहां दो […]

पेरेंटिंग- बेटी अपनी उम्र से ज्यादा मैच्योर बातें करती है:  उसकी ये समझदारी अच्छी है या चिंता की बात, मुझे क्या करना चाहिए?
महिला

पेरेंटिंग- बेटी अपनी उम्र से ज्यादा मैच्योर बातें करती है: उसकी ये समझदारी अच्छी है या चिंता की बात, मुझे क्या करना चाहिए?

Hindi News Lifestyle Teen Daughter Mature Behavior; Child Psychology Advice | Social Media Screen Time 2 दिन पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल कॉपी लिंक सवाल- मैं लखनऊ से हूं। मेरी 13 साल की बेटी काफी समझदार है। लेकिन कई बार वह ऐसी बातें करती है, जो उसकी उम्र के मुकाबले काफी ज्यादा मैच्योर होती हैं। कभी वह […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  ‘एफडीपी’ अपनाने से बच्चों की सफलता पक्की है
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एन. रघुरामन का कॉलम: ‘एफडीपी’ अपनाने से बच्चों की सफलता पक्की है

परीक्षाएं हों या गर्मियों की छुट्टियां, स्कूल के दिन हों या वीकेंड, चाहे बाहर बारिश हो रही हो या अचानक बिजली चली जाए, लेकिन शाम 7.30 बजे हमारा डिनर टाइम तय था। हम उस फैमिली गैदरिंग में न आने का कोई बहाना नहीं बना सकते थे। नियम सिर्फ दो मौकों पर टूटता था- जब किसी […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  ‘एफडीपी’ अपनाने से बच्चों की सफलता पक्की है
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एन. रघुरामन का कॉलम: ‘एफडीपी’ अपनाने से बच्चों की सफलता पक्की है

परीक्षाएं हों या गर्मियों की छुट्टियां, स्कूल के दिन हों या वीकेंड, चाहे बाहर बारिश हो रही हो या अचानक बिजली चली जाए, लेकिन शाम 7.30 बजे हमारा डिनर टाइम तय था। हम उस फैमिली गैदरिंग में न आने का कोई बहाना नहीं बना सकते थे। नियम सिर्फ दो मौकों पर टूटता था- जब किसी […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  माता-पिता बच्चों के निर्णय लेने की क्षमता को बढ़ाएं
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: माता-पिता बच्चों के निर्णय लेने की क्षमता को बढ़ाएं

इन दिनों अपने बच्चों के लालन-पालन में कुछ अधिक ही अलर्ट माता-पिता उनसे अत्यधिक पूछताछ करते हैं और टोका-टाकी करते रहते हैं। इस चक्कर में वो भूल जाते हैं कि बच्चों के मनोविज्ञान पर विपरीत असर पड़ रहा है। कुछ माता-पिता तो भोजन के समय भी बच्चों को इतने अधिक विकल्प दे देते हैं कि […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  दादी-नानी मां से अपनी एआई स्किल्स को निखारना सीखें!
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एन. रघुरामन का कॉलम: दादी-नानी मां से अपनी एआई स्किल्स को निखारना सीखें!

यह 1968 की एक रविवार की शाम थी। उन्होंने गली के छोर से उन्हें चलकर आते देखा। उनकी आंखों ने भांप लिया कि वे अपनी सामान्य अवस्था में नहीं थे। उनके एआई यानी एक्चुअल इंटेलिजेंस ने फौरन उन घटनाओं को परखना शुरू कर दिया, जो उनके दफ्तर में घट सकती थीं। उस दिन उनके बॉस […]

पेरेंटिंग– बेटे को फैमिली ट्रेडिशन्स बहुत बोरिंग लगते हैं:  चाहती हूं कि वह परंपराओं से जुड़े, लेकिन क्या उसे फोर्स करना सही होगा?
महिला

पेरेंटिंग– बेटे को फैमिली ट्रेडिशन्स बहुत बोरिंग लगते हैं: चाहती हूं कि वह परंपराओं से जुड़े, लेकिन क्या उसे फोर्स करना सही होगा?

21 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल कॉपी लिंक सवाल- मैं राजस्थान से हूं। मेरा 15 साल का एक बेटा है। हमारे परिवार में अक्सर पूजा-पाठ और कल्चरल एक्टिविटीज होती रहती हैं। मैं चाहती हूं कि मेरा बेटा भी इन पारिवारिक परंपराओं से जुड़े। लेकिन वह इन्हें बोरिंग और पुराने जमाने की चीजें कहकर टाल देता है। […]

पेरेंटिंग- बेटे को स्कूल में बुली करते हैं:  वह गुमसुम रहने लगा है, उसे बुलिंग का सामना करना, हिम्मत से जवाब देना कैसे सिखाएं
महिला

पेरेंटिंग- बेटे को स्कूल में बुली करते हैं: वह गुमसुम रहने लगा है, उसे बुलिंग का सामना करना, हिम्मत से जवाब देना कैसे सिखाएं

10 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल कॉपी लिंक सवाल- मैं पुणे से हूं। मेरा 8 साल का बेटा क्लास 2 में पढ़ता है। पिछले कुछ दिनों से मैंने नोटिस किया है कि वह स्कूल से आने के बाद बहुत अपसेट रहता है, बहुत शांत रहने लगा है। मेरे बहुत पूछने पर उसने बताया कि स्कूल में […]

पेरेंटिंग- 16 साल की बेटी बगावत कर रही:  देर रात दोस्तों के साथ घूमना चाहती है, मना करूं तो नाराज होती है, मैं क्या करूं
महिला

पेरेंटिंग- 16 साल की बेटी बगावत कर रही: देर रात दोस्तों के साथ घूमना चाहती है, मना करूं तो नाराज होती है, मैं क्या करूं

12 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल कॉपी लिंक सवाल- मैं दिल्ली से हूं। मेरी 16 साल की बेटी में अब टीन एज वाले टैंट्रम्स दिखने लगे हैं। पिछले कुछ समय से घर में उसका मन नहीं लगता। वह अपने दोस्तों के साथ बाहर रहना चाहती है। पहले शाम तक घर लौट आती थी, लेकिन अब अक्सर […]

पेरेंटिंग– बेटी रोज कहानी सुनाने की जिद करती है:  खुद को कहानियों का किरदार समझती है, क्या ये इमैजिनेशन ब्रेन के लिए हेल्दी है
महिला

पेरेंटिंग– बेटी रोज कहानी सुनाने की जिद करती है: खुद को कहानियों का किरदार समझती है, क्या ये इमैजिनेशन ब्रेन के लिए हेल्दी है

17 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल कॉपी लिंक सवाल- मैं भोपाल से हूं। मेरी 6 साल की बेटी को रोज सोने से पहले कहानी सुनने की जिद करती है। शुरू में मुझे लगा कि यह अच्छी बात है क्योंकि इससे उसकी कल्पनाशक्ति बढ़ेगी और भाषा सीखेगी। लेकिन अब वह कहानी के किरदारों को अपनी जिंदगी से […]

पेरेंटिंग- 5 साल का बेटा बहुत सवाल पूछता है:  जवाब देते-देते थक जाती हूं, सवाल पूछना तो ठीक पर जवाब देने की एनर्जी कहां से लाऊं
महिला

पेरेंटिंग- 5 साल का बेटा बहुत सवाल पूछता है: जवाब देते-देते थक जाती हूं, सवाल पूछना तो ठीक पर जवाब देने की एनर्जी कहां से लाऊं

14 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल कॉपी लिंक सवाल- मैं लखनऊ से हूं। मेरा 5 साल का बेटा बहुत सवाल पूछता है। दिनभर किसी न किसी चीज को लेकर उत्सुक रहता है। जैसेकि ‘आसमान नीला क्यों है?‘, ‘चींटियां लाइन में क्यों चलती हैं?‘, ‘पापा ऑफिस क्यों जाते हैं?‘। शुरू में मुझे उसकी जिज्ञासा प्यारी लगती थी, […]

पेरेंटिंग- बच्चा पटाखों की जिद करता है:  दोस्तों को देखकर महंगे खिलौनों की डिमांड करता है, उसे कैसे समझाएं
महिला

पेरेंटिंग- बच्चा पटाखों की जिद करता है: दोस्तों को देखकर महंगे खिलौनों की डिमांड करता है, उसे कैसे समझाएं

8 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल कॉपी लिंक सवाल- मैं नई दिल्ली से हूं। मेरा 8 साल का बेटा है। वह पढ़ने-लिखने में काफी अच्छा है। दिवाली का त्योहार नजदीक है। इस मौके पर उसके ज्यादातर दोस्त पहले से ही पटाखे और खिलौने खरीद रहे हैं। वे उसे स्कूल या पार्क में रोज अपने खिलौने और […]

पेरेंटिंग- 8 साल का बेटा स्कूल नहीं जाना चाहता:  कभी सिरदर्द तो कभी पेट दर्द, रोज नया बहाना, डांट-मार सब बेअसर, उसे कैसे समझाएं
महिला

पेरेंटिंग- 8 साल का बेटा स्कूल नहीं जाना चाहता: कभी सिरदर्द तो कभी पेट दर्द, रोज नया बहाना, डांट-मार सब बेअसर, उसे कैसे समझाएं

6 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल कॉपी लिंक सवाल- मैं अहमदाबाद से हूं। मेरा एक 8 साल का बेटा है। पिछले कुछ दिनों से मैं देख रही हूं कि उसका स्कूल जाने में इंटरेस्ट कम हो गया है। वह हर सुबह स्कूल जाने में आनाकानी करने लगा है। कभी पेट दर्द या सिरदर्द का बहाना बनाता […]

पेरेंटिंग- बेटा कॉलेज जाकर स्टूडेंट पॉलिटिक्स में लग गया है:  क्लास बंक करता है, पढ़ाई नहीं करता, उसे सही रास्ते पर कैसे लाएं
महिला

पेरेंटिंग- बेटा कॉलेज जाकर स्टूडेंट पॉलिटिक्स में लग गया है: क्लास बंक करता है, पढ़ाई नहीं करता, उसे सही रास्ते पर कैसे लाएं

14 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल कॉपी लिंक सवाल- मैं लखनऊ से हूं। मेरा 21 साल का बेटा 12वीं करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन कर रहा है। वह पढ़ाई में काफी अच्छा है। लेकिन पिछले कुछ समय से मुझे लग रहा है कि उसका ध्यान पढ़ाई से भटक गया है। कुछ दिन पहले मुझे […]