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पवन के. वर्मा का कॉलम: चुनाव प्रक्रिया का प्रश्न सत्ता व विपक्ष तक ही सीमित नहीं है

Hindi News Opinion Pawan K Verma Column | Election Commission Credibility & Controversy 6 घंटे पहले कॉपी लिंक पवन के. वर्मा पूर्व राज्यसभा सांसद व राजनयिक एसआईआर को लेकर चल रहे विवाद में एक दिलचस्प विसंगति दिखलाई देती है। यह कि विपक्षी दल तो चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहे हैं, लेकिन आयोग […]

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शेखर गुप्ता का कॉलम: बदलाव वही ला सकते हैं, जो चुनाव जीतते हैं

Hindi News Opinion Shekhar Gupta’s Column – Only Those Who Win Elections Can Bring About Change 2 घंटे पहले कॉपी लिंक शेखर गुप्ता, एडिटर-इन-चीफ, ‘द प्रिन्ट’ 2014 में कांग्रेस लोकसभा चुनाव में केवल 44 सीटें जीती थी और अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई थी। 2019 में उसे 52 और 2024 में 99 सीटें […]

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आशुतोष वार्ष्णेय का कॉलम: लोकतंत्र केवल चुनावों तक ही सीमित नहीं हो सकता है

Hindi News Opinion Ashutosh Varshney Column | India Democracy Challenges & Liberal Values 6 घंटे पहले कॉपी लिंक आशुतोष वार्ष्णेय ब्राउन यूनिवर्सिटी, अमेरिका में राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर लोकतंत्र के सिद्धांतकार लंबे समय से मानते रहे हैं कि भारत का लोकतंत्र असाधारण रहा है। इससे पहले अमीर और औद्योगिक देशों में ही लंबे समय तक […]

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शेखर गुप्ता का कॉलम: छोटी-छोटी चुनौतियां मिलकर बड़ी हो जाती हैं

फिलहाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सत्ता के 25 साल पर चर्चाओं का दौर है। उनके समर्थक जश्न मना रहे हैं। उनके मंत्रिमंडल ने उनकी प्रशंसा का प्रस्ताव पास किया है। आलोचक भी सार्वजनिक जीवन में उनके 25 साल के सफर का विश्लेषण कर रहे हैं, लेकिन निर्ममता से। दो सप्ताह पहले इस कॉलम में हमने […]

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शेखर गुप्ता का कॉलम: राजनीति में नयापन सरकारों के लिए जरूरी है

Hindi News Opinion Shekhar Gupta Column | Political Innovation Essential For Governments 5 घंटे पहले कॉपी लिंक शेखर गुप्ता, एडिटर-इन-चीफ, ‘द प्रिन्ट’ अगर आप वादा करें कि आप गूगल में सर्च नहीं करेंगे तो मैं आपसे तीन सवाल करना चाहूंगा। पहला सवाल : मोदी सरकार में ज्ञानेश कुमार से पहले कितने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) […]

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संजय कुमार का कॉलम: उत्तर प्रदेश के चुनाव में किस तरफ जाएंगे दलित वोट?

उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में अभी करीब छह महीने का वक्त है, लेकिन राज्य की राजनीति में अभी से चुनावी रंगत दिखने लगी है। राजनीतिक दल मतदाताओं को लामबंद करने के मुद्दे तलाशने लगे हैं। हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली ऐसा ही मुद्दा बन कर उभरी है। इस रैली को मल्लिकार्जुन […]

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आरती जेरथ का कॉलम: राज्यों में ‘यूसीसी’ का प्रयोग राजनीति को क्या दिशा देगा?

Hindi News Opinion Arti Jerath Column | India States Uniform Civil Code UCC Politics 2029 3 घंटे पहले कॉपी लिंक आरती जेरथ राजनीतिक टिप्पणीकार भाजपा के तीनों कोर एजेंडों- अनुच्छेद 370, राम मंदिर, समान नागरिक संहिता (यूसीसी) में से तीसरा ही सबसे पेचीदा था। यूसीसी को लागू करना टेढ़ी खीर है, क्योंकि धार्मिक-सामाजिक रीति-रिवाजों की […]

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नवनीत गुर्जर का कॉलम: देश की राजनीति में इन दिनों एक तरह की नई इबारत लिखी जा रही है…

Hindi News Opinion Navneet Gurjar Column | Changing Political Landscape & Climate Crisis 8 घंटे पहले कॉपी लिंक नवनीत गुर्जर मौसम, गीत और लोकगीत अब लगभग एक जैसे हो चले हैं। मौसम जाने किस प्रदेश के, किस शहर की, किस गली में सूखा रहेगा, और किस गली को भिगोएगा, पता ही नहीं चलता। जिन प्रदेशों […]

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नवनीत गुर्जर का कॉलम: कोई हमें अन्नदाता कहे या जनता जनार्दन, पर चुनावों के हम मालिक नहीं हैं

उत्तर प्रदेश और पंजाब दो अहम राज्य हैं, जहां चुनाव होने वाले हैं। तमाम राजनीतिक पार्टियां इन चुनावों के लिए ही अपनी कमर कस रही हैं। नए-नए प्रभार गढ़े जा रहे हैं और नए-नए प्रभारी बनाए जा रहे हैं। हर तरह से, हर तरफ जोर-शोर से तैयारी की जा रही है। अगर कोई बेफिक्र बैठा […]

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भारत का लोकतंत्र दूसरे देशों से अलग: Gen-Z के प्रदर्शन पर थरूर बोले – देश का राजनीतिक सिस्टम दबाव में आया, लेकिन टूटा नहीं

नई दिल्ली2 घंटे पहले कॉपी लिंक कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने देश में हाल ही में हुए Gen-Z विरोध प्रदर्शनों को लेकर देश की तारीफ की। उन्होंने कहा कि भारत का राजनीतिक सिस्टम दबाव में आया, लेकिन टूटा नहीं। यही भारत के लोकतांत्रिक व्यवस्था की खासियत है। थरूर ने यह बात NDTV एक कार्यक्रम में […]

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आरती जेरथ का कॉलम: देश को विपक्ष से सकारात्मक बातों की भी अपेक्षा होती है

पिछले सप्ताह राजधानी दिल्ली में ‘रचनात्मक कांग्रेस’ के एक कार्यक्रम में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं के दौरान दुनिया के नेताओं को गले लगाने की आदत का मजाक उड़ाया। अपेक्षाकृत युवा दर्शक इस मजाक पर हंसे जरूर, लेकिन बात तब अरुचिकर हो गई, जब कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने इसमें इटली […]

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पवन के. वर्मा का कॉलम: हमारी राजनीति में हमेशा ही विसंगतियां क्यों बनी रहती हैं?

हमें स्वीकारना होगा कि हमारे लोकतंत्र के केंद्र में एक विरोधाभास है। हम इसमें व्याप्त विसंगतियों का विरोध तो करते हैं, लेकिन शायद ही कभी पूछते हैं कि वे क्यों बनी रहती हैं। भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, परीक्षा में अनियमितताओं, महंगाई, आरक्षण, हिंसा और अन्याय जैसे मुद्दों को लेकर समय-समय पर आंदोलन खड़े तो होते हैं, लेकिन […]

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प्रियदर्शन का कॉलम: चुनाव लड़ना ज्यादा जरूरी है या देश में कोई बदलाव लाना?

Hindi News Opinion Priyadarshan Column | CJP Political Party Debate & India Election Analysis 9 घंटे पहले कॉपी लिंक प्रियदर्शन लेखक और पत्रकार क्या सीजेपी को अब एक राजनीतिक दल बन जाना चाहिए? इसके पक्ष में कई तर्क दिए जा रहे हैं। उसके साथ युवाओं का व्यापक समर्थन और लगाव दिख रहा है। वह प्रतिरोध […]

मिन्हाज मर्चेंट का कॉलम:  स्वस्थ राजनीति वही है जिसमें सकारात्मकता पर फोकस हो
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मिन्हाज मर्चेंट का कॉलम: स्वस्थ राजनीति वही है जिसमें सकारात्मकता पर फोकस हो

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के पास भारत के लिए एक दृष्टि जरूर हो सकती है, लेकिन वो क्या है ये स्पष्ट रूप से पता नहीं चलती। विपक्ष के नेता बनने के बाद दिए गए वक्तव्यों में उन्होंने भारत के बारे में अपनी सोच को स्पष्ट रूप से सामने नहीं रखा है। उन्होंने […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  सत्ता अपना विरोध सुने और विरोधी अपनी मर्यादा न खोए
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: सत्ता अपना विरोध सुने और विरोधी अपनी मर्यादा न खोए

Hindi News Opinion Pt Vijayshankar Mehta Column | Power Opposition Ethics & Democracy Debate 1 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता इन दिनों देश में आंदोलनों का उत्सव चल रहा है। कभी छात्र, कभी किसान तो कभी विपक्ष अनुष्ठान की तरह आंदोलन कर रहा है। सब अपने-अपने स्तर पर यह समझाने की कोशिश कर […]

राजदीप सरदेसाई का कॉलम:  सीजेपी ‘प्रेशर-ग्रुप’ ही बनी रहेगी या फिर राजनीति में भी उतरेगी?
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राजदीप सरदेसाई का कॉलम: सीजेपी ‘प्रेशर-ग्रुप’ ही बनी रहेगी या फिर राजनीति में भी उतरेगी?

Hindi News Opinion Rajdeep Sardesai Column | Will CJP Remain Pressure Group Or Join Politics? 7 घंटे पहले कॉपी लिंक राजदीप सरदेसाई वरिष्ठ पत्रकार कभी-कभार असंभव लगने वाली कहानियां भी रहस्यमयी रूप से सच हो जाती हैं। हर दिन करोड़ों लोग सिस्टम को बदलने का सपना देखते हैं, लेकिन बहुत कम सफल हो पाते हैं। […]

शेखर गुप्ता का कॉलम:  राजनीति में अब नए विचारों की जरूरत है
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शेखर गुप्ता का कॉलम: राजनीति में अब नए विचारों की जरूरत है

यह आपके राजनीतिक रुझान पर है कि जंतर-मंतर पर जो कुछ हुआ, उसे आप क्रांति मानें या एक आई-गई आंधी। पर इतना तो निश्चित रूप से हुआ कि पहली बार सरकार के खिलाफ सीधा जनाक्रोश उभरा और उसकी खुली निंदा हुई। 20 जुलाई के बाद सरकार ने अगर तत्परता से कदम उठाए तो इसकी असली […]

संजय कुमार का कॉलम:  उपचुनावों के परिणाम भाजपा को सोचने पर मजबूर करेंगे
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संजय कुमार का कॉलम: उपचुनावों के परिणाम भाजपा को सोचने पर मजबूर करेंगे

बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के नतीजों ने कुछ को चौंकाया है, तो कुछ को सोचने के लिए मजबूर कर दिया है। आमतौर पर उपचुनावों में मतदाता सत्तारूढ़ दल या गठबंधन के पक्ष में मतदान करते रहे हैं। इस तर्क के आधार पर बांकीपुर में भाजपा ही मतदाताओं की पहली पसंद होनी चाहिए थी, लेकिन […]

आशुतोष वार्ष्णेय का कॉलम:  नागरिक कौन है, इसी से तय होगा कि अधिकार किसे मिलेंगे
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आशुतोष वार्ष्णेय का कॉलम: नागरिक कौन है, इसी से तय होगा कि अधिकार किसे मिलेंगे

चुनाव आयोग का कहना है कि वही लोग वोट डाल सकेंगे, जो नागरिकता साबित कर सकेंगे। यह व्यवस्था पहले ही बिहार और बंगाल में लागू की जा चुकी है। अब इसे देश में लागू करने की बात हो रही है। यहां 4 सवाल हैं। नागरिकता का मतलब क्या है? क्या नागरिकता तय करने के कई […]

राजदीप सरदेसाई का कॉलम:  साजिश के सिद्धांतों को कभी सच्चाई पर हावी ना होने दें
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राजदीप सरदेसाई का कॉलम: साजिश के सिद्धांतों को कभी सच्चाई पर हावी ना होने दें

Hindi News Opinion Rajdeep Sardesai Column | Conspiracy Theories Vs Truth In Delhi Politics 6 घंटे पहले कॉपी लिंक राजदीप सरदेसाई वरिष्ठ पत्रकार दिल्ली के सत्ता गलियारों में ​साजिश के सिद्धांत (कॉन्स्पिरेसी थ्योरीज़) हमेशा फलते-फूलते रहे हैं। लेकिन आज के अत्यधिक ध्रुवीकृत भारत में वे केवल गपशप भर नहीं रह गए हैं। अब वे राजनीतिक […]

शेखर गुप्ता का कॉलम:  कांग्रेस के उभार की सम्भावना कितनी है?
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शेखर गुप्ता का कॉलम: कांग्रेस के उभार की सम्भावना कितनी है?

Hindi News Opinion Shekhar Gupta Column | Congress Revival Prospect & BJP Political Strategy 4 घंटे पहले कॉपी लिंक शेखर गुप्ता, एडिटर-इन-चीफ, ‘द प्रिन्ट’ हाल ही में मैंने अपने एक कॉलम में लिखा था कि लोकसभा में अल्पमत में होने के बावजूद भाजपा देश को एकदलीय व्यवस्था की ओर ले जा रही है। लेकिन इसका […]

संजय कुमार का कॉलम:  राजनीति में उपचुनावों का ट्रेंड किस ओर इशारा करता है?
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संजय कुमार का कॉलम: राजनीति में उपचुनावों का ट्रेंड किस ओर इशारा करता है?

भारत में उपचुनाव तभी कराए जाते हैं, जब किसी विधानसभा या लोकसभा सीट के रिक्त हो जाने के बाद अगला चुनाव होने में छह माह से अधिक का समय शेष हो। लेकिन लोगों का ध्यान कुछ उपचुनाव ही खींच पाते हैं। वर्तमान में तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव प्रस्तावित हैं। इनमें बिहार की बांकीपुर, मध्य […]

नीरजा चौधरी का कॉलम:  क्षेत्रीय दलों में आज दिखाई दे रही अंदरूनी टूट अभूतपूर्व है
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नीरजा चौधरी का कॉलम: क्षेत्रीय दलों में आज दिखाई दे रही अंदरूनी टूट अभूतपूर्व है

तृणमूल कांग्रेस का हैरान करने वाला विघटन बंगाल से ज्यादा दिल्ली में भाजपा को मजबूत करने से जुड़ा है। महाराष्ट्र के विपरीत- जहां 2022 में शिवसेना में विभाजन और बाद में एनसीपी में टूट सरकार बनाने के लिए जरूरी था- बंगाल में ऐसी स्थिति नहीं थी। यहां भाजपा ने वैसे भी अपने दम पर दो-तिहाई […]

राजदीप सरदेसाई का कॉलम:  क्या कांग्रेस से टूटकर बने दलों को उसमें लौट आना चाहिए?
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राजदीप सरदेसाई का कॉलम: क्या कांग्रेस से टूटकर बने दलों को उसमें लौट आना चाहिए?

भारतीय सिनेमा में सीक्वेल शायद ही सफल होते हैं। आमतौर पर दर्शक मूल फिल्म देख चुके होते हैं, नयापन खत्म हो जाता है और कहानी बासी लगने लगती है। इसीलिए ‘इंडिया-2.0’ का फिर से साथ आना बमुश्किल ही यह भरोसा जगाता है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को अप्रत्याशित चुनौती देने वाला गठबंधन […]

नवनीत गुर्जर का कॉलम:  आज की राजनीति और बिखरती पार्टियां
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नवनीत गुर्जर का कॉलम: आज की राजनीति और बिखरती पार्टियां

तर्क का अंत हो गया है। बुद्धि थक गई है। राजनीति की निर्णय-क्षमता पंगु हो गई है। इसलिए, सिर्फ इसलिए, हठ पर विजय नहीं मिल पा रही। एक वीरप्पन सालों-साल लोगों को मारता रहता है और राजनीति यह होने देती है। नक्सलवादी हमें भीतर तक चीरते रहते हैं, और सरकारें यह देखती रहती हैं। राजनीति […]