रीटा कोठारी का कॉलम:  चीजों के पूरा होने और उनके धीरे-धीरे खुलने में फर्क है
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रीटा कोठारी का कॉलम: चीजों के पूरा होने और उनके धीरे-धीरे खुलने में फर्क है

Hindi News Opinion Reeta Kothari Column | Understanding Half Love & Modern Relationships 5 घंटे पहले कॉपी लिंक रीटा कोठारी अशोका यूनिवर्सिटी में अंग्रेजी की प्रोफेसर और भाषाविद् ‘प्यार’ कोई भौतिक चीज नहीं है। इसलिए जब हम ‘आधा इश्क’ या ‘हाफ लव’ कहते हैं, तो इसका क्या अर्थ होता है? जब प्यार या इश्क ‘आधा’ […]

रीटा कोठारी का कॉलम:  हर भाषा की अपनी गरिमा है, कभी उसे नीचा ना दिखाएं
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रीटा कोठारी का कॉलम: हर भाषा की अपनी गरिमा है, कभी उसे नीचा ना दिखाएं

भाषा एक घर है। चाहे उसे कुछ लोग कुटिया कहें या कोठी। रहने वालों के लिए वह एक शरण है, जिसमें हमारे जज्बों को, विचारों को अभिव्यक्ति का सामान मिलता है। अगर कुछ सामान उसमें न हो तो हम दूसरी भाषाओं से ले आते हैं और उनको लौटाते नहीं, अपने घर में जोड़ लेते हैं। […]

रीटा कोठारी का कॉलम:  हमारी घरेलू बातचीत में किस सीमा तक फलसफे समाए हैं?
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रीटा कोठारी का कॉलम: हमारी घरेलू बातचीत में किस सीमा तक फलसफे समाए हैं?

मेरे मायके की शब्दावली सत्संग से आती है। जब किसी की मृत्यु होती है तो हमारे यहां कहा जाता है- ‘उनका शरीर शांत हो गया है।’ जिस सिंधी कौम ने बंटवारे के दुःख देखे हों, तरह-तरह के व्यापारों में हाथ डालकर कभी कामयाबी तो कभी बेहद नुकसान उठाए हों, वह मृत्यु और बीमारियों से जल्दी […]

रीटा कोठारी का कॉलम:  क्या हम कभी केवल अपनी ही कहानी सुना सकते हैं?
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रीटा कोठारी का कॉलम: क्या हम कभी केवल अपनी ही कहानी सुना सकते हैं?

साहित्य के इतिहास में एक खूब जाना-माना वाक्य है- ‘द पास्ट इज अ डिफ्रेंट कंट्री, दे डु थिंग्स डिफ्रेंटली देयर’ (‘अतीत एक अलग देश है, जिसका अपना भूगोल है, अपने रीति-रिवाज हैं’)। 1953 में हार्टले द्वारा लिखे गए उपन्यास ‘द गो-बिटवीन’ का यह पहला वाक्य है। यहां अतीत को दूसरा देश कहकर शायद हमें बताया […]

रीता कोठारी का कॉलम:  अपने अनुभवों के लिए हमारे पास क्या हमेशा शब्द होते हैं?
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रीता कोठारी का कॉलम: अपने अनुभवों के लिए हमारे पास क्या हमेशा शब्द होते हैं?

कई साल पहले मैं अपनी चाची को एक प्रख्यात होम्योपैथ के पास ले गई थी। जैसा कि होम्योपैथी में अकसर होता है, मेरी चाची से कई सवाल पूछे गए- आप कहां रहती हो, घर में कौन-कौन है, आप को चिंता करने की आदत है, आप गुस्से में आ जाती हो या नहीं? मेरे परिवार के […]